Jharkhand


झारखंड के अभ्यर्थियों के लिए बड़ी खबर है. राज्य में आगामी 10 मई 2026 को आयोजित होने वाली B.Ed, M.Ed एवं B.P.Ed संयुक्त प्रवेश प्रतियोगिता परीक्षा को स्थगित कर दिया गया है. झारखंड संयुक्त प्रवेश प्रतियोगिता परीक्षा पर्षद (JCECEB) ने अपरिहार्य कारणों का हवा

News Pratyaksh | Updated : Wed 06th May 2026, 12:02 pm
झारखंड के अभ्यर्थियों के लिए बड़ी खबर है. राज्य में आगामी 10 मई 2026 को आयोजित होने वाली B.Ed, M.Ed एवं B.P.Ed संयुक्त प्रवेश प्रतियोगिता परीक्षा को स्थगित कर दिया गया है. झारखंड संयुक्त प्रवेश प्रतियोगिता परीक्षा पर्षद (JCECEB) ने अपरिहार्य कारणों का हवाला देते हुए परीक्षा को अगले आदेश तक टालने का निर्णय लिया है. इस संबंध में पर्षद ने मंगलवार को आधिकारिक सूचना जारी कर दी. जारी नोटिस के अनुसार, पहले यह परीक्षा 10 मई 2026 (रविवार) को राज्य के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर आयोजित होनी थी, लेकिन अब इस तिथि को परीक्षा नहीं ली जाएगी. पर्षद ने स्पष्ट किया है कि नई परीक्षा तिथि की घोषणा बाद में की जाएगी, जिसकी जानकारी अभ्यर्थियों को आधिकारिक वेबसाइट और समाचार पत्रों के माध्यम से दी जाएगी.परीक्षा स्थगित होने से हजारों अभ्यर्थियों में असमंजस की स्थिति बन गई है. कई छात्र लंबे समय से इस परीक्षा की तैयारी कर रहे थे और अंतिम चरण की तैयारी में जुटे थे. अचानक परीक्षा टलने से उनकी रणनीति पर असर पड़ा है, हालांकि पर्षद के इस निर्णय को देखते हुए अभ्यर्थियों को अब अतिरिक्त समय मिल गया है, जिसका उपयोग वे अपनी तैयारी को और मजबूत करने में कर सकते हैं.

जोड़ापोखर थाना क्षेत्र के जियलगोरा के पास एक भीषण सड़क हादसे में एक महिला की मौके पर ही मौत हो गई. जबकि एक ही परिवार के छह लोग गंभीर रूप से घायल हो गए. सभी घायलों का अलग-अलग अस्पतालों में इलाज चल रहा है. धनबाद के जोड़ापोखर थाना क्षेत्र अंतर्गत जियलगोरा क

News Pratyaksh | Updated : Mon 04th May 2026, 12:11 pm
जोड़ापोखर थाना क्षेत्र के जियलगोरा के पास एक भीषण सड़क हादसे में एक महिला की मौके पर ही मौत हो गई. जबकि एक ही परिवार के छह लोग गंभीर रूप से घायल हो गए. सभी घायलों का अलग-अलग अस्पतालों में इलाज चल रहा है. धनबाद के जोड़ापोखर थाना क्षेत्र अंतर्गत जियलगोरा के समीप एक ऑटो और ट्रेलर के बीच हुई जोरदार टक्कर ने एक परिवार की खुशियों को मातम में बदल दिया. इस हादसे में ऑटो में सवार राजमणि देवी की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि चालक समेत छह लोग घायल हो गए हैं. घायल सभी लोग बोकारो जिले के चंदनकियारी थाना क्षेत्र के अमलाबाद के रहने वाले हैं.बताया जा रहा है कि परिवार के सभी सदस्य सासाराम-डेहरी में आयोजित एक शादी समारोह में शामिल होने के लिए घर से निकले थे और धनबाद स्टेशन से ट्रेन पकड़ने जा रहे थे. घटना में घायल परिवार के मुखिया परमेश्वर ठाकुर, जिन्हें सिर और छाती में गंभीर चोटें आई हैं, फिलहाल एसएनएमएमसीएच में इलाजरत हैं.उन्होंने बताया कि जियलगोरा के पास पीछे से आ रहे तेज रफ्तार ट्रेलर ने ऑटो को जोरदार टक्कर मार दी. टक्कर इतनी भीषण थी कि ऑटो में बैठे लोग उछलकर सड़क पर जा गिरे. ऑटो में परमेश्वर ठाकुर की पत्नी राजमणि देवी, भाई का बेटा कृष्ण कुमार ठाकुर, भाई की पत्नी मौसम कुमारी और नतनी सोनम सुमन सवार थे.

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को रेणुकास्वामी मर्डर केस में कन्नड़ एक्टर दर्शन और दूसरों के खिलाफ ट्रायल कर रही बेंगलुरु कोर्ट से कहा कि वह कार्रवाई की प्रगति विवरण में एक स्टेटस रिपोर्ट (स्थिति रिपोर्ट) जमा करे, जिसमें उन गवाहों की संख्या बताई जाए जिनसे पूछताछ

News Pratyaksh | Updated : Mon 04th May 2026, 12:09 pm
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को रेणुकास्वामी मर्डर केस में कन्नड़ एक्टर दर्शन और दूसरों के खिलाफ ट्रायल कर रही बेंगलुरु कोर्ट से कहा कि वह कार्रवाई की प्रगति विवरण में एक स्टेटस रिपोर्ट (स्थिति रिपोर्ट) जमा करे, जिसमें उन गवाहों की संख्या बताई जाए जिनसे पूछताछ की गई, जिनकी सुनवाई होनी बाकी है, और केस पूरा होने में लगने वाला अनुमानित समय शामिल हो.यह मामला जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस विजय बिश्नोई की बेंच के सामने सुनवाई के लिए आया. बेंच ने दर्शन की उस रिट याचिका पर नोटिस जारी किया जिसमें केस में बेल की मांग की गई थी.सुनवाई के दौरान, दर्शन की ओर से पेश सीनियर वकील मुकुल रोहतगी ने कहा कि जब से सुप्रीम कोर्ट ने 14 अगस्त, 2025 को बेल खारिज की है, तब से याचिकाकर्ता ने कुल मिलाकर एक साल जेल में बिताया है.बेंच के सामने यह दलील दी गई कि उन्हें वे बुनियादी सुविधाएं नहीं दी गईं जो एक अंडरट्रायल कैदी को दी जाती हैं. रोहतगी ने कहा कि उनके मुवक्किल को सुप्रीम कोर्ट के आदेश की वजह से क्वारंटाइन सेल में रखा गया था और उन्होंने कहा, "मुझे बेसिक सुविधाएं भी नहीं मिल पा रही हैं.दलीलें सुनने के बाद, बेंच ने कर्नाटक सरकार को नोटिस जारी किया. बेंच ने अपनी रजिस्ट्री को सेशंस केस के स्टेटस के बारे में बेंगलुरु कोर्ट से एक रिपोर्ट मांगने का भी निर्देश दिया.

परसुडीह थाना क्षेत्र में एक युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने इलाके में सनसनी फैला दी है। 21 अप्रैल से लापता छोटा गोविंदपुर निवासी मंगल तिवारी का शव 26 अप्रैल को एक नाले के पास गड्ढे से बरामद किया गया। शव मिलने के बाद परिजनों ने हत्या कर साक्ष्य

News Pratyaksh | Updated : Fri 01st May 2026, 12:39 pm
परसुडीह थाना क्षेत्र में एक युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने इलाके में सनसनी फैला दी है। 21 अप्रैल से लापता छोटा गोविंदपुर निवासी मंगल तिवारी का शव 26 अप्रैल को एक नाले के पास गड्ढे से बरामद किया गया। शव मिलने के बाद परिजनों ने हत्या कर साक्ष्य छिपाने का आरोप लगाया है। मृतक की पहचान सुभाष नगर (छोटा गोविंदपुर) निवासी मंगल तिवारी के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, मंगल 21 अप्रैल की दोपहर करीब एक बजे अपने घर से दोस्तों से मिलने की बात कहकर गोविंदपुर हाल्ट की ओर निकला था। उसके साथ एक अन्य युवक भी देखा गया था। जब वह देर शाम तक घर नहीं लौटा, तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। रात होते-होते मंगल का मोबाइल फोन भी बंद हो गया।मामले में मोड़ तब आया जब 22 अप्रैल को परिजनों ने मंगल के नंबर पर दोबारा कॉल किया। इस बार फोन एक अज्ञात व्यक्ति ने उठाया, जिसने खुद को सैलून संचालक बताया। उसने दावा किया कि उसे यह मोबाइल रास्ते में गिरा हुआ मिला था। परिजन मोबाइल लेकर घर तो आ गए, लेकिन मंगल का कोई अता-पता नहीं चला।मंगल के परिजनों का कहना है कि जिस रात वह लापता हुआ, उसके कुछ दोस्त नशे की हालत में घर आए थे। परिजनों को शक है कि मंगल की मौत में उसके दोस्तों का हाथ हो सकता है। शव की स्थिति को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। परिजनों का तर्क है कि जिस गड्ढे से शव मिला, वहां पानी बहुत कम था, इसलिए डूबने की कोई संभावना नहीं है। उन्हें अंदेशा है कि हत्या करने के बाद साक्ष्य मिटाने के लिए शव को वहां फेंका गया।

#newspratyaksh #jharkhand राज्य के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल रिम्स में कार्यरत डॉक्टर और कर्मियों के सामने गंभीर वेतन संकट खड़ा हो गया है। पिछले दो माह से वेतन नहीं मिलने के कारण डॉक्टरों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। मई माह के वेतन पर भी संशय के बादल छाए

News Pratyaksh | Updated : Fri 01st May 2026, 12:39 pm
#newspratyaksh #jharkhand राज्य के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल रिम्स में कार्यरत डॉक्टर और कर्मियों के सामने गंभीर वेतन संकट खड़ा हो गया है। पिछले दो माह से वेतन नहीं मिलने के कारण डॉक्टरों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। मई माह के वेतन पर भी संशय के बादल छाए हुए हैं।बताया जा रहा है कि ट्रेजरी से जुड़े घोटाले और जांच के कारण भुगतान प्रक्रिया बाधित हो गई है, जिससे रिम्स के लगभग 600 डॉक्टरों और कर्मियों पर सीधा असर पड़ा है।डॉक्टरों का कहना है कि वे पूरी निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ मरीजों की सेवा कर रहे हैं, लेकिन समय पर वेतन नहीं मिलने से उनकी आर्थिक स्थिति डगमगा रही है। एक डॉक्टर ने कहा कि बच्चों की स्कूल फीस, घर का खर्च और बैंक के ईएमआई जैसे जरूरी भुगतान प्रभावित हो रहे हैं। समय पर लोन जमा नहीं होने के कारण बैंक पेनाल्टी चार्ज भी लगा रहे हैं, जिससे अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ रहा है।सूत्रों के अनुसार ट्रेजरी में कथित घोटाले की जांच चल रही है, जिसके कारण भुगतान प्रणाली को अस्थायी रूप से रोक दिया गया है। इसका असर सिर्फ रिम्स तक सीमित नहीं है, बल्कि अन्य सरकारी विभागों में भी एक माह तक का वेतन लंबित बताया जा रहा है। वहीं, रांची के सदर अस्पताल में भी आंशिक प्रभाव देखने को मिल रहा है, जहां टुकड़ों में फंड आवंटन किया जा रहा है।लंबे समय तक वेतन न मिलने की स्थिति स्वास्थ्य सेवाओं पर भी असर पड़ रहा है। डाक्टर मानसिक दबाव में काम करेंगे, तो इसका असर मरीजों की देखभाल पर पड़ना स्वाभाविक है। ऐसे में सरकार और प्रबंधन के लिए यह जरूरी हो जाता है कि वे जल्द से जल्द समाधान निकालें। सिर्फ डॉक्टर ही नहीं, बल्कि अन्य स्वास्थ्यकर्मी भी इस संकट से जूझ रहे हैं। कई कर्मियों का कहना है कि रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करना मुश्किल हो रहा है। महंगाई के इस दौर में वेतन रुकना उनके लिए बड़ी चुनौती बन गया है। रिम्स जैसे महत्वपूर्ण संस्थान में वेतन भुगतान की यह स्थिति न केवल कर्मचारियों के मनोबल को प्रभावित कर रही है, बल्कि स्वास्थ्य व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर रही है। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि सरकार और संबंधित विभाग इस समस्या का समाधान कब तक निकालते हैं।

हाई कोर्ट के जस्टिस एसएन प्रसाद और जस्टिस संजय प्रसाद की अदालत में हिरासत में कथित यातना और मौत के मामले में दाखिल याचिका पर गुरुवार को सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से जेल से युवक के स्वास्थ्य संबंधी दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए दो सप्ताह का स

News Pratyaksh | Updated : Fri 01st May 2026, 12:38 pm
हाई कोर्ट के जस्टिस एसएन प्रसाद और जस्टिस संजय प्रसाद की अदालत में हिरासत में कथित यातना और मौत के मामले में दाखिल याचिका पर गुरुवार को सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से जेल से युवक के स्वास्थ्य संबंधी दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए दो सप्ताह का समय मांगा।कहा गया कि जेल अधीक्षक के सेवानिवृत्त होने के कारण युवक के स्वास्थ्य से संबंधित दस्तावेज उपलब्ध नहीं हो सका है। उसे मंगवाने के लिए समय चाहिए। इस पर कोर्ट ने कड़ी नाराजगी जताते करते हुए मौखिक कहा कि दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए बहाना नहीं बनाएं।अदालत ने 5 मई तक हर हाल में दस्तावेज पेश करने को कहा है। यदि दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया गया तो जेल आइजी और गृह सचिव को व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित होना पड़ेगा। मामले में सीजेएम पलामू ने मृतक युवक के खिलाफ दर्ज केस का मूल रिकॉर्ड प्रस्तुत किया गया।पिछली सुनवाई के दौरान कोर्ट के समक्ष यह बात सामने आई थी कि युवक को रिमांड पर लेने के लिए पलामू सीजेएम कोर्ट के यहां अस्पताल का प्रमाण पत्र दिया गया था उसमें कस्टडी के लिए फिट लिखा हुआ था, जिसके आधार पर पुलिस ने उसे रिमांड पर लिया था। लेकिन सरकार के शपथ पत्र में छह मार्च 2025 को युवक का एक अन्य फिटनेस से संबंधित कागजात है, जिसमें युवक को घायल बताया गया है।कोर्ट ने इसको गंभीरता से लिया और सीजेएम पलामू से युवक के केस का मूल रिकार्ड मांगा था। प्रार्थी की ओर से अदालत को बताया था कि एक मार्च 2025 को युवक महफूज अहमद को नवाबाजार में पुलिस पकड़ कर ले गई थी। हिरासत में लेकर उसके साथ मारपीट की गई।बाद में उसके खिलाफ पांकी थाना में केस दर्ज कर सीजेएम कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया गया। उस दौरान सीजेएम कोर्ट में पुलिस ने अस्पताल का एक सर्टिफिकेट भी प्रस्तुत किया था ,जिसमें युवक के घायल होने के बाद भी उसे फिट फार कस्टडी बताया गया था।
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