Jharkhand


पूर्वी चंपारण जिले के मधुबन थाना क्षेत्र अंतर्गत दुलमा पंचायत के वार्ड संख्या–5 में गैस सिलेंडर से लगी आग ने तबाही मचा दी. मिडिल स्कूल के सामने स्थित दलित बस्ती में आग की चपेट में आकर तीन घर जलकर राख हो गए. घटना में घरेलू सामान, अनाज, कपड़े और नकदी सहित ल

News Pratyaksh | Updated : Tue 23rd Dec 2025, 12:04 pm
पूर्वी चंपारण जिले के मधुबन थाना क्षेत्र अंतर्गत दुलमा पंचायत के वार्ड संख्या–5 में गैस सिलेंडर से लगी आग ने तबाही मचा दी. मिडिल स्कूल के सामने स्थित दलित बस्ती में आग की चपेट में आकर तीन घर जलकर राख हो गए. घटना में घरेलू सामान, अनाज, कपड़े और नकदी सहित लाखों रुपये की क्षति का अनुमान है. पीड़ित परिवारों ने बताया कि वे चोरमा गैस एजेंसी से नया गैस सिलेंडर लेकर घर पहुंचे थे. सिलेंडर में पहले से गैस लीक होने की आशंका थी. रेगुलेटर लगाने के बाद माचिस की तीली जलाकर जांच की गई, इसी दौरान अचानक आग भड़क उठी. देखते ही देखते लपटें पूरे घर में फैल गईं और आग ने पास के दो अन्य घरों को भी अपनी चपेट में ले लिया.

झारखंड में क्रिसमस और नववर्ष की तैयारी जोर शोर से चल रही है.

News Pratyaksh | Updated : Tue 23rd Dec 2025, 12:00 pm
झारखंड में क्रिसमस और नववर्ष की तैयारी जोर शोर से चल रही है. बाजार गुलजार हैं. लेकिन शीतलहर और कोहरे ने जीवन की रफ्तार पर ब्रेक लगा दी है. घर से बुजुर्गों और बच्चों का निकलना मुश्किल हो गया है. स्कूल जाने वाले बच्चों को काफी परेशानी हो रही है. अस्पतालों से ठंड से प्रभावित मरीजों की संख्या बढ़ गई है. मौसम केंद्र, रांची ने झारखंडवासियों से सावधानी बरतने की अपील की है. दिन में भी सिहरन हो रही है. राज्य के ज्यादातर इलाकों में शीतलहर चल रही है.मौसम केंद्र, रांची की ओर से 23 दिसंबर की सुबह जारी रिपोर्ट के मुताबिक सबसे ज्यादा ठंड लोहरदगा में रिकॉर्ड हुआ है. यहां का न्यूनतम पारा 5.4 डिग्री रहा है. वहीं रांची में 9.5 डिग्री, डाल्टनगंज में 7.5 डिग्री, बोकारो में 9.5 डिग्री, कोडरमा में 9.7 डिग्री, गुमला में 8.5 डिग्री, हजारीबाग में 6.9 डिग्री, खूंटी में 8.0 डिग्री, लातेहार में 9.1 डिग्री और पश्चिमी सिंहभूम में 9.9 डिग्री न्यूनतम तापमान रहा है.राज्य के आठ जिलों के लिए शीतलहर और कोहरा को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. इनमें गढ़वा, पलामू, लातेहार, लोहरदगा, चतरा, कोडरमा, हजारीबाग और रामगढ़ जिला शामिल हैं. इसके अलावा 12 जिलों में धुंध और घना कोहरा को लेकर येलो अलर्ट जारी हुई है. इनमें रांची, गुमला, सिमडेगा, खूंटी, पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला, बोकारो, गिरिडीह, धनबाद, देवघर और जामताड़ा जिला शामिल हैं.मौसम केंद्र के मुताबिक अगले 26 जनवरी तक ठंड से राहत मिलने की संभावना नहीं है. इस दौरान सुबह के वक्त धुंध और कोहरा देखने को मिलेगा. बाद में आसमान साफ रहेगा. राज्य के उत्तरी और मध्य भागों में शीतलहर चल रही है. हालांकि 22 दिसंबर की तुलना में अधिकतम तापमान में थोड़ा सुधार हुआ है. फिर भी रांची समेत 13 जिले ऐसे हैं, जहां अधिकतम तापमान 25 डिग्री से नीचे है. घना कोहरा की वजह से 23 दिसंबर को रांची की विजिबिलिटी 50 मीटर रिकॉर्ड हुई है. जबकि डाल्टनगंज में 300 मीटर और देवघर में 400 मीटर रही है.

साहिबगंज की वीर स्थली भोगनाडीह में हर साल 22 दिसंबर को आयोजित होने वाला संथाल परगना स्थापना दिवस कार्यक्रम स्थगित हो गया है. इसके लिए पूर्व सीएम सह भाजपा नेता चंपाई सोरेन ने राज्य सरकार और जिला प्रशासन पर निशना साधा है. उन्होंने कहा है कि जिला प्रशासन की

News Pratyaksh | Updated : Mon 22nd Dec 2025, 10:45 am
साहिबगंज की वीर स्थली भोगनाडीह में हर साल 22 दिसंबर को आयोजित होने वाला संथाल परगना स्थापना दिवस कार्यक्रम स्थगित हो गया है. इसके लिए पूर्व सीएम सह भाजपा नेता चंपाई सोरेन ने राज्य सरकार और जिला प्रशासन पर निशना साधा है. उन्होंने कहा है कि जिला प्रशासन की तानाशाही शर्तों के कारण शहीद वीर सिदो कान्हू हूल फाउंडेशन कार्यक्रम स्थगित करना पड़ा है. उन्होंने चुनौती दी है कि 30 जून, 2026 को हूल दिवस के दिन झारखंड, बंगाल, बिहार एवं ओडिशा से लाखों आदिवासी समाज के लोग रथ के साथ भोगनाडीह पहुंचेंगे. अगर सरकार में ताकत हो, तो हमें रोक के दिखाए.शहीद के वंशज मंडल मुर्मू के मुताबिक, शर्तों को देखकर ऐसा प्रतीत होता है कि प्रशासन जान बूझकर आयोजनकर्ताओं को किसी विवाद या रंजिश में फंसाना चाहती थी. लिहाजा, विचार-विमर्श के बाद आयोजन स्थगित करना पड़ा.पूर्व सीएम चंपाई सोरेन ने कहा कि उन्होंने भोगनाडीह जाने की पूरी तैयारी कर ली थी. लेकिन प्रशासन की शर्तों की वजह से ऐन मौके पर कार्यक्रम स्थगित करना पड़ा. दो हफ्ते तक कार्यक्रम की अनुमति के आवेदन को लटकाने के बाद, 20 दिसंबर को जिला प्रशासन ने इसके लिए दर्जन भर मजिस्ट्रेट की नियुक्ति करते हुए कई उल्टी-सीधी शर्तें लगा दी. उन्होंने इसे एक साजिश करार दिया. कहा कि प्रशासन की यही मंशा थी कि शर्तों की आड़ में दमनात्मक कार्रवाई की जा सके.

मानवता को झकझोर देने वाली एक बेहद दुःखद और शर्मनाक घटना पश्चिमी सिंहभूम जिले से सामने आई है. इस घटना ने स्वास्थ्य सिस्टम को सवाल के कटघरे में खड़ा कर दिया है. एक परिजन अपने बच्चे का इलाज कराने सदर अस्पताल पहुंचे. जहां बच्चे की जान तो नहीं बच सकी लेकिन मास

News Pratyaksh | Updated : Sat 20th Dec 2025, 06:16 am
मानवता को झकझोर देने वाली एक बेहद दुःखद और शर्मनाक घटना पश्चिमी सिंहभूम जिले से सामने आई है. इस घटना ने स्वास्थ्य सिस्टम को सवाल के कटघरे में खड़ा कर दिया है. एक परिजन अपने बच्चे का इलाज कराने सदर अस्पताल पहुंचे. जहां बच्चे की जान तो नहीं बच सकी लेकिन मासूम को आखिर में शव वाहन भी नसीब नहीं हुआ. जिसके चलते परिजन को अपने बच्चे का शव एक थैले में डालकर गांव ले जाना पड़ा.प्राप्त जानकारी के अनुसार, डिम्बा चतोम्बा अपने बच्चे की तबीयत अचानक बिगड़ने पर उसे इलाज के लिए चाईबासा सदर अस्पताल लेकर पहुंचे थे. परिजनों को उम्मीद थी कि अस्पताल में बेहतर इलाज मिलेगा, लेकिन इलाज के दौरान बच्चे की मौत हो गई. मासूम की मौत के बाद पूरा परिवार गहरे सदमे में चला गया.दरअसल, नोवामुंडी प्रखंड के बालजोड़ी गांव निवासी डिम्बा चतोम्बा को अपने 4 वर्षीय मासूम बच्चे के शव को सम्मान के साथ घर ले जाना था, जिसके लिए शव वाहन नसीब नहीं हुई. मजबूरन टूटे हुए पिता ने बच्चे के शव को थैले में रखकर बस से गांव ले जाने का फैसला किया.

झारखंड पुलिस में तैनात हवलदार की गला रेतकर निर्मम हत्या कर दी गई. यह घटना बिहार के आरा जिले के चांदी थाना क्षेत्र के भगवतपुर गांव में हुई है. मृतक की पहचान भगवतपुर गांव निवासी पशुपति नाथ तिवारी (स्वर्गीय राम सुरेश तिवारी के पुत्र) के रूप में की गई है. वे

News Pratyaksh | Updated : Sat 20th Dec 2025, 06:14 am
झारखंड पुलिस में तैनात हवलदार की गला रेतकर निर्मम हत्या कर दी गई. यह घटना बिहार के आरा जिले के चांदी थाना क्षेत्र के भगवतपुर गांव में हुई है. मृतक की पहचान भगवतपुर गांव निवासी पशुपति नाथ तिवारी (स्वर्गीय राम सुरेश तिवारी के पुत्र) के रूप में की गई है. वे झारखंड के हजारीबाग जिले में चालक हवलदार के पद पर कार्यरत थे.

दिल्ली के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में 14 दिसंबर (रविवार) को होने वाली कांग्रेस की "वोट चोर-गद्दी छोड़" महारैली में शामिल होने के लिए झारखंड से कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं का दिल्ली कूच शुरू हो गया है. झारखंड प्रदेश कांग्रेस ने राज्य से कम से कम पांच हज

News Pratyaksh | Updated : Sat 13th Dec 2025, 10:54 am
दिल्ली के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में 14 दिसंबर (रविवार) को होने वाली कांग्रेस की "वोट चोर-गद्दी छोड़" महारैली में शामिल होने के लिए झारखंड से कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं का दिल्ली कूच शुरू हो गया है. झारखंड प्रदेश कांग्रेस ने राज्य से कम से कम पांच हजार कार्यकर्ताओं को रैली में शामिल कराने का लक्ष्य रखा है. विभिन्न साधनों से कार्यकर्ता दिल्ली पहुंच रहे हैं.झारखंड की कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की शुक्रवार को प्लेन से दिल्ली के लिए रवाना हो गईं. रवाना होने से पहले उन्होंने कहा कि बिहार विधानसभा चुनाव में वोटों की हेराफेरी और SIR (संदिग्ध मतदाता सूची) के जरिए भाजपा ने सत्ता हासिल की है. उन्होंने कहा, "हमारे नेता राहुल गांधी ने बिहार में 'वोट चोर-गद्दी छोड़' अभियान चलाया था, जिसे जबरदस्त सफलता मिली. यदि यह अभियान कुछ और दिन चलता तो आज बिहार का परिणाम कुछ और होता."केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह द्वारा SIR और घुसपैठियों का मुद्दा उठाए जाने पर शिल्पी नेहा तिर्की ने पलटवार किया. उन्होंने कहा, "भाजपा को बताना चाहिए कि घुसपैठिया कौन है? आजादी के समय पाकिस्तान जाने का मौका होने के बावजूद जिनके पूर्वजों ने इसी मिट्टी में रहना चुना, जिनकी नसों में इस देश की हवा-पानी दौड़ता है, उनकी नाभि इस माटी में गड़ी है– उन्हें आज रोहिंग्या या घुसपैठिया कहना सरासर गलत है."उन्होंने आगे कहा, "अंतरराष्ट्रीय सीमा की सुरक्षा केंद्र सरकार की जिम्मेदारी है. 11 साल से देश में भाजपा की सरकार है, फिर बांग्लादेशी या कोई विदेशी सीमा पार करके कैसे आ रहा है? यह किसकी नाकामी है?"