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बुधवार को शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 502.82 अंक उछलकर 84,374.14 पर कारोबार कर रहा था. वहीं निफ्टी 144.05 अंक बढ़कर 25,839 पर पहुंच गया

News Pratyaksh | Updated : Wed 12th Nov 2025, 12:15 pm
बुधवार को शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 502.82 अंक उछलकर 84,374.14 पर कारोबार कर रहा था. वहीं निफ्टी 144.05 अंक बढ़कर 25,839 पर पहुंच गया. वहीं कारोबार के दौरान अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 15 पैसे गिरकर 88.65 पर आ गया.इस तरह से देखें तो मजबूत वैश्विक संकेतों और भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर आशावाद के चलते शुरुआती कारोबार में बाजार में तेजी आई है. मजबूत वैश्विक संकेतों के बीच रिलायंस इंडस्ट्रीज, इंफोसिस और भारती एयरटेल जैसी बड़ी कंपनियों में खरीदारी के चलते बुधवार को शुरुआती कारोबार में शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी में तेजी दर्ज की गई.इसके अलावा, कारोबारियों ने कहा कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर आशावाद ने भी निवेशकों की धारणा को बल दिया.शुरुआती कारोबार में 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 464.66 अंक या 0.55 प्रतिशत बढ़कर 84,335.98 पर पहुंच गया. 50 शेयरों वाला एनएसई निफ्टी 134.70 अंक या 0.52 प्रतिशत बढ़कर 25,829.65 पर पहुंच गया.सेंसेक्स की कंपनियों में टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, इटरनल, बजाज फिनसर्व, टेक महिंद्रा, इंफोसिस, भारती एयरटेल, बजाज फाइनेंस, एचसीएल टेक्नोलॉजीज, रिलायंस इंडस्ट्रीज, एक्सिस बैंक, महिंद्रा एंड महिंद्रा और अल्ट्राटेक सीमेंट के शेयरों में बढ़त दर्ज की गई.भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड, हिंदुस्तान यूनिलीवर, मारुति सुजुकी इंडिया, एशियन पेंट्स, आईटीसी, सन फार्मास्युटिकल्स और ट्रेंट लिमिटेड पिछड़ने वालों में शामिल रहे.जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के मुख्य निवेश रणनीतिकार वीके विजयकुमार ने कहा, "भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के जल्द ही अंतिम रूप लेने और एग्जिट पोल में बिहार में एनडीए की निर्णायक जीत के संकेत मिलने से बाजार में सकारात्मक रुख देखने को मिला है. इससे बाजार में तेजी तो आएगी, लेकिन यह बाजार में निर्णायक बढ़त और निरंतर तेजी लाने के लिए पर्याप्त नहीं है."न्होंने कहा कि मौजूदा रुझानों को देखते हुए, एफआईआई द्वारा उच्च स्तरों पर फिर से बिकवाली करने की संभावना है. जब तक एआई व्यापार जारी रहेगा, एफआईआई के निवेश में निरंतर गिरावट की संभावना कम ही है.          

लाल किले के पास सोमवार शाम हुए धमाके के बाद चांदनी चौक और आसपास के इलाकों में अन्य दिनों की तरह मंगलवार की सुबह सामान्य नहीं थीं.

News Pratyaksh | Updated : Tue 11th Nov 2025, 11:47 am
लाल किले के पास सोमवार शाम हुए धमाके के बाद चांदनी चौक और आसपास के इलाकों में अन्य दिनों की तरह मंगलवार की सुबह सामान्य नहीं थीं. सुबह जब दुकानों के शटर खुले तो बाजारों में चर्चा सिर्फ़ विस्फोट पर ही चर्चा हो रही थी. कहीं डर झलक रहा था, तो कहीं सामान्य दिनचर्या लौटाने की कोशिश. पुलिस की घेराबंदी और फोरेंसिक टीमों की मौजूदगी के बीच, ईटीवी भारत की टीम ने वहां मौजूद लोगों से बात की.इलाके में स्थित गौरी शंकर मंदिर है, जहां हर रोज बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं. मंगलवार की सुबह वहां श्रद्धालुओं की संख्या नगण्य रही. मंदिर के पास फूलों की दुकानें सूनी रहीं. विस्फोट के बाद इलाके के हालात को याद करते हुए आदित्य राजपूत ने कहा, "मैं पास के इलाके में था, मैंने ज़ोरदार विस्फोट की आवाज सुनी. मैं तुरंत देखने आया. लोग अपनी जान बचाने के लिए भाग रहे थे." आदित्य ने दावा किया कि विस्फोट इतना ज़ोरदार था कि मानव अवशेष हर जगह बिखर गए. "मैंने देखा कि मानव शरीर के अंग हर जगह बिखरे पड़े थे. जिस समय विस्फोट हुआ, उस समय इलाके में भारी भीड़ थी. विस्फोट के तुरंत बाद दुकानें बंद हो गईं." उन्होंने मांग की कि सरकार को इस विस्फोट में शामिल लोगों को कड़ी सजा देनी चाहिए.

स्वदेशी दोपहिया वाहन निर्माता कंपनी Bajaj Auto ने आधिकारिक तौर पर पुष्टि कर दी है कि कंपनी अपनी साझेदारी कंपनियों KTM और Triumph के साथ मिलकर एक नए 350cc इंजन पर काम कर रही है

News Pratyaksh | Updated : Tue 11th Nov 2025, 11:34 am
स्वदेशी दोपहिया वाहन निर्माता कंपनी Bajaj Auto ने आधिकारिक तौर पर पुष्टि कर दी है कि कंपनी अपनी साझेदारी कंपनियों KTM और Triumph के साथ मिलकर एक नए 350cc इंजन पर काम कर रही है.बताया जा रहा है कि कंपनी ने यह कदम सरकार द्वारा सितंबर में लागू किए गए, संशोधित GST ढांचे की घोषणा के बाद उठाया है. इस योजना के तहत सरकार ने 350cc से ज़्यादा क्षमता वाली मोटरसाइकिलों के लिए GST दरें बढ़ा दी गई हैं, जबकि 350cc से कम क्षमता वाली मोटरसाइकिलों के लिए GST दरें कम कर दी गई हैं.Bajaj Auto के कार्यकारी निदेशक राकेश शर्मा ने कंपनी के वित्त वर्ष 26 की दूसरी तिमाही के विश्लेषकों के साथ बातचीत के दौरान कंपनी की इस योजना की पुष्टि की. इस दौरान उन्होंने कहा कि "कंपनी मोटरसाइकिलों के लिए नए GST ढांचे के आधार पर अपने पोर्टफोलियो को फिर से व्यवस्थित करना चाहती है, जो सितंबर 2025 में लागू हुआ है."उन्होंने कहा कि, "GST दरों में कटौती के कारण KTM के कुछ और Triumph के सभी मॉडल 350cc की सीमा के बाहर हो गए. हालांकि, हमने GST वृद्धि को झेलते हुए कीमतें बरकरार रखी हैं और कुछ हद तक, त्योहारी सीज़न के दौरान ग्राहकों ने हमें अपना समर्थन देकर पुरस्कृत किया."शर्मा ने कहा कि, "GST कटौती के कारण ग्राहकों की महत्वाकांक्षी उत्पादों में अपग्रेड करने की इच्छा से दोनों कंपनियों को काफी फायदा हुआ. हालांकि, हम अपने साझेदारों KTM और Triumph के साथ मिलकर अपने पोर्टफोलियो को नया आकार देने पर काम कर रहे हैं, ताकि कम GST दरों का लाभ उठाया जा सके और इन उत्पादों को उचित समय पर लॉन्च किया जाएगा."बताया जा रहा है कि Triumph और Bajaj दोनों के नए इंजनों का विस्थापन 350cc की कट-ऑफ सीमा से कम होगा और Bajaj Auto अनुसंधान एवं विकास (आरएंडडी) ने इस पर काम करना शुरू कर दिया है. KTM और Triumph रेंज के मौजूदा 399cc विस्थापन की तुलना में थोड़े छोटे आकार के इंजनों के अधिकतम उत्पादन में थोड़ी गिरावट आने की उम्मीद है.

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को अपनी दो जजों वाली पीठ द्वारा 11 सितंबर को दिए गए उस फैसले पर रोक लगा दी, जिसमें 2023 के अकोला दंगों की जांच करने वाले विशेष जांच दल (SIT) में हिंदू

News Pratyaksh | Updated : Tue 11th Nov 2025, 11:27 am
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को अपनी दो जजों वाली पीठ द्वारा 11 सितंबर को दिए गए उस फैसले पर रोक लगा दी, जिसमें 2023 के अकोला दंगों की जांच करने वाले विशेष जांच दल (SIT) में हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदायों के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को शामिल करने का निर्देश दिया गया था.1 सितंबर को जस्टिस संजय कुमार और जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा की इसी दो जजों वाली पीठ ने कहा था कि जब पुलिस बल के सदस्य अपनी वर्दी पहनते हैं, तो उन्हें अपने व्यक्तिगत पूर्वाग्रहों को त्याग देना चाहिए, चाहे वे धार्मिक, नस्लीय, जातिवादी या अन्य हों और उन्हें अपने पद और अपनी वर्दी से जुड़े कर्तव्य के प्रति सच्चे रहना चाहिए.7 नवंबर को भारत के मुख्य न्यायाधीश बी आर गवई की अध्यक्षता वाली जस्टिस विनोद चंद्रन और जस्टिस एन वी अंजारिया की पीठ ने 11 सितंबर के फैसले पर रोक लगाने का फैसला किया. खंडित फैसले में जस्टिस कुमार ने कहा था, "गुण-दोष के आधार पर इस न्यायालय द्वारा पारित 11 सितंबर 2025 के आदेश की समीक्षा करने का कोई आधार नहीं बनता...."दो-न्यायाधीशों वाली पीठ ने 7 नवंबर को महाराष्ट्र सरकार की उस याचिका पर विभाजित फैसला सुनाया, जिसमें 11 सितंबर के अपने उस आदेश की समीक्षा की मांग की गई थी. इसमें 2023 के अकोला दंगों की जांच करने वाले एसआईटी में हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदायों के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को शामिल करने का निर्देश दिया गया था.

परंपरागत तरीके से वैशाली के हाजीपुर स्थित कौनहारा घाट पर कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर लाखों की संख्या में श्रद्धालुओं का जमावड़ा लगता

News Pratyaksh | Updated : Wed 05th Nov 2025, 11:39 am
परंपरागत तरीके से वैशाली के हाजीपुर स्थित कौनहारा घाट पर कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर लाखों की संख्या में श्रद्धालुओं का जमावड़ा लगता है .मान्यता के अनुसार कौनहार घाट, सीढ़ी घाट सहित दर्जन पर से ज्यादा घाटों पर भूत खेली मेला लगता है . जिसके लिए हजारों की संख्या में यहां ओझाओं का जमघट लगा था विभिन्न राज्यों और विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में ओझा अपने शिष्यों के साथ घाट पर पहुंचे थे. इस भूत खेली मेला में जहां एक ओर भूत भगाने की प्रक्रिया चल रही थी दूसरी ओर ओझा नए प्रशिक्षु ओझाओं को भी ट्रेनिंग दे रहे थे. बताया जाता है कि गंगा और गंडक के संगम स्थल पर परंपरागत तरीके से कार्तिक पूर्णिमा के दिन भूतों का मेला लगता है. मान्यता है कि यहां अनुष्ठान करने से तमाम तरह के भूत प्रेतों से छुटाकारा मिलता है. यही कारण है की बड़ी संख्या में लोग गंगा और गंगा के संगम स्थल पर मौजूद घाटों और आसपास के इलाकों में झाड़ फूंक करते देखे जाते हैं.

देश भर में भगदड़ की कई घटनाओं से स्तब्ध, पुलिस अनुसंधान एवं विकास ब्यूरो (बीपीआरएंडडी) ने एक सामूहिक प्रबंधन योजना तैयार की है

News Pratyaksh | Updated : Wed 05th Nov 2025, 11:36 am
देश भर में भगदड़ की कई घटनाओं से स्तब्ध, पुलिस अनुसंधान एवं विकास ब्यूरो (बीपीआरएंडडी) ने एक सामूहिक प्रबंधन योजना तैयार की है ताकि ऐसी घटनाओं से बचा जा सके. बीपीआरएंडडी द्वारा तैयार किए गए मॉड्यूल के अनुसार बड़े भीड़ प्रबंधन कार्यक्रमों की योजना जिला स्तर पर कई एजेंसियों द्वारा समन्वित तरीके से बनाई जाती है, लेकिन अगर कार्यक्रम का प्रबंधन किसी निजी एजेंसी द्वारा नहीं किया जा रहा है, तो पुलिस ही अंतिम भीड़ प्रबंधक होती है. भारत में 2025 तक भगदड़ से कम से कम 114 मौतें दर्ज की गई हैं, जबकि 2024 में 123 मौतें दर्ज की गई थीं. जनवरी में महाकुंभ के दौरान 30 श्रद्धालुओं की मौत हुई, फरवरी में नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर भगदड़ में 18 मौतें, जून में बेंगलुरु के चिन्नास्वामी स्टेडियम के पास 11 मौतें और सितंबर में तमिलनाडु में तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) द्वारा आयोजित एक रैली के दौरान 39 लोगों की मौत सबसे प्रमुख थी. बीपीआरएंडडी मॉड्यूल ने कहा, 'भले ही कार्यक्रम का प्रबंधन किसी पेशेवर निजी एजेंसी या आयोजकों द्वारा किया जा रहा हो, पुलिस और अन्य एजेंसियां ​​इसमें कोई हस्तक्षेप नहीं कर सकतीं क्योंकि कार्यक्रम के लिए नियामक प्राधिकरणों से लाइसेंस की आवश्यकता होगी, जो कई मामलों में राजस्व अधिकारी, पुलिस और क्षेत्र के नगर निकाय होते हैं.'इसके अलावा पुलिस और मजिस्ट्रेट कार्यक्रम के दौरान उत्पन्न होने वाली कानून-व्यवस्था संबंधी समस्याओं के लिए भी जिम्मेदार होंगे. 1970 में अपनी स्थापना के बाद से बीपीआरएंडडी ने अनुसंधान और विकास में निवेश करके पुलिसिंग में उत्कृष्टता को बढ़ावा देने वाले पुलिस के थिंक टैंक के रूप में कार्य किया है.बीपीआरएंडडी का ध्यान पुलिस और सुधार सेवाओं के लिए नीतियाँ और अभ्यास विकसित करने, बेहतर प्रदर्शन के लिए उपयुक्त तकनीक की तलाश और उसे हासिल करने, कानून प्रवर्तन एजेंसियों की क्षमता निर्माण, राज्यों और केंद्रीय पुलिस संगठनों के बीच सहयोग और समन्वय को बढ़ावा देने पर रहा है.बीपीआरएंडडी ने कहा, 'योजनाएँ शून्य में या बिना किसी संदर्भ बिंदु के नहीं बनाई जाती हैं. अधिकांश धार्मिक सामूहिक समारोह हर साल या समय-समय पर निश्चित स्थानों पर आयोजित किए जाते हैं. अगले आयोजन की योजना बनाने के लिए संदर्भ के रूप में हमेशा ऐतिहासिक योजनाएँ और आँकड़े उपलब्ध होते हैं.हालाँकि, इस तरह के नियोजन दृष्टिकोण में संशोधन की भी आवश्यकता होती है क्योंकि पिछले आयोजनों की जानकारी और ज्ञान आयोजन की योजना बनाने के लिए अपर्याप्त हो सकता है क्योंकि समग्र वातावरण अब बहुत तेजी से बदल रहा है.'