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थामा और एक दीवाने की दीवानियत में बॉक्स ऑफिस पर अभी भी कमाई कर रही हैं

News Pratyaksh | Updated : Thu 30th Oct 2025, 11:47 am
थामा और एक दीवाने की दीवानियत में बॉक्स ऑफिस पर अभी भी कमाई कर रही हैं. दोनों ही फिल्में बॉक्स ऑफिस पर मोटा पैसा बटोरने में लगी है. थामा और एक दीवाने की दीवानियत अपनी रिलीज का एक हफ्ता पूरा कर चुकी है. थामा ने 100 करोड़ रुपये के तो एक दीवाने की दीवानियत ने 50 करोड़ रुपये के क्लब में एंट्री ले ली है. थामा में आयुष्मान खुराना-रश्मिका मंदाना और एक दीवाने की दीवानियत की में हर्षवर्धन राणे और सोनम बाजवा की दमदार जोड़ी देखने को मिल रही है. दर्शकों को दोनों ही जोड़ियां खूब इंप्रेस कर रही है. आइए जानते हैं थामा और एक दीवाने की दीवानियत ने 9वें दिन कितने करोड़ की कमाई की है और दोनों का कुल कलेक्शन कितना हो गया है.प्योर लव स्टोरी फिल्म एक दीवाने की दीवानियत ने 10.10 करोड़ रुपये से खाता खोला था. एक दीवाने की दीवानियत का थामा जैसे बड़े बैनर की फिल्म के आगे पैसा कमाना बहुत बड़ा अचीवमेंट हैं. बता दें, एक दीवाने की दीवानियत ने दूसरे दिन 8.88 करोड़ रुपये, तीसरे दिन 6 करोड़ रुपये, चौथे दिन 5.5 करोड़ रुपये, पांचवें दिन 6.25 करोड़ रुपये और छठे दिन 6.75 करोड़ रुपये, सातवें दिन 3.35 करोड़ रुपये, आठवें दिन 4.50 करोड़ रुपये और नौवें दिन 2.61 करोड़ रुपये कलेक्शन किया है. इसी के साथ एक दीवाने की दीवानियत की फिल्म का कुल घरेलू कलेक्शन 52.17 करोड़ रुयपे हो गया है. वहीं, मडौक फिल्म्स के मुताबिक, फिल्म ने अपने पहले हफ्ते में 48.34 करोड़ रुपये कमाए. बता दें, हर्षवर्धन ने अपनी फिल्म सनम तेरी कसम की री-रिलीज (2025) पर हुई 50 करोड़ रुपये की कमाई का रिकॉर्ड तोड़ दिया है. वहीं, साल 2016 में रिलीज होने पर फिल्म सनम तेरी कसम ने 16 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया था.

अमेरिकी फेडरल रिजर्व की बैठक से पहले बुधवार को भारतीय शेयर बाजार सपाट खुले, जबकि ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद में एशियाई बाजारों में तेजी रही.

News Pratyaksh | Updated : Wed 29th Oct 2025, 11:32 am
अमेरिकी फेडरल रिजर्व की बैठक से पहले बुधवार को भारतीय शेयर बाजार सपाट खुले, जबकि ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद में एशियाई बाजारों में तेजी रही. वहीं उच्च बाजार मूल्यांकन पर मजबूत कॉर्पोरेट आय वृद्धि का अभाव भारतीय इक्विटी के लिए एक अवरोधक कारक बना हुआ है.निफ्टी 50 सूचकांक 45.80 अंक या 0.18 प्रतिशत की बढ़त के साथ 25,982 पर खुला, जबकि बीएसई सेंसेक्स ने 26.28 अंक या 0.03 प्रतिशत की बढ़त के साथ 84,654.44 पर सत्र की शुरुआत की. शुरुआती कारोबार में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 11 पैसे बढ़कर 88.18 पर पहुंच गया.बाजार विशेषज्ञ अजय बग्गा के अनुसार, "जून 2024 के बाद से भारतीय बाजारों का निफ्टी में सबसे अच्छा प्रदर्शन रहा है, जो अक्टूबर में 5 प्रतिशत से अधिक बढ़ा है. एफपीआई शॉर्ट्स 94 प्रतिशत से घटकर 80 प्रतिशत हो गए हैं.बाजार की चाल के अनुसार, भारतीय बाजारों को नवंबर में सितंबर 2024 में अपने सर्वकालिक उच्च स्तर को पार कर जाना चाहिए. हालांकि, वैश्विक बाजारों का सही मूल्यांकन मध्यम अवधि के लिए एक जोखिम है."उन्होंने आगे कहा कि तरलता, आय, मौद्रिक समर्थन और एआई-संचालित लाभ वैश्विक बाजारों को सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंचा रहे हैं.बग्गा ने कहा, "यह पार्टी शायद कम से कम एक और साल तक जारी रहेगी. पिछले 13 महीनों के खराब प्रदर्शन को देखते हुए, भारतीय बाजार 'पकड़ने और बेहतर प्रदर्शन' के क्षेत्र में हैं. उच्च बाजार मूल्यांकन पर मजबूत कॉर्पोरेट आय वृद्धि की कमी भारतीय बाजारों के लिए एक अवरोधक कारक रही है. अगले छह महीनों में इस परिदृश्य में सुधार होना चाहिए क्योंकि बाजारों में तेजी की उम्मीद है." अमेरिका में, अमेरिका-चीन तनाव में कमी, फेड द्वारा आगे ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद और मजबूत आय अनुमानों के बीच बाजारों ने रिकॉर्ड तोड़ तेजी जारी रखी.निवेशक आज रात फेड के नीतिगत फैसले और अमेरिकी श्रम बाजार, मुद्रास्फीति और आर्थिक परिदृश्य पर टिप्पणियों पर कड़ी नजर रखेंगे. इस बीच, अमेरिकी सरकार के बंद होने का गतिरोध चार हफ्तों बाद भी बिना किसी समाधान के जारी है.

छठ घाटों पर इस बार सूरज के साथ-साथ बादल भी डेरा डाल सकते हैं

News Pratyaksh | Updated : Wed 22nd Oct 2025, 11:52 am
छठ घाटों पर इस बार सूरज के साथ-साथ बादल भी डेरा डाल सकते हैं. बंगाल की खाड़ी में बन रहे निम्न दबाव क्षेत्र के कारण बिहार में नहाय-खाय से लेकर सुबह के अर्घ्य तक आसमान का मूड बदला रहेगा. आसमान का मिजाज श्रद्धालुओं की चिंता बढ़ाने लगी है. बंगाल की खाड़ी से उठे बादल बिहार के त्योहार में ‘बारिश का रंग’ घोल सकते हैं.मौसम विभाग के अनुसार, छठ की शुरुआत यानी नहाय-खाय के दिन से ही मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा. 25 अक्टूबर को नवादा, जमुई, बांका और भागलपुर जिलों में हल्की बारिश की संभावना है. राज्य के बाकी हिस्सों में उमस और हल्की धुंध बनी रह सकती है. पटना, गया और दरभंगा जैसे इलाकों में तापमान 32 से 33 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है.आईएमडी के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बन रहा निम्न दबाव क्षेत्र धीरे-धीरे बिहार की ओर बढ़ेगा. इसके असर से 26 से 28 अक्टूबर तक खगड़िया, मुंगेर, जमुई, बांका और भागलपुर जिलों में रुक-रुक कर हल्की बारिश या बूंदाबांदी हो सकती है. इस दौरान आसमान में घने बादल छाए रहेंगे और हवा की दिशा भी पूर्वा से बदलकर पश्चिमा हो सकती है.बारिश की खबर से श्रद्धालुओं के चेहरे थोड़े उदास हैं, लेकिन राहत की बात यह है कि मौसम विभाग ने किसी तेज वर्षा या आंधी की संभावना से इनकार किया है. यानी व्रतियों को सूर्य अर्घ्य के समय खुला आसमान भी मिल सकता है.छठ न सिर्फ पूजा का पर्व है, बल्कि यह सूर्य, प्रकृति और श्रम के प्रति आस्था का प्रतीक भी है. ऐसे में मौसम का बदलता मिजाज भी श्रद्धा की भावना को कम नहीं कर सकता.इस परिवर्तन से तापमान में गिरावट आएगी. अधिकतम तापमान जहां 32-36 डिग्री सेल्सियस के बीच रहेगा, वहीं न्यूनतम तापमान 20-24 डिग्री सेल्सियस तक आ सकता है. इसका मतलब है कि छठ के बाद सुबह-शाम हल्की ठंडक महसूस होने लगेगी.

त्योहारी अवकाश के कारण आज बुधवार को भारतीय शेयर बाजार बंद रहेंगे.

News Pratyaksh | Updated : Wed 22nd Oct 2025, 11:45 am
त्योहारी अवकाश के कारण आज बुधवार को भारतीय शेयर बाजार बंद रहेंगे. एनएसई के आधिकारिक अवकाश कैलेंडर के अनुसार, आज बाजार बंद रहेंगे और गुरुवार को कारोबार फिर से शुरू होगा. बलि प्रतिपदा एक महत्वपूर्ण त्योहार है जो भगवान विष्णु के वामन अवतार की शक्तिशाली किन्तु पुण्यशाली राक्षस राजा बलि पर पौराणिक विजय का स्मरण कराता है.यह त्योहार विनम्रता, भक्ति और ब्रह्मांडीय व्यवस्था के संतुलन का प्रतीक है. इसे नई शुरुआत और समृद्धि के लिए एक शुभ दिन माना जाता है.स बीच, अन्य एशियाई बाजारों में मिलाजुला रुख देखा गया. जापान का निक्केई 225 सूचकांक 0.4 प्रतिशत नीचे रहा. सिंगापुर का स्ट्रेट्स टाइम्स 0.25 प्रतिशत ऊपर रहा. हांगकांग का हैंग सेंग सूचकांक 0.82 प्रतिशत, ताइवान का भारित सूचकांक 0.53 प्रतिशत और दक्षिण कोरिया का कोस्पी सूचकांक 0.23 प्रतिशत बढ़ा.भारतीय निवेशक मध्य सप्ताह के त्यौहारी अवकाश के बाद कल गुरुवार से व्यापारिक गतिविधियां फिर से शुरू करेंगे. मंगलवार को विशेष मुहूर्त ट्रेडिंग सत्र में भारतीय बेंचमार्क सूचकांक मामूली बढ़त के साथ बंद हुए, और निफ्टी 25,900 के आसपास बंद हुआ.सेंसेक्स और निफ्टी में लगभग कोई बदलाव नहीं हुआ, जबकि व्यापक बाजारों में बढ़त देखी गई. बीएसई मिडकैप सूचकांक 0.3 प्रतिशत और स्मॉलकैप सूचकांक 1 प्रतिशत बढ़ा. मुहूर्त ट्रेडिंग सत्र के अंत में, निफ्टी 25.45 अंक या 0.10 प्रतिशत की बढ़त के साथ 25,868.60 पर रहा, जबकि सेंसेक्स 62.97 अंक या 0.07 प्रतिशत की बढ़त के साथ 84,426.34 पर बंद हुआ.निफ्टी शेयरों में सबसे अधिक लाभ में रहने वाले शेयरों में सिप्ला, बजाज फिनसर्व, एक्सिस बैंक, इंफोसिस और एमएंडएम शामिल थे. दूसरी ओर, कोटक महिंद्रा बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, भारती एयरटेल, मैक्स हेल्थकेयर और एशियन पेंट्स नुकसान में रहे.निफ्टी पीएसयू बैंक और रियल्टी कोछोड़कर, सभी सेक्टोरल इंडेक्स हरे रंग में बंद हुए. इसमें निफ्टी मीडिया, मेटल और फार्मा टॉप गेनर्स रहे.एक्सचेंज प्लेटफॉर्म - बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) - दोपहर 1:45 बजे से दोपहर 2:45 बजे तक कारोबार के लिए खुले थे, जो संवत 2082 की शुरुआत का प्रतीक था.

दीपावली के तीसरे दिन कार्तिक शुक्ल द्वितीय को भाई दूज का त्योहार मनाजा जाता है.

News Pratyaksh | Updated : Wed 22nd Oct 2025, 11:38 am
#newspratyaksh #bhaidooj #BhaiDooj2025 दीपावली के तीसरे दिन कार्तिक शुक्ल द्वितीय को भाई दूज का त्योहार मनाजा जाता है. भाई-बहन के स्नेह और आशीर्वाद का पर्व भाई दूज इस वर्ष 23 अक्टूबर को मनाया जाएगा. यह पर्व भाई और बहन के बीच प्रेम, विश्वास और सुरक्षा के पवित्र बंधन का प्रतीक है. इस दिन बहनें अपनी भाई को तिलक करती है उनकी लंबी उम्र की कामना करती हैं.पंडित प्रेम सागर पांडे के अनुसार, इस वर्ष भाई दूज का शुभ मुहूर्त बहुत सीमित रहेगा. पूजा का श्रेष्ठ समय केवल 2 घंटे 15 मिनट का ही है, जिसमें भाई अपनी बहन के घर जाकर तिलक करवाता है और बहन के हाथ का भोजन करता है. कथाओ के अनुसार इससे अकाल मृत्यु का भय नहीं रहता है.पंडित प्रेम सागर पांडे ने बताया कि इस वर्ष भाई दूज की तिथि 22 अक्टूबर की रात 08:16 मिनट से शुरू होकर 23 अक्टूबर की रात 10:46 मिनट तक रहेगी. हालांकि तिलक का शुभ मुहूर्त दोपहर 1:13 से 3:28 तक है. हालांकि इस दिन भाई को तिलक करने के कई शुभ मुहूर्त हैं, लेकिन सबसे शुभ दोपहर 1:13 से 3:28 तक का ही है. तिलक करने का शुभ मुहूर्त पहला मुहूर्त (अभिजीत मुहूर्त)- सुबह 11:43 से दोपहर 12:28 तक. दूसरा मुहूर्त (श्रेष्ठ मुहूर्त)- दोपहर 1:13 से दोपहर 3:28 बजे तक. तीसरा मुहूर्त (विजय मुहूर्त)- दोपहर 1:58 से दोपहर 2:43 बजे तक. चौथा मुहूर्त (गोधूली मुहूर्त)- शाम 5:43 से शाम 6:09 बजे तक.

रांची के पटाखा विक्रेता एवं आम नागरिकों से जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकार, राँची निम्नलिखित सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की अपील करता है-

News Pratyaksh | Updated : Sat 18th Oct 2025, 12:16 pm
रांची के पटाखा विक्रेता एवं आम नागरिकों से जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकार, राँची निम्नलिखित सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की अपील करता है- पटाखा विक्रेता के लिये दिशा निर्देशः- 1. प्रशासन द्वारा पूर्व निर्धारित स्थल पर ही पटाखे की बिकी करें। 2. पटाखा बिक्री से पूर्व प्रशासन एवं अग्निशमन विभाग से अनुमति या अनापत्ति प्रमाण पत्र अनिवार्य रुप से लें। 3. बाजार, सड़क के किनारे, पेट्रोल पम्प, गैस के गोदाम, भीड़भाड़ वाले स्थानों पर पटाखे की बिक्री ना करें। 4. उन्हीं पटाखों की बिक्री करें जो स्वास्थ्य तथा वातावरण को प्रभावित न करें। 5. ऐसे पटाखों की बिक्री न करें जिनकी ध्वनि स्तर की सीमा 125 डिसीबल से अधिक हो। 6. विक्रय कार्य में नाबालिग छोटे बच्चों को ना लगायें। 7. पटाखों के पंडाल में बिजली की वायरिंग किसी योग्य एवं प्रशिक्षित इलेक्ट्रिशियन से करायें एवं हमेशा आई०एस०आई० मार्क के कॉपर के तार का ही प्रयोग करें, नंगे तारों पर अच्छी प्रकार से टेप लगा कर रखें। 8. पटाखों के पंडाल में ज्वलनशील पदार्थ जैसे डीजल, केरोसीन पेट्रोल इत्यादि को एकत्र करके ना रखें, ना ही इनका प्रयोग करें। 9. पटाखों के पंडाल के आसपास पर्याप्त मात्रा में पानी, बालू एवं अग्निशमन यंत्र अनिवार्य रूप से रखें एवं इनका प्रयोग किस प्रकार करना है इसकी जानकारी अवश्य रखें। 10. पटाखों के पंडाल में प्रशिक्षित स्टाफ की देखरेख में प्राथमिक चिकित्सा किट अनिवार्य रुप से रखें। जो भी पटाखा विक्रेता उपर्युक्त निर्देशों का पालन नहीं करेगा उन पर प्रशासन द्वारा उचित एवं विधिसम्मत् कारवाई की जायेगी। नागरिकों के लिये सुरक्षा निर्देशः- 1. पटाखा सदैव अधिकृत विक्रेता या ख्याति प्राप्त निर्माता के यहां से ही खरीदें। 2. पटाखे घरों के अन्दर न जलायें। 3. पटाखा रात 10 बजे से सुबह 6 बजे के बीच न जलायें। 4. पटाखे को सार्वजनिक सड़क एवं भीड़भाड़ वाले स्थलों पर ना जलायें। 5. अधिक ध्वनि के लिए पटाखों को टिन, कंटेनर या काँच की बोतलों में ना जलायें। 6. अभिभावक बच्चों को अकेले में पटाखे ना छोडने दें, अपनी उपस्थिति में ही पटाखे छुड़वाएं। 7. पटाखों को जलाते समय लम्बी लकड़ी, फुलझड़ी या मोमबत्ती का प्रयोग करें, माचिस का प्रयोग सीधे तौर पर कदापि ना करें, उन्हें थोड़ी दूरी पर रखकर ही जलायें। 8. अगर कोई पटाखा आग लगाने के बावजूद भी न फटे तो उसको दोबारा जांचने की कोशिश ना करें, उसे हाथ से ना उठायें क्योंकि वो कभी भी फट सकता है, बेहतर होगा कि उस पर पानी डालकर उसे निष्क्रिय कर दें। 9. पटाखे छोड़ते समय लम्बे या ढीले कपड़े ना पहनें क्योंकि ये शीघ्र आग पकड़ सकते हैं। 10. पटाखे हमेशा खुली जगह पर ही छोड़ें और ध्यान रखें कि आसपास पेट्रोल, डीजल, केरोसिन या गैस सिलेन्डर जैसे ज्वलनशील पदार्थ ना रखे हों। 11. पटाखे छोडने वाले स्थानों पर कम्बल, पानी व बालू अवश्य रखें। 12. अगर कपड़ों में आग लगे तो जमीन पर लेट कर उलट पलट कर उसे बुझाने का प्रयास करें। 13. बहुमंजिली मकान में रहने वाले लोग अपने घरों की खिड़कियां एवं दरवाजे बन्द करके रखें जिससे किसी प्रकार के जलते हुए पटाखा घरों में ना प्रवेश कर सकें। 14. किसी भी इमरजेंसी से बचने के लिये प्राथमिक चिकित्सा कीट पास में अवश्य रखें जिससे जलने व चोट की स्थिति में घायल की तुरन्त प्राथमिक चिकित्सा की जा सके। 15. अगर पटाखे से कोई व्यक्ति जल जाता है तो उसके शरीर के जले हुए हिस्से को बर्फ या ठंडे पानी से धोने के बाद प्राथमिक उपचार करें,, यदि रोगी गंभीर रूप से जला है तो तुरन्त नजदीक के अस्पताल ले जायें। 16. किसी भी आपातकालीन स्थिति में जिला नियंत्रण कक्ष में संपर्क किया जा सकता है, जिसका दूरभाष सं0-0651-2215855, 8987790664, 7667985619, 7070440888 है। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकार, रांची द्वारा जनहित में जारी ।