साहिबगंज की वीर स्थली भोगनाडीह में हर साल 22 दिसंबर को आयोजित होने वाला संथाल परगना स्थापना दिवस कार्यक्रम स्थगित हो गया है. इसके लिए पूर्व सीएम सह भाजपा नेता चंपाई सोरेन ने राज्य सरकार और जिला प्रशासन पर निशना साधा है. उन्होंने कहा है कि जिला प्रशासन की
News Pratyaksh | Updated : Mon 22nd Dec 2025, 10:45 am
साहिबगंज की वीर स्थली भोगनाडीह में हर साल 22 दिसंबर को आयोजित होने वाला संथाल परगना स्थापना दिवस कार्यक्रम स्थगित हो गया है. इसके लिए पूर्व सीएम सह भाजपा नेता चंपाई सोरेन ने राज्य सरकार और जिला प्रशासन पर निशना साधा है. उन्होंने कहा है कि जिला प्रशासन की तानाशाही शर्तों के कारण शहीद वीर सिदो कान्हू हूल फाउंडेशन कार्यक्रम स्थगित करना पड़ा है. उन्होंने चुनौती दी है कि 30 जून, 2026 को हूल दिवस के दिन झारखंड, बंगाल, बिहार एवं ओडिशा से लाखों आदिवासी समाज के लोग रथ के साथ भोगनाडीह पहुंचेंगे. अगर सरकार में ताकत हो, तो हमें रोक के दिखाए.शहीद के वंशज मंडल मुर्मू के मुताबिक, शर्तों को देखकर ऐसा प्रतीत होता है कि प्रशासन जान बूझकर आयोजनकर्ताओं को किसी विवाद या रंजिश में फंसाना चाहती थी. लिहाजा, विचार-विमर्श के बाद आयोजन स्थगित करना पड़ा.पूर्व सीएम चंपाई सोरेन ने कहा कि उन्होंने भोगनाडीह जाने की पूरी तैयारी कर ली थी. लेकिन प्रशासन की शर्तों की वजह से ऐन मौके पर कार्यक्रम स्थगित करना पड़ा. दो हफ्ते तक कार्यक्रम की अनुमति के आवेदन को लटकाने के बाद, 20 दिसंबर को जिला प्रशासन ने इसके लिए दर्जन भर मजिस्ट्रेट की नियुक्ति करते हुए कई उल्टी-सीधी शर्तें लगा दी. उन्होंने इसे एक साजिश करार दिया. कहा कि प्रशासन की यही मंशा थी कि शर्तों की आड़ में दमनात्मक कार्रवाई की जा सके.