Fri, 31st Jul 2026संसद में झारखंड भाजपा सांसदों का मौन प्रदर्शन: JPSC और JSSC-CGL भर्ती परीक्षाओं में कथित भ्रष्टाचार पर CBI जांच की मांग   Fri, 31st Jul 20262.20 करोड़ के इनामी माओवादी मिसिर बेसरा समेत तीन नक्सली 14 दिन की पुलिस रिमांड पर, NIA-IB करेंगी संयुक्त पूछताछ   Fri, 31st Jul 2026मिर्जापुर: द मूवी' का ट्रेलर 11 अगस्त को होगा रिलीज, 8 शहरों में प्रमोशनल रोड ट्रिप से बनेगा 'भौकाल'   Fri, 31st Jul 2026शादी के दबाव में युवती की हत्या का आरोप: शव ट्रॉली बैग में भरकर ओडिशा में फेंका, आरोपी ऑटो चालक गिरफ्तार   Thu, 30th Jul 2026तमिलनाडु में दल-बदल विवाद: AIADMK की याचिका पर सुनवाई 4 अगस्त तक टली, स्पीकर ने एडप्पादी पलानीस्वामी को किया तलब

Bihar


दरभंगा में AIIMS बनने का रास्ता साफ़!

News Pratyaksh | Updated : Tue 26th Sep 2023, 05:18 pm
बिहार में पटना के बाद अब दूसरे अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) का रास्ता लगता है साफ हो गया है। केंद्र सरकार बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की बात मान गई है। एम्स वहीं बनेगा, जहां बिहार सरकार ने जमीन देकर मिट्टी भराई का काम शुरू करा दिया था। मिट्टी भराई का काम शुरू कराने के बाद केंद्र की टीम ने इस जमीन को डुबाऊ बताते हुए दूसरी जमीन खोजने के लिए कहा था। जिसपर पूरे मिथिलांचल में राजनीति तेज हो गई थी। अब भाजपा सांसद गोपालजी ठाकुर ने 'अमर उजाला' से बातचीत में कहा कि बिहार सरकार सिर्फ एक काम करा दे और गारंटी दे कि वह अच्छा से किया है तो एम्स का निर्माण वहां कराने को केंद्र सरकार राजी है।भाजपा सांसद गोपाल जी ठाकुर ने कहा है कि बिहार सरकार ने जो जमीन दी है सही तरीके से समतल करवा कर केंद्र सरकार को दे। हमारी सरकार उसी शोभन की बाइपास वाली जमीन पर एम्स का निर्माण आरम्भ करवाएगी। बता दें कि पूर्व से सांसद ने घोषणा कर रखी है को वह गांधी जयंती के मौके पर एम्स निर्माण स्थल शोभन बाइपास वाली जमीन पर भाजपा के द्वारा धरना दिया जाएगा। इसबीच सांसद के इस बयान ने एक नई राजनीति की शुरुआत कर दी है। सांसद गोपाल जी ठाकुर ने कहा कि बिहार सरकार के द्वारा दिए गए शोभन बाइपास के जमीन पर भारत सरकार तैयार दरभंगा एम्स के निर्माण के लिए तैयार हो गई है।उन्होंने बिहार सरकार से कहा है कि शोभन वाली जमीन को मानक के अनुरूप समतल करवाकर केंद्र सरकार को हस्तगत करादे। हमारी सरकार शोभन की भूमि पर ही एम्स का निर्माण कराएगी। जहां बिहार सरकार एम्स बनाना चाहती है, उसी जगह केंद्र की मोदी सरकार भी अब निर्माण कराने के लिए तैयार हो गई है। यहां पर केंद्र सरकार एम्स के डायरेक्टर की भी बहाली कर दी है। लेकिन, पहले बिहार सरकार ने डीएमसीएच में 81 एकड़ जमीन दी थी, जिस जमीन पर झंडोतोलन भी किया गया था। उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि बिहार सरकार एम्स को लटकाने-भटकाने का काम कर रही है। हम इनको लटकाने नहीं देंगे। हम बिहार की सरकार से मांग करते है कि शोभन में ही इनको एम्स बनाना है तो ठीक उसी भूमि मानक के अनुरूप जमीन को ठीक करवा कर केंद्र सरकार को दे। केंद्र सरकार उसी जमीन पर एम्स का निर्माण कराएगी। बता दें कि इस भूमि को पूर्व में बिहार सरकार द्वारा शोभन बाइपास में एम्स निर्माण के 153 एकड़ जमीन केंद्र सरकार को देने के लिए तैयार हुई थी, जिसे केंद्र से आई टीम ने जमीन को लो लैंड बताकर यहां एम्स निर्माण के लिए मानक होने से इनकार कर दिया था। #newspratyaksh #Bihar #darbhanga #AIMS  

मुजपफरपुर में फिर एक डेंगू मरीज की मौत हो गई. पिछले कुछ दिनों में मृतकों की संख्या दो हो गई!

News Pratyaksh | Updated : Tue 26th Sep 2023, 05:17 pm
मुजपफरपुर में फिर एक डेंगू मरीज की मौत हो गई. पिछले कुछ दिनों में मृतकों की संख्या दो हो गई: जिले में पांच-छह नए मरीज प्रतिदिन मिल रहे हैं. जबकि अब तो मौत भी होने लगी है.मुजफ्फरपुर में रविवार को डेंगू से पीड़ित एक और मरीज की मौत हो गई. मृतक डेंगू मरीज बैरिया शांति विहार कालोनी निवासी 43 वर्षीय एसएन चौधरी है,जो नागालैंड के दीमापुर में रहते थे और नागालैंड में ही बीमार पड़ गए थे. जहां से आने के बाद 15 सितंबर को उन्हें शहर के निजी अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया था. उसके बाद उनकी तबियत बिगड़ने लगी तो पटना रेफर कर दिया गया और पटना में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई.ब्रह्मपुरा के निजी अस्पताल प्रबंधन की ओर से स्वास्थ्य विभाग को डेंगू मरीज की मौत होने की रिपोर्ट भेज है. सिविल सर्जन डॉ उमेशचंद्र शर्मा ने इसकी पुष्टि की है. बताया कि डेंगू से यह दूसरी मौत हुई है. इससे पहले सरैया के रहने वाले महताब आलम की मौत हुई थी. वह भी नागालैंड के दीमापुर से ही बीमार होकर लौटा था. इधर जांच के दौरान पांच और नए मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई है. वहीं एक मरीज में डेंगू और चिकनगुनिया दोनों के लक्षण पाये गये. अबतक जिले में 91 मरीज है और इन सभी का इलाज चल रहा है. प्रशासन के अनुसार बता दें कि 91 को मरीजों में से मात्र 27 मरीज ऐसा है जिसकी ट्रेवल हिस्ट्री नहीं है. इसके अलावा कई ऐसे मरीज हैं,जो अपने काम से पटना गये थे. वहां से आने के बाद बुखार लगा और उसमें डेंगू की पुष्टि हुई. उन्होंने ने कहा कि मरीजों की ट्रेवल हिस्ट्री से पता चल रहा है कि वे जहां काम कर रहे थे,वहीं उन्हें डेंगू हुआ है और वैसे मरीज है जिनको घर पर ही रख कर ईलाज कराने की नौबत है वैसे मरीज को चिकित्सक के निगरानी में घर पर रख कर ईलाज कराया जा रहा है. इसके बावजूद उनके घर के आसपास जल जमाव वाले इलाके में दवा का छिड़काव कराया जा रहा है,जिससे अगल बगल में बीमारी फैले नहीं #newspratyaksh #Bihar #Muzaffarpur #dengue  

बिहार के विभिन्न जिलों में बीते दो दिनों यानी रविवार और सोमवार को वज्रपात से 10 लोगों की मौत हो चुकी !

News Pratyaksh | Updated : Tue 26th Sep 2023, 05:15 pm
बिहार के विभिन्न जिलों में बीते दो दिनों यानी रविवार और सोमवार को वज्रपात से 10 लोगों की मौत हो चुकी : इस घटना पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शोक जताया है और मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपए अनुग्रह अनुदान देने के निर्देश दिये हैं.आपदा प्रबंधन विभाग के मुताबिक, बीते दो दिनों में वज्रपात की चपेट में आने से 10 लोगों की मौत हो गई है. इसमें गया में 2, जमुई, औरंगाबाद, बक्सर, कटिहार, नालंदा, लखीसराय, भागलपुर और बांका में एक-एक व्यक्ति शामिल है.मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस घटना पर गहरी शोक संवेदना व्यक्त की है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि आपदा की इस घड़ी में वे प्रभावित परिवारों के साथ हैं. मुख्यमंत्री ने अविलंब मृतक के परिजनों को चार-चार लाख रुपए अनुग्रह अनुदान देने के निर्देश दिये हैं. मुख्यमंत्री ने लोगों से अपील की है कि सभी लोग खराब मौसम में पूरी सतर्कता बरतें. खराब मौसम होने पर वज्रपात से बचाव के लिये आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा समय-समय पर जारी किये गये सुझावों का अनुपालन करें. खराब मौसम में घरों में रहें और सुरक्षित रहें.बता दें कि राजधानी पटना सहित पूरे राज्य में बीते शुक्रवार से मानसून पूरी तरह से सक्रिय है. बिहार में पिछले 21 सितंबर से बारिश हो रही है. जहां एक ओर इस बारिश से कई किसानों को फायदा भी हुआ है. वहीं दूसरी ओर इस वज्रपात में 10 लोगों की मौत भी हुई है. हालांकि बारिश के वजह से मौसम का मिजाज ठंडा बना हुआ है. #newspratyaksh #Bihar #thundering  

बिहार में हुए दलित महिला के साथ दुर्व्यवहार कांड की क्या है सच्चाई ?

News Pratyaksh | Updated : Tue 26th Sep 2023, 05:13 pm
बिहार: पूछताछ में दलित महिला के मुंह पर पेशाब किए जाने की पुष्टि नहीं नहीं हो सकी, पुलिस ने कहा पटना जिले में खुसरूपुर थाना क्षेत्र के एक गांव में एक साहूकार और उसके सहयोगियों द्वारा एक दलित महिला को निर्वस्त्र कर पीटने और उसके मुंह पर पेशाब करने का मामला सामने आने के बाद सोमवार को पुलिस ने कहा कि जांच में पीड़ित महिला के मुंह पर पेशाब किए जाने के आरोप की पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) सैयद इमरान मसूद ने एक वीडियो बयान में कहा, ‘‘महिला द्वारा आरोप लगाया गया है कि उन्हें निर्वस्त्र पीटा गया और उनके मुंह पर पेशाब किया गया। इस मामले की जांच फतुहा अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) से कराई गई।’’ मसूद ने कहा, ‘‘जांच में पाया गया है कि 23 सितंबर की रात्रि 11:39 बजे पीड़िता द्वारा 112 नंबर पर फोन कर शिकायत दर्ज कराई गई थी। 112 की टीम घटनास्थल पहुंची थी और पीड़ित महिला और आसपास के लोगों से बातचीत की थी। महिला को टीम इलाज के लिए अस्पताल ले गई।’’ #newspratyaksh #Bihar  

ऐसे तो बिहार में शराबबंदी है नहीं। इसके नाम पर गरीबों की हत्या हो रही है - जीतन राम मांझी

News Pratyaksh | Updated : Tue 26th Sep 2023, 05:11 pm
बिहार के मुजफ्फरपुर में कथित तौर पर जहरीली शराब पीने से दो लोगों की मौत और दो लोगों के आंख की रोशनी जाने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने एक बार फिर शराबबंदी को लेकर नीतीश कुमार को निशाने पर लिया है।गया में पत्रकारों से चर्चा के दौरान मुजफ्फरपुर की घटना के विषय में पूछे गए सवाल पर मांझी ने कहा कि ऐसे तो बिहार में शराबबंदी है नहीं। इसके नाम पर गरीबों की हत्या हो रही है, गरीबों को जेल भेजा जा रहा है।उन्होंने आगे कहा कि नीतीश कुमार अपने अहंकार में हैं। इन्हें समझ ही नहीं आता है कि क्या करें। हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा के प्रमुख मांझी ने कहा कि जब हमलोग इनके साथ थे तब भी मैंने खुद इन्हें कहा था कि आपकी शराब नीति गलत है।उन्होंने कहा कि मैंने गुजरात की तरह शराब नीति बनाने की वकालत की थी। इससे राज्य को आर्थिक लाभ भी होता और गरीब जो जहरीली शराब पीने से मर जा रहे हैं, वे भी नहीं मरेंगे।उन्होंने आगे कहा कि लोग चोरी छिपे जल्दबाजी में शराब बनाते हैं और नशा के लिए कई तरह की चीजें अधिक मात्रा में डाल देते है, जिससे शराब जहरीली हो जाती है और यही गरीब पीकर मरते हैं। बड़े लोग तो महंगी शराब पीते हैं। उल्लेखनीय है कि बिहार में शराबबंदी लागू है और लोगों की शराब पीने से मौत भी होती रहती है। #newspratyaksh #Bihar #sarabbandi #JitanRamManjhi  

एसकेएमसीएच के एनआईसीयू में एक बच्चे को डॉक्टर ने दो बार दिया डेथ सर्टिफाइड रिपोर्ट

News Pratyaksh | Updated : Tue 26th Sep 2023, 05:07 pm
एसकेएमसीएच के एनआईसीयू में एक बच्चे को डॉक्टर ने दो बार दिया डेथ सर्टिफाइड रिपोर्ट : एसकेएमसीएच में एक बार फिर डॉक्टरों की लापरवाही सामने आई है। एनआईसीयू में भर्ती एक नवजात की मौत के बाद दो अलग-अलग डॉक्टरों ने उसे दो बार अलग-अलग समय पर मृत घोषित किया है। मामला संज्ञान में आने के बाद एसकेएमसीएच में हड़कंप मचा हुआ है। मधुबनी जिला के सहारघाट गांव निवासी श्रीनारायण राउत ने चार दिन के नवजात को गंभीर हालत में एसकेएमसीएच के एनआईसीयू वार्ड में भर्ती कराया था। गंभीर हालत होने की वजह से चिकित्सकों ने उस नवजात शिशु को वेंटिलेटर पर रखकर इलाज शुरू कर दिया। रविवार की शाम 6:45 बजे एनआईसीयू के डॉ. विनय सागर ने इलाजरत उस बच्चे को मृत घोषित कर डेथ सर्टिफाइड करते हुए परिजनों को डेथ सर्टिफाइड रिपोर्ट दे दी। परिजन डेड बॉडी ले जाने के लिए शव वाहन की सुविधा लेने कंट्रोल रूम चले गये। परिजनों का कहना है कि वेलोग जैसे ही डेड बॉडी लाने वार्ड में पहुंचे तो बच्चे की सांस चलती हुई प्रतीत हो रही थी। परिजनों ने तुरंत इस बात की जानकारी नर्सिंग स्टाफ को दी। इसके बाद डाक्टर और नर्सिंग स्टाफ में हड़कंप मच गया। बच्चे को एनआईसीयू में दोबारा भर्ती किया गया। चार घंटे तक इलाज चला और फिर 10:50 में डॉक्टर ने फिर बच्चे को मृत घोषित कर दिया। डॉ. विनिता ने डेथ सर्टिफाइड की।मृतक बच्चे के पिता श्रीनारायण राउत का कहना है कि जब चिकित्सकों ने पहली बार उसके बेटा को मृत घोषित किया तो वह वेंटिलेटर पर था। डॉक्टर मृत घोषित करते वक्त वेंटिलेटर से हटाकर परिजन को बच्चा सौंप दिया था। वह शव वाहन लाने कंट्रोल रूम चले गये थे। 50 मिनट बाद वह शव वाहन लेकर पहुंचे। डेड बॉडी के लिए एनआईसीयू लाने गये तो बच्चे की सांस चल रही थी। हल्ला करने पर चिकित्सकों ने फिर बच्चे को डॉक्टरों ने भर्ती कर लिया। इस बीच 50 मिनट से अधिक समय तक उसका इलाज ठप रहा। अगर सही तरीके से जांच पड़ताल कर डॉक्टर बच्चे को डेथ सर्टिफाइड करते तो बच्चे की जान बच सकती थी।शिशु विभाग के विभागाध्यक्ष सह अस्पताल उपाधीक्षक डॉ. गोपाल शंकर सहनी का कहना है कि दो बार डेथ सर्टिफाइड बनाना गलत है। डॉक्टर से पूछताछ की जाएगी। डॉ. गोपाल शंकर सहनी ने बताया कि वेंटिलेटर से हटने पर किसी -किसी केस में ऐसी परिस्थिति उत्पन्न होती है। यह वैज्ञानिक तौर पर प्रूव्ड भी है। #newspratyaksh #SKMCH #DeathCertificate  
Follow us
Categories
Latest News
Popular Categories