Crime


बिहार के लखीसराय में बड़ी वारदात को अंजाम दिया गया है.

News Pratyaksh | Updated : Wed 26th Nov 2025, 11:19 am
बिहार के लखीसराय में बड़ी वारदात को अंजाम दिया गया है. आईटीबीपी के जवान ने पहले पिता की गोली मारकर हत्या कर दी. फिर खुद की भी जीवन लीला समाप्त कर ली. घटना के बाद से इलाके में सनसनी फैल गई है. जिले के बड़हिया थाना क्षेत्र अंतर्गत खुटहा चेतन टोला में घटना को अंजाम दिया गया है. मृतकों की शिनाख्त उदय सिंह (पिता-68 वर्ष) और उसके बेटे लाटो उर्फ विकास कुमार (35 वर्ष) के रूप में हुई है. परिवार वालों का रो-रोकर बुरा हाल है.परिजनों ने बताया कि विकास कुमार आईटीबीपी में तैनात था और चुनाव ड्यूटी पर बिहार आया था. चुनाव खत्म होने के बाद विकास घर आया था. इसी बीच मंगलवार को किसी बात पर उसका पत्नी के साथ विवाद हुआ. पिता ने बीच-बचाव की कोशिश की. तभी गुस्से में विकास ने पिस्टल निकाला और पिता को गोली मार दी.घटना के बाद पिता उदय शंकर सिंह की मौके पर मौत हो गई. इसके बाद विकास पत्नी को मारने दौड़ा, लेकिन किसी तरह वो जान बचाकर घर से बाहर निकल गई. घरवालों की माने तो विकास पागल हो चुका था. उसने पिस्तौल से खुद को उड़ा लिया.घटना की सूचना मिलते ही एसपी अजय कुमार, डीएसपी शिवम कुमार, बड़हिया थाना अध्यक्ष सहित भारी संख्या में पुलिस मौके पर पहुंच गई है. गांव में काफी गहमा-गहमी का माहौल है. लोगों में घटना के बाद से काफी रोष है.

आईआरसीटीसी (IRCTC) टेंडर घोटाला मामले में बड़ी खबर सामने आ रही है. दरअसल बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी की तरफ से दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में एक अहम अर्जी दायर की गयी है. इस अर्जी में उन्होंने मामले की सुनवाई कर रहे मौजूदा स्पेशल जज विशाल गोगन

News Pratyaksh | Updated : Tue 25th Nov 2025, 12:22 pm
आईआरसीटीसी (IRCTC) टेंडर घोटाला मामले में बड़ी खबर सामने आ रही है. दरअसल बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी की तरफ से दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में एक अहम अर्जी दायर की गयी है. इस अर्जी में उन्होंने मामले की सुनवाई कर रहे मौजूदा स्पेशल जज विशाल गोगने को बदलने की मांग की है. बताया जा रहा है कि राबड़ी देवी इस मामले में जज विशाल गोगने के रुख से संतुष्ट नहीं हैं. यही वजह है कि उन्होंने इन मामलों को किसी अन्य न्यायाधीश को हस्तांतरित करने की मांग की है.कानूनी विशेषज्ञ मानते हैं कि आरोपियों द्वारा जज परिवर्तन की मांग आम तौर पर तभी उठती है जब उन्हें लगता है कि अदालत का रवैया प्रतिकूल है या ट्रायल उनकी ओर से अपेक्षित दिशा में आगे नहीं बढ़ रहा है. वहीं विपक्षी दल इसे राजनीतिक बचाव की कोशिश बता रहे हैं, जबकि राजद समर्थक इसे न्यायिक निष्पक्षता की मांग के रूप में देख रहे हैं.

म्यांमार में चल रहे साइबर गुलामी रैकेट से भारतीय नागरिकों को छुड़ाने की कार्रवाई लगातार जारी है

News Pratyaksh | Updated : Mon 24th Nov 2025, 11:27 am
म्यांमार में चल रहे साइबर गुलामी रैकेट से भारतीय नागरिकों को छुड़ाने की कार्रवाई लगातार जारी है. हाल ही में म्यांमार आर्मी ने वहां फंसे 360 भारतीयों को मुक्त कराया जिनमें बिहार के 6 युवक भी शामिल थे. ये सभी मयवादी के के.के. पार्क से छुड़ाए गए. म्यांमार आर्मी ने इन्हें सुरक्षित थाईलैंड भेजा जहां से 18 नवंबर को इन सभी को दिल्ली एयरपोर्ट लाया गया. दिल्ली पहुंचने के बाद आर्थिक अपराध इकाई (EOW) की टीम ने बिहार के युवकों को अपने संरक्षण में लिया और पूछताछ के बाद उन्हें उनके परिजनों को सौंप दिया. इसी समूह में शामिल था गया जिले के डेल्हा निवासी धर्मेंद्र कुमार. पुणे की कंपनियों में काम कर चुके धर्मेंद्र का रोजगार छूट गया था और नई नौकरी की तलाश उन्हें धोखेबाज एजेंटों के जाल में खींच ले गई.धर्मेंद्र बताते हैं-मुझे यकीन नहीं था कि मैं जिंदा बचकर आ पाऊंगा. इंडियन एंबेसी और म्यांमार आर्मी ने हमें मौत से खींचकर बाहर निकाला. उनकी कहानी झकझोर देने वाली है. नौकरी के नाम पर विदेश जाने का सपना कैसे मिनटों में किडनैपिंग, हथियारबंद गिरोह और साइबर गुलामी में बदल गया. धर्मेंद्र बताते हैं कि एक दोस्त ने उन्हें मुजफ्फरपुर निवासी शुभम कुमार से संपर्क करवाया. शुभम ने थाईलैंड में चाइनीज कंपनी में हाई पैकेज जॉब का लालच दिया. ऑनलाइन और वीडियो कॉल के माध्यम से कई इंटरव्यू हुए. अंतिम इंटरव्यू के लिए थाईलैंड बुलाया गया. 19 अक्टूबर को टिकट बना-पटना से कोलकाता और फिर बैंकॉक.20 अक्टूबर को बैंकॉक एयरपोर्ट पर एक ड्राइवर मिला, जिसने धर्मेंद्र को एक फाइव-स्टार होटल में छोड़ा. वहां फिर इंटरव्यू हुआ और सब कुछ प्रोफेशनल और असली लगता रहा. लेकिन इसके बाद जो हुआ उसने धर्मेंद्र की जिंदगी उलट दी. दूसरा ड्राइवर एक चमचमाती कार लेकर आया. धर्मेंद्र को लगा कि अब जॉब मिलने वाला है. कार पहाड़ी रास्तों पर पहुंची, फिर उबड़-खाबड़ इलाके में. अचानक कई हथियारबंद लोग घिर आए और गन प्वाइंट पर किडनैप कर लिया गया.धर्मेंद्र को और 4-5 युवकों को कई घंटे पैदल पहाड़ी रास्ते से ले जाया गया. कई विदेशी दिखने वाले बाइकर रास्ते पर तैनात थे. उन्हें एक गेस्ट हाउस में तीन दिन तक बंद कर दिया गया. बाद में पता चला- वे म्यांमार में घुस चुके थे. यहां उनका असली मकसद सामने आया- उन्हें साइबर गुलामी के लिए अगली जगह ‘बेचा’ जाना था.तीसरे दिन अचानक म्यांमार आर्मी और पुलिस की बड़ी कार्रवाई हुई. धर्मेंद्र और अन्य युवकों को वहां से सुरक्षित निकाल लिया गया. धर्मेंद्र बताते हैं- छापा पड़ने पर हमें लगा कि शायद गोलियां चलेंगी, लेकिन वही हमारी जिंदगी का टर्निंग पॉइंट था. आर्मी ने हमें बचा लिया. छापेमारी के दौरान पुलिस ने वहां पहले से फंसे हुए कई विदेशी नागरिकों-फिलीपींस, नेपाल, बांग्लादेश सहित सभी को भी मुक्त कराया.सभी भारतीयों को पहले म्यांमार में सुरक्षित कैंप में रखा गया. इंडियन एंबेसी के सहयोग से उन्हें थाईलैंड भेजा गया. वहां से 18 नवंबर को दिल्ली एयरलिफ्ट किया गया. आर्थिक अपराध इकाई की टीम ने सभी 6 बिहारी युवकों को पटना लाकर जांच की और परिवारों को सौंप दिया. धर्मेंद्र बताते हैं- अगर देर होती तो हमें दूसरी साइबर कंपनियों को बेच दिया जाता. वहां जो होता वह सोचकर भी डर लगता है.

साइबर क्रिमिनल्स ने हाल ही में अपना रास्ता बदल लिया है

News Pratyaksh | Updated : Mon 24th Nov 2025, 11:22 am
साइबर क्रिमिनल्स ने हाल ही में अपना रास्ता बदल लिया है. वे आम लोगों से लेकर जनप्रतिनिधियों तक, किसी को नहीं छोड़ रहे हैं. वे सबके फोन हैक कर रहे हैं. हाल ही में, जैसे-जैसे लोगों में जागरूकता बढ़ी है और वे OTP शेयर न करने में सावधानी बरत रहे हैं, अब वे सीधे मोबाइल फोन हैक कर रहे हैं.हाल ही में, तेलंगाना में साइबर क्रिमिनल्स APK फाइल्स के नाम पर हंगामा मचा रहे हैं. 'आधार और दूसरी नो योर कस्टमर (KYC) डिटेल्स अपडेट न करने की वजह से हम आज रात से आपका बैंक अकाउंट ब्लॉक कर रहे हैं. तुरंत नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें और डिटेल्स अपलोड करें.'रविवार को टीम SBI के नाम से कई WhatsApp ग्रुप्स में मैसेज आए. SBI अकाउंट वाले कई लोगों ने इस डर से लिंक पर क्लिक कर दिया कि उनका अकाउंट ब्लॉक हो जाएगा. इसके बाद से उनके मोबाइल साइबर क्रिमिनल्स के कंट्रोल में आ गए. इसके बाद, मैसेज फोन पर दूसरे WhatsApp ग्रुप्स में भेजा गया.इस तरह, यह एक चेन में हजारों फोन में चला गया. इसमें राज्य मंत्रालय के अधिकारियों और मीडिया प्रतिनिधियों के साथ बने ग्रुप्स के साथ-साथ दोस्तों और स्टूडेंट्स के ग्रुप्स भी शामिल हैं. फोन की जानकारी साइबर क्रिमिनल्स तक पहुंचने से कई लोग घबरा गए हैं. कई लोग लोकल पुलिस और 1930 पर शिकायत भी कर रहे हैं.          

इसे रोकने का प्रयास करने पर प्रखंड विकास अधिकारी को कुचलने की कोशिश की गई:

News Pratyaksh | Updated : Tue 11th Nov 2025, 11:47 am
इसे रोकने का प्रयास करने पर प्रखंड विकास अधिकारी को कुचलने की कोशिश की गई: बालू माफियाओं ने प्रखंड विकास पदाधिकारी को रौंदने का प्रयास किया. इस घटना में प्रखंड विकास पदाधिकारी और उनकी टीम बाल-बाल बच गई है. जबकि ट्रैक्टर एक झोपड़ी में घुस गया. इस घटना में झोपड़ी के अंदर मौजूद मवेशी जख्मी हो गए हैं. घटना सोमवार की देर रात पलामू के उंटारी रोड थाना क्षेत्र के सीढा गांव में घटी.घटना के बाद पुलिस ने पूरे मामले में कार्रवाई शुरू कर दी है. आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए छापेमारी की जा रही है. मंगलवार की सुबह एक बार फिर से उंटारी रोड के प्रखंड विकास पदाधिकारी एवं थाना प्रभारी के नेतृत्व में पुलिस घटनास्थल पर गई और पूरे हालात का जायजा लिया.उंटारी रोड के प्रखंड विकास पदाधिकारी श्रवण भगत सोमवार की देर रात अवैध बालू उठाव के खिलाफ कार्रवाई के लिए इलाके में गए हुए थे. इस दौरान उन्होंने ट्रैक्टर को रोक कर पूछताछ करना चाहा, लेकिन ट्रैक्टर ने उन्हें रौंदने का प्रयास किया. भागने के क्रम में ट्रैक्टर एक झोपड़ी में घुस गया जहां मवेशी बंधे हुए थे.बाद में प्रखंड विकास पदाधिकारी हालात को देखते हुए वहां से निकल गए थे. प्रखंड विकास पदाधिकारी श्रवण भगत ने बताया कि बिना नंबर के ट्रैक्टर से बालू का उठाव हो रहा था, कार्रवाई के दौरान उन्हें रौंदने की कोशिश की गई. प्रखंड विकास पदाधिकारी ने बताया कि पूरे मामले में कार्रवाई की जा रही है एवं आरोपियों के खिलाफ एफआईआर की जा रही है.

वाराणवासी के निकट गैस सिलेंडर ले जा रहे ट्रक में जबरदस्त विस्फोट हुआ. हादसे में वाहन चालक कनगराज गंभीर रूप से घायल हो गया. हादसे के बाद वहां पहुंचे लोगों ने घायल चालक को बचाया.एम्बुलेंस से अरियालुर सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेजा. इस बीच, लॉरी में रखे सि

News Pratyaksh | Updated : Tue 11th Nov 2025, 11:26 am
वाराणवासी के निकट गैस सिलेंडर ले जा रहे ट्रक में जबरदस्त विस्फोट हुआ. हादसे में वाहन चालक कनगराज गंभीर रूप से घायल हो गया. हादसे के बाद वहां पहुंचे लोगों ने घायल चालक को बचाया.एम्बुलेंस से अरियालुर सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेजा. इस बीच, लॉरी में रखे सिलेंडर एक-एक करके फटने लगे, जिससे वहां मौजूद लोग भाग खड़े हुए.स्थानीय लोगों ने हादसे की सूचना पुलिस को दी. सूचना मिलने पर अरियालुर फायर स्टेशन अधिकारी सेंथिलकुमार के नेतृत्व में दमकलकर्मियों ने वाहन में लगी आग पर काबू पाने की कोशिश की. तब तक पूरा वाहन आग में पूरी तरह जल चुका था. घटनास्थल पर कोई घर न होने के कारण एक बड़ा हादसा टल गया. सिलेंडर फटने का एक वीडियो अब सामने आया है. जिला पुलिस घटना की जांच कर रही है.
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