Jharkhand


JPSC-JSSC को लेकर रांची में बवाल, CM हाउस जा रहे ABVP कार्यकर्ताओं से पुलिस की धक्का-मुक्की; 4 हिरासत में

News Pratyaksh | Updated : Sat 08th Aug 2026, 12:43 pm
JPSC-JSSC को लेकर रांची में बवाल, CM हाउस जा रहे ABVP कार्यकर्ताओं से पुलिस की धक्का-मुक्की; 4 हिरासत में रांची: झारखंड में JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्रों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। इसी क्रम में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने के लिए श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय से मार्च निकाला। मुख्यमंत्री आवास की ओर बढ़ रहे ABVP कार्यकर्ताओं को पुलिस ने सिद्धू-कान्हू पार्क के पास रोक दिया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की हुई। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोक दिया, जिससे मौके पर तनाव की स्थिति बन गई। दो बैरिकेडिंग तोड़ी, 4 कार्यकर्ता हिरासत में प्रदर्शनकारियों ने रास्ते में लगी दो बैरिकेडिंग तोड़ दी और आगे बढ़ते हुए मुख्यमंत्री आवास के पास स्थित सिद्धू-कान्हू पार्क के समीप पहुंच गए। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए ABVP के चार कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया। प्रदर्शन को देखते हुए इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। बड़ी संख्या में छात्र और ABVP कार्यकर्ता मार्च में शामिल हुए हैं। JPSC-JSSC परीक्षा रद्द और CBI जांच की मांग प्रदर्शनकारियों के हाथों में मौजूद बैनर और पोस्टर पर JPSC और JSSC परीक्षाओं को तत्काल रद्द करने, CBI जांच कराने और उच्च शिक्षा में तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के पदों पर तत्काल बहाली शुरू करने जैसी मांगें लिखी हुई थीं। फिलहाल पुलिस प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोक रही है और इलाके में स्थिति पर नजर रखी जा रही है। #RanchiNews #JPSC #newspratyaksh See less

पत्नी से मिलने निकले थे चंदन, रास्ते में हुआ हादसा; मुजफ्फरपुर में दर्दनाक मौत

News Pratyaksh | Updated : Sat 08th Aug 2026, 12:43 pm
पत्नी से मिलने निकले थे चंदन, रास्ते में हुआ हादसा; मुजफ्फरपुर में दर्दनाक मौत मुजफ्फरपुर: मोतिहारी के ग्रामीण कार्य विभाग में कार्यरत कर्मी चंदन कुमार झा की शनिवार सुबह सड़क हादसे में मौत हो गई। हादसा मुजफ्फरपुर के कच्ची पक्की ओपी क्षेत्र स्थित दिघरा के पास हुआ। जानकारी के अनुसार, चंदन कुमार झा बाइक से मोतिहारी से समस्तीपुर में कार्यरत अपनी पत्नी से मिलने जा रहे थे। इसी दौरान दिघरा के पास उनकी बाइक दुर्घटनाग्रस्त हो गई। हादसे में उन्हें गंभीर चोटें आईं और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही कच्ची पक्की ओपी पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की। पुलिस ने मृतक के पास मिले पहचान पत्र के आधार पर उनकी पहचान मधुबनी जिले के आदर्श नगर (गोशाला रोड) निवासी गौरी कांत झा के पुत्र चंदन कुमार झा के रूप में की। ढाका डिवीजन में कार्यरत थे चंदन पुलिस और परिजनों से मिली जानकारी के मुताबिक, चंदन कुमार झा मोतिहारी के ग्रामीण कार्य विभाग के ढाका डिवीजन में कार्यरत थे। शनिवार सुबह वह बाइक से समस्तीपुर के लिए निकले थे। हादसे की सूचना पुलिस ने उनके परिजनों और ग्रामीण कार्य विभाग में कार्यरत सहकर्मियों को दी। जानकारी मिलते ही सहकर्मी और रिश्तेदार घटनास्थल पर पहुंचे। वहीं, पति की मौत की खबर मिलते ही उनकी पत्नी भी समस्तीपुर से घटनास्थल के लिए रवाना हुईं। पुलिस ने आवश्यक कागजी प्रक्रिया पूरी करने के बाद शव को एसकेएमसीएच, मुजफ्फरपुर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस हादसे के कारणों की जांच कर रही है।

JPSC Protest का 15वां दिन: सरकार-छात्रों की दूसरे दौर की बैठक भी बेनतीजा, आंदोलन जारी :

News Pratyaksh | Updated : Sat 08th Aug 2026, 12:42 pm
JPSC Protest का 15वां दिन: सरकार-छात्रों की दूसरे दौर की बैठक भी बेनतीजा, आंदोलन जारी : रांची: झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्रों का आंदोलन शनिवार को 15वें दिन भी जारी रहा। सरकार और आंदोलनकारी अभ्यर्थियों के बीच दूसरे दौर की बातचीत हुई, लेकिन 14वीं JPSC सिविल सेवा परीक्षा रद्द करने समेत प्रमुख मांगों पर सहमति नहीं बन सकी। सरकार की पांच सदस्यीय टीम ने सबसे पहले आंदोलन का नेतृत्व कर रहे देवेंद्र नाथ महतो के नेतृत्व वाले अभ्यर्थियों के प्रतिनिधिमंडल से करीब दो घंटे बातचीत की। इसके बाद कांग्रेस समर्थित NSUI, ACS और JCM के प्रतिनिधियों से भी चर्चा हुई। इससे पहले शुक्रवार रात सरकार ने 10 सदस्यीय छात्र प्रतिनिधिमंडल से बातचीत की थी। लगातार दूसरे दिन हुई बैठक के बावजूद गतिरोध खत्म नहीं हो सका। अभ्यर्थियों ने स्पष्ट किया है कि सभी प्रमुख मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा। देवेंद्र नाथ महतो का अनशन 7वें दिन आंदोलन का नेतृत्व कर रहे देवेंद्र नाथ महतो का अनशन शनिवार को सातवें दिन में प्रवेश कर गया। उन्होंने अपनी स्वास्थ्य स्थिति को लेकर चिंता जताते हुए कहा कि उनका ब्लड प्रेशर और शुगर लगातार गिर रहा है। डॉक्टरों ने चेस्ट इंफेक्शन की बात कहते हुए अस्पताल में भर्ती होने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि छात्र पिछले दो सप्ताह से अधिक समय से शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे हैं और सरकार को अब उनकी मांगों पर जल्द फैसला लेना चाहिए। JCM और NSUI ने रखीं अपनी मांगें सरकार के साथ बैठक में झारखंड छात्र मोर्चा (JCM) ने पांच मांगें रखीं। इनमें 14वीं JPSC सिविल सेवा परीक्षा रद्द करने की मांग प्रमुख रही। वहीं NSUI ने छह मांगें सरकार के सामने रखीं। संगठन ने संदेह के घेरे में आई JPSC और JSSC परीक्षाओं की 90 दिनों के भीतर CID जांच कराने और भर्ती परीक्षाओं के लिए NTA की तर्ज पर Jharkhand Testing Agency (JTA) गठित करने की मांग की। सरकार बोली- छात्रों की मांगें जायज बैठक के बाद राज्य मंत्री संजय प्रसाद यादव ने कहा कि प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों की मांगें जायज हैं और सरकार इन मांगों को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के सामने रखेगी। मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि बातचीत सकारात्मक माहौल में हुई है और छात्रों की ओर से बताई गई भर्ती संबंधी विसंगतियों का जल्द समाधान किया जाएगा। वहीं मंत्री सुदिव्य कुमार ने भर्ती प्रक्रिया में सुधार को लेकर छात्रों और अन्य हितधारकों से सुझाव मांगे हैं। इसके लिए सरकार ने jpsc.jssc.feedback@gmail.com ई-मेल आईडी जारी की है। JPSC मामले में 19 गिरफ्तारियां JPSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जांच के दौरान अब तक 19 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। वहीं आयोग के पूर्व अध्यक्ष एल. खियांग्ते से 28 जुलाई के बाद चार बार पूछताछ किए जाने की जानकारी सामने आई है। आंदोलनकारी अभ्यर्थी पूरे मामले की स्वतंत्र जांच की मांग कर रहे हैं। उनकी मांग है कि जांच CBI या राज्य के बाहर के सेवानिवृत्त हाईकोर्ट जजों की कमेटी से कराई जाए। फिलहाल सरकार और छात्रों के बीच बातचीत जारी है, लेकिन 14वीं JPSC परीक्षा रद्द करने समेत प्रमुख मांगों पर सहमति नहीं बनने से रांची में आंदोलन जारी रहने के आसार हैं।

JPSC विवाद पहुंचा सुप्रीम कोर्ट, 14वीं सिविल सेवा परीक्षा में गड़बड़ी पर PIL दाखिल :

News Pratyaksh | Updated : Sat 08th Aug 2026, 10:57 am
JPSC विवाद पहुंचा सुप्रीम कोर्ट, 14वीं सिविल सेवा परीक्षा में गड़बड़ी पर PIL दाखिल : रांची: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की 14वीं संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा में कथित अनियमितताओं का मामला अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। सामाजिक कार्यकर्ता हरिशरण देवगन की ओर से इस मामले में जनहित याचिका (PIL) दायर की गई है। यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब झारखंड में JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर छात्रों का आंदोलन जारी है। याचिका सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री में डायरी नंबर 47998/2026 के तहत दर्ज है। इसमें 19 अप्रैल 2026 को आयोजित प्रारंभिक परीक्षा की पूरी प्रक्रिया की स्वतंत्र, निष्पक्ष और समयबद्ध जांच कराने की मांग की गई है। प्रश्नपत्र से लेकर OMR मूल्यांकन तक जांच की मांग PIL में प्रश्नपत्रों की सुरक्षा, OMR शीट की कस्टडी और मूल्यांकन प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं की जांच की मांग की गई है। याचिकाकर्ता ने जांच CBI को सौंपने या सुप्रीम कोर्ट अथवा झारखंड से बाहर के किसी हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में स्वतंत्र जांच कमेटी गठित करने की मांग की है। OMR की कॉपी वायरल होने के बाद बढ़ा विवाद याचिका के अनुसार, 2 जुलाई 2026 को JPSC प्रारंभिक परीक्षा का रिजल्ट जारी होने के बाद विवाद बढ़ा। इसके बाद एक सफल अभ्यर्थी की OMR उत्तर पुस्तिका की कार्बन कॉपी वायरल होने की बात सामने आई। याचिका में दावा किया गया है कि संबंधित अभ्यर्थी ने पहले पेपर में 100 में से केवल 48 सवालों के जवाब दिए थे, इसके बावजूद उसे सफल घोषित किया गया। हालांकि, इन आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। याचिका में JPSC के एक आधिकारिक नोटिस का भी हवाला दिया गया है। इसके मुताबिक, आयोग ने CID Case No. 16/2026 के तहत जांच जारी होने की जानकारी दी थी। साथ ही सफल अभ्यर्थियों से 30 जुलाई से 5 अगस्त 2026 के बीच Paper-I और Paper-II की OMR कार्बन कॉपी जमा करने को कहा गया था। अब इस मामले के सुप्रीम कोर्ट पहुंचने के बाद 14वीं JPSC सिविल सेवा परीक्षा की प्रक्रिया और कथित अनियमितताओं को लेकर कानूनी लड़ाई भी तेज हो गई है।

'मां' बनकर पहुंचीं माया देवी! आरा से रांची तक तय किया सफर, आंदोलनकारी छात्रों को अपने हाथों से पिलाई कॉफी

News Pratyaksh | Updated : Fri 07th Aug 2026, 12:42 pm
'मां' बनकर पहुंचीं माया देवी! आरा से रांची तक तय किया सफर, आंदोलनकारी छात्रों को अपने हाथों से पिलाई कॉफी 64 वर्षीय माया देवी ने सैकड़ों किलोमीटर का सफर तय कर छात्रों का बढ़ाया हौसला, बोलीं— "ये बच्चे अपने भविष्य और न्याय की लड़ाई लड़ रहे हैं।" रांची: आंदोलन के बीच दिखी ममता की मिसाल कहते हैं, जब कोई बेटा या बेटी खुद को सबसे अकेला महसूस करता है, तब सबसे पहले मां उसका सहारा बनती है। रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में चल रहे आंदोलन के दौरान ऐसा ही एक भावुक दृश्य देखने को मिला, जिसने हर किसी की आंखें नम कर दीं। प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ आंदोलन कर रहे छात्रों के बीच बिहार के आरा की 64 वर्षीय माया देवी अचानक पहुंचीं। उनके हाथों में न कोई राजनीतिक झंडा था, न कोई नारा... बल्कि कॉफी से भरे फ्लास्क और कप थे। वह एक-एक छात्र के पास गईं, अपने हाथों से उन्हें कॉफी पिलाई और मां की तरह उनका हौसला बढ़ाया। टीवी पर देखा संघर्ष, बेचैन हो उठा दिल माया देवी ने बताया कि जब उन्होंने टीवी और सोशल मीडिया पर छात्रों के संघर्ष की खबरें देखीं, तो उनका मन बेचैन हो गया। उन्होंने कहा, "ये बच्चे अपने भविष्य और न्याय की लड़ाई लड़ रहे हैं। मैं इनके साथ धरने पर तो नहीं बैठ सकती, लेकिन एक मां होने के नाते इनकी सेवा जरूर कर सकती हूं।" इसी भावना के साथ उन्होंने आरा से रांची तक का सफर तय किया। "इन बच्चों में अपने बेटे-बेटियां दिखे" माया देवी ने कहा कि कई दिनों से आंदोलन कर रहे छात्रों को देखकर उन्हें अपने बेटे-बेटियों की याद आ गई। उन्होंने कहा, "मां होने के नाते लगा कि मेरा भी कुछ फर्ज है। इसलिए मैं इनके लिए कॉफी लेकर आई हूं, ताकि इन्हें थोड़ी ऊर्जा और हिम्मत मिल सके।" उन्होंने यह भी बताया कि उनके इस फैसले में परिवार ने पूरा साथ दिया और सेवा के इस कार्य के लिए उन्हें प्रोत्साहित किया। सरकार से की न्याय की अपील माया देवी ने सरकार से मांग की कि यदि प्रतियोगी परीक्षाओं में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या भ्रष्टाचार हुआ है, तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा, "ईमानदारी से मेहनत करने वाले छात्रों को हर हाल में न्याय मिलना चाहिए।" छात्र बोले— "आज मां का प्यार मिल गया" माया देवी के इस स्नेह से आंदोलनकारी छात्र भी भावुक हो गए। छात्रों ने कहा कि जब दूसरे राज्य से कोई मां केवल उनका हौसला बढ़ाने के लिए पहुंच सकती है, तो यह उनकी लड़ाई के प्रति समाज के भरोसे और समर्थन का सबसे बड़ा प्रमाण है। आंदोलन के बीच माया देवी की मौजूदगी ने यह संदेश दिया कि हर जनआंदोलन की सबसे बड़ी ताकत आम लोगों का विश्वास, संवेदना और अपनापन होता है। आरा से रांची तक का उनका सफर केवल दूरी तय करने का नहीं, बल्कि ममता, उम्मीद और न्याय के प्रति विश्वास का प्रतीक बन गया।

देवघर से पूर्वोत्तर की उड़ान शुरू: गुवाहाटी के लिए इंडिगो की सीधी फ्लाइट का शुभारंभ, पहले विमान को मिला वाटर सेल्यूट

News Pratyaksh | Updated : Wed 05th Aug 2026, 11:50 am
देवघर से पूर्वोत्तर की उड़ान शुरू: गुवाहाटी के लिए इंडिगो की सीधी फ्लाइट का शुभारंभ, पहले विमान को मिला वाटर सेल्यूट देवघर: दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु के बाद अब देवघर एयरपोर्ट से पूर्वोत्तर भारत के लिए भी हवाई सेवा शुरू हो गई है। मंगलवार से इंडिगो ने देवघर–गुवाहाटी के बीच सीधी विमान सेवा का शुभारंभ कर दिया। इस नई उड़ान से असम समेत पूर्वोत्तर राज्यों के श्रद्धालुओं, पर्यटकों और अन्य यात्रियों को बड़ी सुविधा मिलेगी। नई सेवा के शुभारंभ पर एयरपोर्ट प्रशासन ने पहले विमान का वाटर सेल्यूट देकर स्वागत किया। इस अवसर पर यात्रियों और एयरपोर्ट कर्मियों ने खुशी जताई और इसे क्षेत्र की बेहतर हवाई कनेक्टिविटी की दिशा में अहम कदम बताया। देवघर एयरपोर्ट के निदेशक जॉय बनर्जी ने बताया कि फिलहाल इस रूट पर 70 सीटों वाले विमान का संचालन किया जा रहा है। यह फ्लाइट सप्ताह में दो दिन—मंगलवार और शुक्रवार को संचालित होगी। उन्होंने कहा कि यदि यात्रियों की संख्या बढ़ती है तो भविष्य में बड़े विमान का परिचालन भी किया जा सकता है। नई सेवा के पहले दिन देवघर से 50 यात्री गुवाहाटी के लिए रवाना हुए, जबकि गुवाहाटी से 45 यात्री देवघर पहुंचे। इस नई उड़ान से विशेष रूप से बाबा बैद्यनाथ धाम आने वाले श्रद्धालुओं और पूर्वोत्तर भारत की यात्रा करने वाले लोगों को सीधी हवाई सुविधा का लाभ मिलेगा।