Jharkhand


पश्चिमी सिंहभूम में सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता, 10 लाख के इनामी नक्सली समेत 4 ने किया आत्मसमर्पण

News Pratyaksh | Updated : Tue 11th Aug 2026, 12:23 pm
पश्चिमी सिंहभूम में सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता, 10 लाख के इनामी नक्सली समेत 4 ने किया आत्मसमर्पण चाईबासा: पश्चिमी सिंहभूम जिले में चल रहे नक्सल विरोधी अभियान के बीच सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता मिली है। कोल्हान, पोराहाट और सारंडा के जंगल-पहाड़ी क्षेत्रों में सक्रिय प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) संगठन के चार सदस्यों ने मंगलवार को पुलिस और CRPF के वरीय अधिकारियों के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया। आत्मसमर्पण करने वालों में संगठन का 10 लाख रुपये का इनामी जोनल कमेटी सदस्य सालुका कायम भी शामिल है। पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई ऑपरेशन नवजीवन-III के तहत हुई। आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों ने हथियार और बड़ी संख्या में कारतूस भी सुरक्षाबलों को सौंपे। 10 लाख के इनामी सालुका कायम ने छोड़ा नक्सल का रास्ता आत्मसमर्पण करने वालों में सालुका कायम उर्फ भुवनेश्वर, मारू, विक्रम, डांगिल, तुबुई और जयराम का नाम सामने आया है। पुलिस के मुताबिक सालुका भाकपा (माओवादी) की जोनल कमेटी का सदस्य था और उस पर 10 लाख रुपये का इनाम घोषित था। पुलिस के अनुसार, सालुका के खिलाफ पश्चिमी सिंहभूम में 90 और सरायकेला जिले में 6 मामले, यानी कुल 96 मामले दर्ज हैं। आत्मसमर्पण के दौरान उसने एक AK-47 राइफल, दो मैगजीन और 843 राउंड कारतूस समेत अन्य सामान सुरक्षा बलों को सौंपा। तीन अन्य नक्सलियों ने भी किया सरेंडर सालुका के साथ तीन अन्य सक्रिय सदस्यों ने भी हिंसा का रास्ता छोड़कर आत्मसमर्पण किया। इनमें कोदोमुनी कोड़ा उर्फ कोदम मुन्नी कोड़ा उर्फ कितामाई, पिंकी पूर्ति उर्फ सुकांती पूर्ति उर्फ मेचो पूर्ति और अनिता तामसोय उर्फ अनिता कायम उर्फ मुक्ता उर्फ नूनी शामिल हैं। पुलिस के मुताबिक, टोंटो थाना क्षेत्र के रेंगड़ाहातु निवासी कोदोमुनी कोड़ा संगठन में दस्ता सदस्य के तौर पर सक्रिय था। उस पर एक लाख रुपये का इनाम था और उसके खिलाफ चाईबासा में सात मामले दर्ज बताए गए हैं। उसने एक वायरलेस सेट और 697 राउंड कारतूस सौंपे। पिंकी पूर्ति और अनिता तामसोय पर भी कई मामले पुलिस के अनुसार, पिंकी पूर्ति संगठन में दस्ता सदस्य के तौर पर सक्रिय थी। उसके खिलाफ चाईबासा में 13 मामले दर्ज हैं। आत्मसमर्पण के दौरान उसके पास से एक वायरलेस सेट और 639 राउंड कारतूस मिले। वहीं, अनिता तामसोय के खिलाफ चाईबासा में 12 और सरायकेला में एक, कुल 13 मामले दर्ज होने की जानकारी पुलिस ने दी है। उसने एक इंसास राइफल, पांच मैगजीन और 97 राउंड कारतूस सहित अन्य सामग्री सुरक्षा बलों को सौंपे। सुरक्षाबलों के मुताबिक, चार नक्सलियों का आत्मसमर्पण कोल्हान क्षेत्र में नक्सल विरोधी अभियान के लिए महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है।

: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जांच कर रही CID ने सोमवार को बड़ी कार्रवाई की है। जांच एजेंसी ने JPSC के पूर्व अध्यक्ष एल खियांग्ते को गिरफ्तार कर लिया है। जानकारी के मुताबिक, CID की टीम ने उन्हें उनके आवास से गिरफ्तार क

News Pratyaksh | Updated : Mon 10th Aug 2026, 12:34 pm
रांची: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जांच कर रही CID ने सोमवार को बड़ी कार्रवाई की है। जांच एजेंसी ने JPSC के पूर्व अध्यक्ष एल खियांग्ते को गिरफ्तार कर लिया है। जानकारी के मुताबिक, CID की टीम ने उन्हें उनके आवास से गिरफ्तार किया। कई दौर की पूछताछ के बाद गिरफ्तारी एल खियांग्ते अपने इस्तीफे के बाद से ही CID की जांच के दायरे में थे। जांच एजेंसी ने उनसे 28 जुलाई से लगातार परीक्षा में कथित गड़बड़ियों से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर पूछताछ की थी। पूछताछ के दौरान CID ने परीक्षा के संचालन, प्रश्नपत्र और परीक्षा प्रक्रिया, आउटसोर्स एजेंसी के चयन तथा आयोग स्तर पर लिए गए फैसलों से जुड़े सवाल किए। जांच के दौरान सामने आई जानकारियों और जुटाए गए तथ्यों के आधार पर अब CID ने पूर्व अध्यक्ष को गिरफ्तार किया है। मामले में CID की जांच आगे भी जारी है। एजेंसी कथित परीक्षा अनियमितताओं से जुड़े अन्य पहलुओं और इसमें शामिल संभावित लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है।

अररिया में रिश्वतखोर GM गिरफ्तार, ₹85 हजार मांगे; ₹50 हजार लेते विजिलेंस ने दबोचा :

News Pratyaksh | Updated : Sat 08th Aug 2026, 12:44 pm
अररिया में रिश्वतखोर GM गिरफ्तार, ₹85 हजार मांगे; ₹50 हजार लेते विजिलेंस ने दबोचा : अररिया: बिहार के अररिया में भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। उद्योग विभाग के महाप्रबंधक अनिल कुमार मंडल को ₹50 हजार रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया है। कार्रवाई उनके अररिया स्थित किराए के आवास पर की गई। निगरानी विभाग के डीएसपी सतीश चंद्र माधव के अनुसार, मशीन सप्लायर कमरे आलम ने महाप्रबंधक के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। आरोप था कि मशीनों की आपूर्ति के बदले उनसे कमीशन की मांग की जा रही है। ₹17 लाख की सप्लाई पर मांगा 5% कमीशन शिकायतकर्ता के मुताबिक, विभिन्न लोगों को करीब ₹17 लाख की मशीनों की आपूर्ति की गई थी। इसके एवज में महाप्रबंधक ने कथित तौर पर 5 प्रतिशत यानी ₹85 हजार कमीशन की मांग की थी। शिकायत मिलने के बाद निगरानी विभाग ने आरोपों का सत्यापन कराया। सत्यापन में शिकायत सही पाए जाने के बाद भ्रष्टाचार निवारण कानून के तहत मामला दर्ज किया गया और डीएसपी के नेतृत्व में धावा दल गठित किया गया। ₹50 हजार लेते ही विजिलेंस का एक्शन धावा दल ने महाप्रबंधक के किराए के मकान पर छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान ₹50 हजार की रिश्वत की रकम बरामद की गई। इसके बाद निगरानी टीम ने अनिल कुमार मंडल को गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल आरोपी अधिकारी से पूछताछ की जा रही है और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।

JPSC-JSSC को लेकर रांची में बवाल, CM हाउस जा रहे ABVP कार्यकर्ताओं से पुलिस की धक्का-मुक्की; 4 हिरासत में

News Pratyaksh | Updated : Sat 08th Aug 2026, 12:43 pm
JPSC-JSSC को लेकर रांची में बवाल, CM हाउस जा रहे ABVP कार्यकर्ताओं से पुलिस की धक्का-मुक्की; 4 हिरासत में रांची: झारखंड में JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्रों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। इसी क्रम में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने के लिए श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय से मार्च निकाला। मुख्यमंत्री आवास की ओर बढ़ रहे ABVP कार्यकर्ताओं को पुलिस ने सिद्धू-कान्हू पार्क के पास रोक दिया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की हुई। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोक दिया, जिससे मौके पर तनाव की स्थिति बन गई। दो बैरिकेडिंग तोड़ी, 4 कार्यकर्ता हिरासत में प्रदर्शनकारियों ने रास्ते में लगी दो बैरिकेडिंग तोड़ दी और आगे बढ़ते हुए मुख्यमंत्री आवास के पास स्थित सिद्धू-कान्हू पार्क के समीप पहुंच गए। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए ABVP के चार कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया। प्रदर्शन को देखते हुए इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। बड़ी संख्या में छात्र और ABVP कार्यकर्ता मार्च में शामिल हुए हैं। JPSC-JSSC परीक्षा रद्द और CBI जांच की मांग प्रदर्शनकारियों के हाथों में मौजूद बैनर और पोस्टर पर JPSC और JSSC परीक्षाओं को तत्काल रद्द करने, CBI जांच कराने और उच्च शिक्षा में तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के पदों पर तत्काल बहाली शुरू करने जैसी मांगें लिखी हुई थीं। फिलहाल पुलिस प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोक रही है और इलाके में स्थिति पर नजर रखी जा रही है। #RanchiNews #JPSC #newspratyaksh See less

पत्नी से मिलने निकले थे चंदन, रास्ते में हुआ हादसा; मुजफ्फरपुर में दर्दनाक मौत

News Pratyaksh | Updated : Sat 08th Aug 2026, 12:43 pm
पत्नी से मिलने निकले थे चंदन, रास्ते में हुआ हादसा; मुजफ्फरपुर में दर्दनाक मौत मुजफ्फरपुर: मोतिहारी के ग्रामीण कार्य विभाग में कार्यरत कर्मी चंदन कुमार झा की शनिवार सुबह सड़क हादसे में मौत हो गई। हादसा मुजफ्फरपुर के कच्ची पक्की ओपी क्षेत्र स्थित दिघरा के पास हुआ। जानकारी के अनुसार, चंदन कुमार झा बाइक से मोतिहारी से समस्तीपुर में कार्यरत अपनी पत्नी से मिलने जा रहे थे। इसी दौरान दिघरा के पास उनकी बाइक दुर्घटनाग्रस्त हो गई। हादसे में उन्हें गंभीर चोटें आईं और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही कच्ची पक्की ओपी पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की। पुलिस ने मृतक के पास मिले पहचान पत्र के आधार पर उनकी पहचान मधुबनी जिले के आदर्श नगर (गोशाला रोड) निवासी गौरी कांत झा के पुत्र चंदन कुमार झा के रूप में की। ढाका डिवीजन में कार्यरत थे चंदन पुलिस और परिजनों से मिली जानकारी के मुताबिक, चंदन कुमार झा मोतिहारी के ग्रामीण कार्य विभाग के ढाका डिवीजन में कार्यरत थे। शनिवार सुबह वह बाइक से समस्तीपुर के लिए निकले थे। हादसे की सूचना पुलिस ने उनके परिजनों और ग्रामीण कार्य विभाग में कार्यरत सहकर्मियों को दी। जानकारी मिलते ही सहकर्मी और रिश्तेदार घटनास्थल पर पहुंचे। वहीं, पति की मौत की खबर मिलते ही उनकी पत्नी भी समस्तीपुर से घटनास्थल के लिए रवाना हुईं। पुलिस ने आवश्यक कागजी प्रक्रिया पूरी करने के बाद शव को एसकेएमसीएच, मुजफ्फरपुर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस हादसे के कारणों की जांच कर रही है।

JPSC Protest का 15वां दिन: सरकार-छात्रों की दूसरे दौर की बैठक भी बेनतीजा, आंदोलन जारी :

News Pratyaksh | Updated : Sat 08th Aug 2026, 12:42 pm
JPSC Protest का 15वां दिन: सरकार-छात्रों की दूसरे दौर की बैठक भी बेनतीजा, आंदोलन जारी : रांची: झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्रों का आंदोलन शनिवार को 15वें दिन भी जारी रहा। सरकार और आंदोलनकारी अभ्यर्थियों के बीच दूसरे दौर की बातचीत हुई, लेकिन 14वीं JPSC सिविल सेवा परीक्षा रद्द करने समेत प्रमुख मांगों पर सहमति नहीं बन सकी। सरकार की पांच सदस्यीय टीम ने सबसे पहले आंदोलन का नेतृत्व कर रहे देवेंद्र नाथ महतो के नेतृत्व वाले अभ्यर्थियों के प्रतिनिधिमंडल से करीब दो घंटे बातचीत की। इसके बाद कांग्रेस समर्थित NSUI, ACS और JCM के प्रतिनिधियों से भी चर्चा हुई। इससे पहले शुक्रवार रात सरकार ने 10 सदस्यीय छात्र प्रतिनिधिमंडल से बातचीत की थी। लगातार दूसरे दिन हुई बैठक के बावजूद गतिरोध खत्म नहीं हो सका। अभ्यर्थियों ने स्पष्ट किया है कि सभी प्रमुख मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा। देवेंद्र नाथ महतो का अनशन 7वें दिन आंदोलन का नेतृत्व कर रहे देवेंद्र नाथ महतो का अनशन शनिवार को सातवें दिन में प्रवेश कर गया। उन्होंने अपनी स्वास्थ्य स्थिति को लेकर चिंता जताते हुए कहा कि उनका ब्लड प्रेशर और शुगर लगातार गिर रहा है। डॉक्टरों ने चेस्ट इंफेक्शन की बात कहते हुए अस्पताल में भर्ती होने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि छात्र पिछले दो सप्ताह से अधिक समय से शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे हैं और सरकार को अब उनकी मांगों पर जल्द फैसला लेना चाहिए। JCM और NSUI ने रखीं अपनी मांगें सरकार के साथ बैठक में झारखंड छात्र मोर्चा (JCM) ने पांच मांगें रखीं। इनमें 14वीं JPSC सिविल सेवा परीक्षा रद्द करने की मांग प्रमुख रही। वहीं NSUI ने छह मांगें सरकार के सामने रखीं। संगठन ने संदेह के घेरे में आई JPSC और JSSC परीक्षाओं की 90 दिनों के भीतर CID जांच कराने और भर्ती परीक्षाओं के लिए NTA की तर्ज पर Jharkhand Testing Agency (JTA) गठित करने की मांग की। सरकार बोली- छात्रों की मांगें जायज बैठक के बाद राज्य मंत्री संजय प्रसाद यादव ने कहा कि प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों की मांगें जायज हैं और सरकार इन मांगों को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के सामने रखेगी। मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि बातचीत सकारात्मक माहौल में हुई है और छात्रों की ओर से बताई गई भर्ती संबंधी विसंगतियों का जल्द समाधान किया जाएगा। वहीं मंत्री सुदिव्य कुमार ने भर्ती प्रक्रिया में सुधार को लेकर छात्रों और अन्य हितधारकों से सुझाव मांगे हैं। इसके लिए सरकार ने jpsc.jssc.feedback@gmail.com ई-मेल आईडी जारी की है। JPSC मामले में 19 गिरफ्तारियां JPSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जांच के दौरान अब तक 19 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। वहीं आयोग के पूर्व अध्यक्ष एल. खियांग्ते से 28 जुलाई के बाद चार बार पूछताछ किए जाने की जानकारी सामने आई है। आंदोलनकारी अभ्यर्थी पूरे मामले की स्वतंत्र जांच की मांग कर रहे हैं। उनकी मांग है कि जांच CBI या राज्य के बाहर के सेवानिवृत्त हाईकोर्ट जजों की कमेटी से कराई जाए। फिलहाल सरकार और छात्रों के बीच बातचीत जारी है, लेकिन 14वीं JPSC परीक्षा रद्द करने समेत प्रमुख मांगों पर सहमति नहीं बनने से रांची में आंदोलन जारी रहने के आसार हैं।
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