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बिहार के मुख्यमंत्री का पद छोड़ने के बाद नीतीश कुमार को जेड प्लस सुरक्षा मिलती रहेगी. इस संबंध में मंगलवार को गृह विभाग की विशेष शाखा की ओर से आदेश जारी किया गया है. ऐसे में राज्य सभा सदस्य बनने पर भी नीतीश कुमार की सुरक्षा बरकरार रहेगी.गृह विभाग के आदेश

News Pratyaksh | Updated : Thu 02nd Apr 2026, 12:54 pm
बिहार के मुख्यमंत्री का पद छोड़ने के बाद नीतीश कुमार को जेड प्लस सुरक्षा मिलती रहेगी. इस संबंध में मंगलवार को गृह विभाग की विशेष शाखा की ओर से आदेश जारी किया गया है. ऐसे में राज्य सभा सदस्य बनने पर भी नीतीश कुमार की सुरक्षा बरकरार रहेगी.गृह विभाग के आदेश से यह भी साफ हो गया है कि नीतीश कुमार जल्द ही मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देंगे और राज्य सभा की सदस्यता ग्रहण करेंगे. वर्तमान में नीतीश कुमार राज्य सभा के लिए निवार्चित हुए हैं. इसी कड़ी में नीतीश कुमार को जेड प्लस सुरक्षा प्रदान की गई है.इस सुरक्षा में 55 हर समय सुरक्षा में तैनात हैं, जिसमें 24 जवान, 6 PSO, 10 आर्म्ड स्टैटिक गार्ड, 2 एस्कॉर्ट, 5 वॉचर्स और एक इंस्पेक्टर शामिल है. सभी जवान 24 घंटे शिफ्ट के हिसाब से ड्यूटी करते है. इस सुरक्षा में पुलिस और अर्धसैनिक बलों के जवान भी शामिल होते हैं. सुरक्षा घेरे बुलेटप्रूफ गाड़ियां और एस्कॉर्ट वाहन की तैनाती रहती हैं.सी चर्चा है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार 10 अप्रैल को राज्यसभा की सदस्यता लेंगे. 16 मार्च को राज्यसभा के लिए नीतीश कुमार चुने गए थे. 30 मार्च को विधान परिषद की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था और अब जो जानकारी मिल रही है 10 अप्रैल को राज्यसभा की सदस्यता ले लेंगे. 14 अप्रैल तक खरमास है तो खरमास के बाद फिर बिहार में नई सरकार बनाने की हलचल तेज होगी.इसी कड़ी शनिवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 7 सर्किल रोड स्थित बंगला को भी जाकर देखा था. मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद सात सर्कुलर रोड बंगाल में ही मुख्यमंत्री रहेंगे. नीतीश कुमार पहले भी इस बंगले में रह चुके हैं.

बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने मंगलवार को कहा कि राज्य में बिना लाइसेंस वाले विक्रेताओं द्वारा मांस की बिक्री की अनुमति नहीं दी जाएगी। पत्रकारों से यहां बात करते हुए सिन्हा ने कहा, 'बिहार में मांस की दुकानें चलाने के लिए लाइसेंस अनिवार्य कर द

News Pratyaksh | Updated : Wed 25th Mar 2026, 08:50 am
बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने मंगलवार को कहा कि राज्य में बिना लाइसेंस वाले विक्रेताओं द्वारा मांस की बिक्री की अनुमति नहीं दी जाएगी। पत्रकारों से यहां बात करते हुए सिन्हा ने कहा, 'बिहार में मांस की दुकानें चलाने के लिए लाइसेंस अनिवार्य कर दिया गया है। बिना लाइसेंस वालों द्वारा अवैध मांस बेचने वालों पर हम पूरी सख्ती से रोक लगाएंगे।' उन्होंने कहा कि जनहित में स्कूलों और शैक्षणिक संस्थानों के पास खुले स्थानों पर मांस की बिक्री पर निगरानी रखी जाएगी। उपमुख्यमंत्री ने कहा, 'जन स्वास्थ्य और स्वच्छता को प्राथमिकता देने के लिए धार्मिक स्थलों और स्कूलों के आसपास विशेष निगरानी की जाएगी, जो आम लोगों के कल्याण के लिए आवश्यक है।

असम चुनाव के लिए CM हेमंत सोरेन रविवार को विधायक कल्पना सोरेन के साथ दिल्ली पहुंचे। : झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने रविवार को अपनी पत्नी और गांडेय विधायक कल्पना सोरेन के साथ दिल्ली के लिए सफर किया। असम विधानसभा चुनाव 2026 को देखते हुए उनका यह दौरा

News Pratyaksh | Updated : Mon 23rd Mar 2026, 11:17 am
असम चुनाव के लिए CM हेमंत सोरेन रविवार को विधायक कल्पना सोरेन के साथ दिल्ली पहुंचे। : झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने रविवार को अपनी पत्नी और गांडेय विधायक कल्पना सोरेन के साथ दिल्ली के लिए सफर किया। असम विधानसभा चुनाव 2026 को देखते हुए उनका यह दौरा अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आगामी चुनाव के लिए नामांकन की अंतिम तिथि 23 मार्च 2026 है, जिससे इस यात्रा से गठबंधन से संबंधित महत्वपूर्ण निर्णय लेने की उम्मीद है। झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) असम चुनाव में सक्रिय रूप से भाग लेने की योजना बना रहा है। पार्टी आदिवासी बहुल क्षेत्रों में अपनी स्थिति को मजबूत करने के लिए प्रयासरत है। हाल ही में, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने असम के विभिन्न क्षेत्रों में रैलियों का आयोजन किया और आदिवासी समुदाय को एकजुट होने का संदेश दिया।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज संसद में वित्त विधेयक 2026 और कॉर्पोरेट कानून संशोधन बिल पेश करेंगी :केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज सोमवार को संसद में दो अत्यंत महत्वपूर्ण विधेयक— वित्त विधेयक, 2026 और कॉर्पोरेट कानून (संशोधन) विधेयक, 2026 पेश क

News Pratyaksh | Updated : Mon 23rd Mar 2026, 11:14 am
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज संसद में वित्त विधेयक 2026 और कॉर्पोरेट कानून संशोधन बिल पेश करेंगी :केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज सोमवार को संसद में दो अत्यंत महत्वपूर्ण विधेयक— वित्त विधेयक, 2026 और कॉर्पोरेट कानून (संशोधन) विधेयक, 2026 पेश करने जा रही हैं. ये विधेयक आगामी वित्त वर्ष 2026-27 के लिए सरकार के बजटीय प्रस्तावों और आर्थिक नीतियों को कानूनी रूप देने की दिशा में एक निर्णायक कदम हैं.वित्त विधेयक, 2026 का मुख्य उद्देश्य वित्त वर्ष 2026-27 के लिए केंद्र सरकार के वित्तीय प्रस्तावों को प्रभावी बनाना है. बजट सत्र के दूसरे चरण में पेश होने वाला यह बिल सरकार की कर नीतियों और राजकोषीय योजनाओं को लागू करेगा. उम्मीद है कि इस बिल के माध्यम से नए आयकर अधिनियम (New Income Tax Act) के क्रियान्वयन और कॉर्पोरेट कर संरचना में सुधारों को अंतिम रूप दिया जाएगा.इस विधायी कार्यसूची का एक और महत्वपूर्ण हिस्सा दिवाला और दिवालियापन संहिता (IBC) संशोधन बिल है. हाल ही में 10 मार्च को केंद्रीय कैबिनेट ने इन संशोधनों को मंजूरी दी थी. ये प्रस्ताव भाजपा सांसद बैजयंत पांडा की अध्यक्षता वाली संसदीय चयन समिति की सिफारिशों पर आधारित हैं, जिसने दिसंबर 2025 में अपनी रिपोर्ट सौंपी थी.

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज संसद में वित्त विधेयक 2026 और कॉर्पोरेट कानून संशोधन बिल पेश करेंगी :केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज सोमवार को संसद में दो अत्यंत महत्वपूर्ण विधेयक— वित्त विधेयक, 2026 और कॉर्पोरेट कानून (संशोधन) विधेयक, 2026 पेश क

News Pratyaksh | Updated : Mon 23rd Mar 2026, 11:14 am
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज संसद में वित्त विधेयक 2026 और कॉर्पोरेट कानून संशोधन बिल पेश करेंगी :केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज सोमवार को संसद में दो अत्यंत महत्वपूर्ण विधेयक— वित्त विधेयक, 2026 और कॉर्पोरेट कानून (संशोधन) विधेयक, 2026 पेश करने जा रही हैं. ये विधेयक आगामी वित्त वर्ष 2026-27 के लिए सरकार के बजटीय प्रस्तावों और आर्थिक नीतियों को कानूनी रूप देने की दिशा में एक निर्णायक कदम हैं.वित्त विधेयक, 2026 का मुख्य उद्देश्य वित्त वर्ष 2026-27 के लिए केंद्र सरकार के वित्तीय प्रस्तावों को प्रभावी बनाना है. बजट सत्र के दूसरे चरण में पेश होने वाला यह बिल सरकार की कर नीतियों और राजकोषीय योजनाओं को लागू करेगा. उम्मीद है कि इस बिल के माध्यम से नए आयकर अधिनियम (New Income Tax Act) के क्रियान्वयन और कॉर्पोरेट कर संरचना में सुधारों को अंतिम रूप दिया जाएगा.इस विधायी कार्यसूची का एक और महत्वपूर्ण हिस्सा दिवाला और दिवालियापन संहिता (IBC) संशोधन बिल है. हाल ही में 10 मार्च को केंद्रीय कैबिनेट ने इन संशोधनों को मंजूरी दी थी. ये प्रस्ताव भाजपा सांसद बैजयंत पांडा की अध्यक्षता वाली संसदीय चयन समिति की सिफारिशों पर आधारित हैं, जिसने दिसंबर 2025 में अपनी रिपोर्ट सौंपी थी.
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