Politics


नई दिल्ली: संसद में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 पेश किए जाने से पहले एक उत्साहजनक विश्लेषण सामने आया है

News Pratyaksh | Updated : Thu 29th Jan 2026, 11:12 am
नई दिल्ली: संसद में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 पेश किए जाने से पहले एक उत्साहजनक विश्लेषण सामने आया है. आंकड़ों के अनुसार, भारत की वास्तविक जीडीपी (GDP) वृद्धि दर अक्सर इकोनॉमिक सर्वे के शुरुआती अनुमानों को पीछे छोड़ देती है. वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान भारत की विकास दर 7.4% रहने की उम्मीद है, जबकि पिछले बजट पूर्व दस्तावेज़ में इसके 6.3-6.8% रहने का अनुमान लगाया गया था. इसी तरह, 2023-24 में अर्थव्यवस्था ने सबको चौंकाते हुए 9.2% की शानदार ग्रोथ दर्ज की थी, जो सर्वेक्षण के 6-6.8% के अनुमान से काफी अधिक थी. हालांकि, 2024-25 में विकास दर 6.5% रही, जो अनुमानित सीमा के भीतर थी.ऐतिहासिक आंकड़ों पर गौर करें तो 2021-22 में 'बेस इफेक्ट' के कारण ग्रोथ 9.7% रही थी, जबकि कोविड प्रभावित वर्ष 2020-21 में यह -5.8% दर्ज की गई थी.आर्थिक सर्वेक्षण देश की वित्तीय सेहत का एक विस्तृत स्नैपशॉट पेश करता है. यह रिपोर्ट न केवल सरकार की आर्थिक सोच को स्पष्ट करती है, बल्कि 1 फरवरी को पेश होने वाले केंद्रीय बजट 2026 के लिए आधार भी तैयार करती है. निवेशकों और अर्थशास्त्रियों की नजर आज पेश होने वाले नए लक्ष्यों पर टिकी है.

भारत का आर्थिक सर्वे आज पेश किया जाएगा. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी – रविवार को केंद्रीय बजट 2026 पेश करेंगी. यह निर्मला सीतारमण का लगातार नौवां रिकॉर्ड बजट होगा. अमेरिकी टैरिफ और अस्थिर जियोपॉलिटिकल हालात के बीच आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाने के ल

News Pratyaksh | Updated : Thu 29th Jan 2026, 11:11 am
भारत का आर्थिक सर्वे आज पेश किया जाएगा. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी – रविवार को केंद्रीय बजट 2026 पेश करेंगी. यह निर्मला सीतारमण का लगातार नौवां रिकॉर्ड बजट होगा. अमेरिकी टैरिफ और अस्थिर जियोपॉलिटिकल हालात के बीच आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाने के लिए सुधार के कदम शामिल होने की उम्मीद है. यह सत्र दो हिस्सों में चलेगा. पहला सत्र 13 फरवरी को छुट्टी के लिए टाल दिया जाएगा और 9 मार्च को फिर से शुरू होगा. इस बजट सत्र में 65 दिनों में 30 बैठकें होंगी और यह 2 अप्रैल को खत्म होगा. इस सत्र के दौरान भी विपक्ष का सरकार को घेरने का प्लान है. इसलिए सदनों की कार्यवाही के दौरान विपक्षी सांसदों के हंगामा होने के आसार हैं. विपक्ष वीबी-जी राम जी कानून, एसआईआर, विदेश नीति और पर्यावरण से जुड़े अलग-अलग मुद्दों पर सरकार को घेरने के लिए तैयार है. सरकार ने अभी तक इस सेशन के लिए कोई नया बिल लिस्ट नहीं किया है

पूर्व सीएम व कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत लोकल उत्पादों को बढ़ावा देने की पहल समय-समय पर करते रहे हैं.

News Pratyaksh | Updated : Tue 27th Jan 2026, 12:23 pm
पूर्व सीएम व कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत लोकल उत्पादों को बढ़ावा देने की पहल समय-समय पर करते रहे हैं. जब भी उन्हें समय मिलता है वो काफल, माल्टा और नींबू के साथ ही स्थानीय उत्पादों की पार्टी देते रहते हैं. जिसमें कांग्रेस व बीजेपी के नेता तक शिरकत करते रहे हैं. साथ ही हरीश रावत स्थानीय उत्पादों के दाम बढ़ाने को लेकर सरकार पर निशाना साधते रहते हैं.उत्तराखंड के प्राकृतिक उत्पादों को औषधि का खजाना माना जाता है. पूर्व सीएम हरीश रावत ने उत्तराखंड में फलों के दामों पर धामी सरकार पर तंज कसा है. हरीश रावत ने फलों के दामों को लेकर धामी सरकार को जमकर घेरा है. उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर कि बाहरी कंपनियां माल्टा के छिलके खरीदने के लिए यहां पहुंच रही है. माल्टे, नारंगी, नींबू और गलगल के छिलकों का उपयोग दवाइयों और उपचार के लिए किया जाता है.कहा कि सरकार की जिद है कि माल्टा ₹10 किलो ही खरीदेगी और नींबू ₹7 किलो खरीदेगी. आगे कहा कि प्रतीत हो रहा है कि सरकार की प्रतिज्ञा को कांग्रेस को ही तोड़ना पड़ेगा. बता दें कि प्रदेश भर में सरकार द्वारा 10 रुपये प्रति किलो माल्टे का समर्थन मूल्य दे रही है. जिसको लेकर हरीश रावत सरकार को घेरते रहते हैं और दाम बढ़ाने की बात करते आ रहे हैं. वहीं सरकार द्वारा नींबू ₹7 प्रति किलो और माल्टा ₹10 प्रति किलो का खरीदा जा रहा है. हरीश रावत का कहना है कि इससे किसानों की लागत तक नहीं निकल पा रही है.

जिले में इन दिनों आयोजित सरस मेला सिर्फ एक मेला नहीं, बल्कि महिलाओं की मेहनत, हुनर और आत्मनिर्भरता का जीवंत उदाहरण बनकर उभर रहा है. मेले में देसी और हस्तनिर्मित सामानों की स्टॉल पर लगी लोगों की भारी भीड़ इस बात का प्रमाण है कि ग्रामीण महिलाओं का हुनर अब ब

News Pratyaksh | Updated : Tue 27th Jan 2026, 12:22 pm
जिले में इन दिनों आयोजित सरस मेला सिर्फ एक मेला नहीं, बल्कि महिलाओं की मेहनत, हुनर और आत्मनिर्भरता का जीवंत उदाहरण बनकर उभर रहा है. मेले में देसी और हस्तनिर्मित सामानों की स्टॉल पर लगी लोगों की भारी भीड़ इस बात का प्रमाण है कि ग्रामीण महिलाओं का हुनर अब बाजार में अपनी मजबूत पहचान बना चुका है.खासतौर पर जे.एस.एल.पी.एस (Jharkhand State Livelihood Promotion Society) के सहयोग से स्वावलंबी बनी महिलाएं आज पूरे समाज को यह संदेश दे रही हैं कि महिलाएं अब किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं. एक समय था जब घर की आर्थिक जिम्मेदारी सिर्फ पुरुषों के कंधों पर होती थी, लेकिन आज तस्वीर पूरी तरह बदल चुकी है. अब महिलाएं न सिर्फ घर संभाल रही हैं, बल्कि परिवार की अर्थव्यवस्था की एक मजबूत नींव भी बन चुकी हैं.सरस मेला में साहिबगंज से आईं सिकु मंडल ने बताया कि झारखंड राज्य आजीविका संवर्धन सोसाइटी (जे.एस.एल.पी.एस) से जुड़ने के बाद उनकी जिंदगी ने नया मोड़ लिया. टेडी बियर बनाकर आज वह न सिर्फ खुद के पैरों पर खड़ी हैं, बल्कि पूरे परिवार का भरण-पोषण भी कर रही हैं. उन्होंने बताया कि स्वयं सहायता समूह के जरिए काम मिलने से पहले उनका परिवार आर्थिक संकट से जूझ रहा था, लेकिन अब हालात पूरी तरह बदल चुके हैं.वहीं, कारोबारी आरती कुमारी का कहना है कि जे.एस.एल.पी.एस महिलाओं के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने में अहम भूमिका निभा रहा है. हालांकि उन्होंने लोन पर लगने वाले ब्याज को लेकर चिंता जताते हुए कहा कि अगर ब्याज दरों में कमी या समाप्ति हो जाए, तो महिलाएं और भी सशक्त बन सकती हैं. उनका मानना है कि सरकार अगर इस दिशा में कदम उठाए, तो महिला सशक्तिकरण की रफ्तार कई गुना तेज हो जाएगी.

एआईएडीएमके के पूर्व मंत्री आर वैथिलिंगम चेन्नई में डीएमके हेडक्वार्टर में मुख्यमंत्री एम के स्टालिन की मौजूदगी में डीएमके में शामिल हो गए :

News Pratyaksh | Updated : Wed 21st Jan 2026, 12:24 pm
एआईएडीएमके के पूर्व मंत्री आर वैथिलिंगम चेन्नई में डीएमके हेडक्वार्टर में मुख्यमंत्री एम के स्टालिन की मौजूदगी में डीएमके में शामिल हो गए : ओराथानाडु विधानसभा क्षेत्र के विधायक वैथिलिंगम ने आज सुबह अपने पद से इस्तीफा दे दिया और बाद में मुख्यमंत्री स्टालिन की मौजूदगी में डीएमके में शामिल हो गए. ओराथानाडु के विधायक वैथिलिंगम एआईएडीएमके (AIADMK) के ओ. पन्नीरसेल्वम (OPS) के समर्थक थे. उन्होंने आज अपने विधायक पद से इस्तीफा दे दिया. उन्होंने खुद अपना इस्तीफा विधानसभा स्पीकर अप्पावु को सौंपा.एआईएडीएमके के जनरल सेक्रेटरी एडप्पादी पलानीस्वामी ने साफ कहा था कि ओ. पन्नीरसेल्वम और उनके समर्थकों को पार्टी में दोबारा शामिल करने का कोई सवाल ही नहीं है. ओ. पन्नीरसेल्वम के समर्थक दूसरी पार्टियों में शामिल होते जा रहे हैं. इसी तरह कुछ हफ्ते पहले, ओ. पन्नीरसेल्वम के समर्थक विधायक मनोज पांडियन ने अपने विधायर पद से इस्तीफा दे दिया था और डीएमके में शामिल हो गए थे.कुछ दिन पहले, ओ. पन्नीरसेल्वम के पक्के समर्थक वकील सुब्बुराथिनम डीएमके में शामिल हो गए थे, और अब वैथिलिंगम ने अपने विधायक पद से इस्तीफा दे दिया है. वह सीधे सेक्रेटेरिएट से अन्ना अरिवालयम यानी डीएमके हेडक्वार्टर गए और चीफ मिनिस्टर स्टालिन की मौजूदगी में डीएमके में शामिल हो गए.इस दौरान करूर डिस्ट्रिक डीएमके सेक्रेटरी सेंथिल बालाजी समेत डीएमके हेडक्वार्टर के ऑफिस के लोग मौजूद थे. तंजावुर, थिरुवरूर, नागपट्टिनम और त्रिची जैसे जिलों में वैथिलिंगम के असर को देखते हुए, उनका डीएमके में शामिल होना आने वाले विधानसभा चुनाव में पार्टी के लिए फायदेमंद माना जा रहा है.

स्विट्जरलैंड के दावोस में हो रहे वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की बैठक में झारखंड मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में अपनी जोरदार उपस्थिति दर्ज करा रहा है तो दूसरी ओर झारखंड के नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने यह कहते हुए तंज कसा है कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन च

News Pratyaksh | Updated : Wed 21st Jan 2026, 12:21 pm
स्विट्जरलैंड के दावोस में हो रहे वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की बैठक में झारखंड मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में अपनी जोरदार उपस्थिति दर्ज करा रहा है तो दूसरी ओर झारखंड के नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने यह कहते हुए तंज कसा है कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन चाहे जो भी कर लें, यहां तक कि उद्योगपतियों का पैर भी पकड़ लें, फिर भी कोई उद्योगपति झारखंड में उद्योग नहीं लगाने आएगा. बाबूलाल मरांडी ने कहा कि इससे पहले भी हेमंत सोरेन विदेश दौरे पर गए थे, वहां से हेमंत सोरेन क्या-क्या लेकर आएं यह उनसे पूछा जाना चाहिए.
Follow us
Categories
Latest News
Popular Categories