Bihar


पूर्णिया में सूरज बिहारी की दिनदहाड़े हत्या के 10 दिन बाद पिता जवाहर यादव की भी मौत हो गई है :

News Pratyaksh | Updated : Fri 06th Feb 2026, 01:00 pm
पूर्णिया में सूरज बिहारी की दिनदहाड़े हत्या के 10 दिन बाद पिता जवाहर यादव की भी मौत हो गई है : बिहार के पूर्णिया जिले के प्रसिद्ध व्यवसायी जवाहर यादव का शुक्रवार सुबह दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई. यह घटना उनके बड़े बेटे सूरज बिहारी की हत्या के महज 10 दिनों बाद हुई है. सूरज बिहारी की असमय मौत का गहरा सदमा झेल नहीं पाने के कारण जवाहर यादव गंभीर मानसिक तनाव और डिप्रेशन में चले गए थे.दो दिन पहले ही वे ऋषिकेश जाकर जवाहर यादव अपने बेटे की अस्थियों का गंगा में विधि-विधान से विसर्जन कर लौटे थे. हालांकि घर पहुंचते ही उनकी तबीयत बिगड़ गई और अस्पताल ले जाने से पहले ही उन्होंने अंतिम सांस ली. अब परिवार में पिता-पुत्र दोनों का श्राद्धकर्म एक साथ संपन्न होगा, जिससे गुलाब बाग क्षेत्र सहित पूरे पूर्णिया में शोक की लहर दौड़ गई है.27 जनवरी 2026 को पूर्णिया के मरंगा थाना क्षेत्र के नेवालाल चौक के पास फंड वर्ल्ड पार्क के निकट दिनदहाड़े सूरज बिहारी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. सूरज बिहारी, जो शहर के सबसे बड़े मक्का गोदामों के मालिक थे और सोशल मीडिया पर फेमस ब्लॉगर भी, एक छोटे विवाद को सुलझाने पहुंचे थे.इस घटना ने पूर्णिया के गुलाब बाग व्यवसायी वर्ग को झकझोर दिया है. स्थानीय व्यवसायी संघ और ग्रामीणों ने प्रशासन से आरोपियों की तुरंत गिरफ्तारी और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग तेज कर दी है. कई लोगों का कहना है कि जवान बेटे की मौत का गम कोई पिता बर्दाश्त नहीं कर पाता, और यही हुआ जवाहर यादव के साथ. पूरा क्षेत्र शोक में डूबा है, जहां लोग परिवार के प्रति संवेदना जता रहे हैं.

अंतर्राष्ट्रीय पर्यटक स्थल राजगीर के दिगम्बर जैन धर्मशाला के एक कमरे से चार लोगों के शव संदिग्ध अवस्था में मिलने से सनसनी फैल गई है. बताया जाता है कि चारों पर्यटक बेंगलुरु से आए थे. घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पुलिस पहुंच कर मामले की छानबीन में जुट गई

News Pratyaksh | Updated : Fri 06th Feb 2026, 01:00 pm
अंतर्राष्ट्रीय पर्यटक स्थल राजगीर के दिगम्बर जैन धर्मशाला के एक कमरे से चार लोगों के शव संदिग्ध अवस्था में मिलने से सनसनी फैल गई है. बताया जाता है कि चारों पर्यटक बेंगलुरु से आए थे. घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पुलिस पहुंच कर मामले की छानबीन में जुट गई है और धर्मशाला और आस-पास के इलाकों को सील कर दिया गया है. साथ ही पटना से FSL की टीम को जांच के लिए बुलाया गया है. फिलहाल इस मामले में पुलिस खुलकर कुछ भी कहने से परहेज कर रही है. धर्मशाला के रजिस्टर के अनुसार बेंगलुरु के रहने वाले चार लोगों ने 31 तारीख को कमरा बुक कराया था. इनमें दो महिला और दो पुरुष शामिल हैं.ये सभी पर्यटक नेपाल से घूमते हुए राजगीर पहुंचे थे. उसके बाद पावापुरी जाने का प्लान था. पुलिस शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजने की तैयारी कर रही है. हालांकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ भी साफ-साफ कहा जा सकता है. राजगीर थानाध्यक्ष रमन कुमार ने घटना की पुष्टि की है.

पूर्वी चंपारण जिले के मोतिहारी में नौकरी का सब्जबाग दिखाकर कई युवाओं के साथ धोखाधड़ी की गई है. डीजीपी के नाम पर फर्जी पत्र और थानों के नाम पर 'पुलिस मित्र' भर्ती का झांसा देकर ठगों ने 42 बेरोजगार युवकों को ठग लिया. लाखों रुपये की ठगी के बाद अब पुलिस हरकत

News Pratyaksh | Updated : Wed 04th Feb 2026, 01:25 pm
पूर्वी चंपारण जिले के मोतिहारी में नौकरी का सब्जबाग दिखाकर कई युवाओं के साथ धोखाधड़ी की गई है. डीजीपी के नाम पर फर्जी पत्र और थानों के नाम पर 'पुलिस मित्र' भर्ती का झांसा देकर ठगों ने 42 बेरोजगार युवकों को ठग लिया. लाखों रुपये की ठगी के बाद अब पुलिस हरकत में आई है. एसपी स्वर्ण प्रभात ने सख्त कार्रवाई का ऐलान किया है और एएसपी हेमंत के नेतृत्व में एसआईटी गठित कर दी गई है.ठगों की चालाकी का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि उन्होंने जिले के अलग-अलग थानों के नाम पर फर्जी भर्ती प्रक्रिया चलाई. सबसे पहले उन्होंने डीजीपी के नाम से एक कथित पत्र तैयार किया, जिसमें बेरोजगार युवकों को 'पुलिस मित्र' पद पर भर्ती का लालच दिया गया. इस पत्र को दिखाकर ठगों ने युवकों का भरोसा जीता. फिर थाना परिसरों में कार्ड पहनाकर बहाली का नाटक किया. प्रति माह 16 हजार रुपये वेतन का वादा कर युवकों से 60-60 हजार रुपये वसूल लिए लेकिन हकीकत में यह सब धोखा था. ठगों ने महीनों तक तनख्वाह भेजने के बहाने युवकों को लटकाए रखा. कभी बैंक पासबुक मांग ली तो कभी मुजफ्फरपुर के एक होटल में बुलाकर भरोसा जताया

जीडीपी ग्रोथ और महंगाई दर पर रहेगी सबकी नजर, वित्त मंत्री थोड़ी देर में पेश करेंगी रिपोर्ट :

News Pratyaksh | Updated : Thu 29th Jan 2026, 11:14 am
जीडीपी ग्रोथ और महंगाई दर पर रहेगी सबकी नजर, वित्त मंत्री थोड़ी देर में पेश करेंगी रिपोर्ट : संसद के बजट सत्र के दूसरे दिन आज (गुरुवार, 29 जनवरी) वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण इकोनॉमिक सर्वे 2025-26 पेश करेंगी. यह दस्तावेज़ पिछले वित्तीय वर्ष में भारतीय अर्थव्यवस्था के प्रदर्शन का विस्तृत विश्लेषण है, जो आगामी केंद्रीय बजट के लिए सरकार की प्राथमिकताओं और नीतिगत दिशाओं को निर्धारित करने में मदद करता है.सर्वेक्षण में जीडीपी (GDP) ग्रोथ, महंगाई दर, रोजगार के अवसर, निर्यात-आयात के आंकड़े और कृषि, उद्योग व सेवा जैसे प्रमुख क्षेत्रों की स्थिति पर विस्तार से रिपोर्ट होगी. इसमें 'पीएम गति शक्ति' और 'आत्मनिर्भर भारत' जैसी प्रमुख सरकारी योजनाओं के प्रभाव का भी मूल्यांकन किया जाएगा.आर्थिक सर्वेक्षण को अर्थव्यवस्था का 'एक्स-रे' माना जाता है. यह बाजार और संसद दोनों के लिए एक महत्वपूर्ण दस्तावेज है, जिस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं क्योंकि यह भविष्य की आर्थिक स्थिरता और विकास का खाका प्रस्तुत करता है

कोटक महिंद्रा के निलेश शाह ने रखीं 3 बड़ी उम्मीदें; इंफ्रा निवेश और गोल्ड मोनेटाइजेशन पर जोर

News Pratyaksh | Updated : Thu 29th Jan 2026, 11:13 am
कोटक महिंद्रा के निलेश शाह ने रखीं 3 बड़ी उम्मीदें; इंफ्रा निवेश और गोल्ड मोनेटाइजेशन पर जोर नई दिल्ली: कोटक महिंद्रा एसेट मैनेजमेंट कंपनी (AMC) के एमडी निलेश शाह ने आगामी केंद्रीय बजट 2026 को लेकर सरकार के सामने तीन मुख्य प्राथमिकताएं रखी हैं, जिन्हें बाजार भी सकारात्मक रूप से देखेगा.शाह के अनुसार, सरकार को सबसे पहले इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च बढ़ाना चाहिए. इस निवेश को फंड करने के लिए, उन्होंने सुझाव दिया कि सरकार केवल टैक्स पर निर्भर न रहे, बल्कि एसेट मोनेटाइजेशन और रणनीतिक विनिवेश जैसे नए स्रोतों से राजस्व जुटाए. उनकी तीसरी और सबसे अनूठी उम्मीद गोल्ड मोनेटाइजेशन स्कीम है. शाह ने कहा कि लोगों की तिजोरियों में पड़े बेकार सोने-चांदी को बाजार में लाने के लिए 'आउट-ऑफ-द-बॉक्स' सोच अपनानी चाहिए. अगर सरकार इन तीनों बिंदुओं—इंफ्रा निवेश, राजस्व के नए स्रोत और राजकोषीय अनुशासन—पर मजबूती से आगे बढ़ती है, तो बाजार इस बजट का जोरदार स्वागत करेगा.
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