बिहार के गया जिले के बाराचट्टी प्रखंड का 71 माइल मोड़ विकास के दावों के बीच कड़वी सच्चाई बयां कर रहा है. इस प्रखंड के 10 से अधिक गांवों में लोगों ने कई पीढ़ियों से पक्की सड़क नहीं देखी है. गया जिला प्रशासन की फाइलों में भले ही ये गांव नक्शे पर हों, लेकिन
News Pratyaksh | Updated : Sat 07th Feb 2026, 01:15 pm
बिहार के गया जिले के बाराचट्टी प्रखंड का 71 माइल मोड़ विकास के दावों के बीच कड़वी सच्चाई बयां कर रहा है. इस प्रखंड के 10 से अधिक गांवों में लोगों ने कई पीढ़ियों से पक्की सड़क नहीं देखी है. गया जिला प्रशासन की फाइलों में भले ही ये गांव नक्शे पर हों, लेकिन धरातल पर सफर शुरू होते ही राहगीर खुद को बेबस महसूस करता है.दरअसल गया जिला के बाराचट्टी प्रखंड से होकर गुजर रही नेशनल हाईवे 2 पर 71 माइल मोड़ है. यहां से प्रखंड मुख्यालय की लगभग 8 किलोमीटर दूरी है. 71 माइल से ही दुवाट, फुलगुनिया, खैरा, डांग, पिपराही, हरनाही, गुलक टांड़, शिष्या तरी जैसे 10 से अधिक गांवों को जाना होता है. 71 माइल से इन गांवों तक पहुंचने के लिए पक्की सड़क नहीं है. कच्ची सड़क की स्थिति देख गाड़ी चलाने में भी डर लगता है. इन गांवों में आजादी के 7 दशकों बाद भी एक पक्की सड़क नहीं बन सकी है. 10 से अधिक बड़े गांवों की 20 से 25 हजार की आबादी का एक मात्र सहारा पैदल या घर में खुदकी व्यवस्था के रूप में मोटर साइकिल, ट्रैक्टर का होना ही है. पक्की सड़क नहीं होने के कारण इस सफर में लोग सिर्फ गिर कर घायल ही नहीं होते हैं बल्कि कई की जान भी चली गई है.