Bihar


दिल्ली के तिहाड़ जेल में बंद बॉलीवुड एक्टर राजपाल यादव के परिवार को तेज प्रताप यादव ने 11 लाख रुपए की फाइनेंशियल मदद देने का वादा किया है.

News Pratyaksh | Updated : Tue 10th Feb 2026, 12:51 pm
दिल्ली के तिहाड़ जेल में बंद बॉलीवुड एक्टर राजपाल यादव के परिवार को तेज प्रताप यादव ने 11 लाख रुपए की फाइनेंशियल मदद देने का वादा किया है. उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर पोस्ट किया कि और लिखा कि वह और JJD का पूरा परिवार पूरी हमदर्दी और ताकत के साथ दुखी और परेशान परिवार के साथ खड़ा है.इस अत्यंत कठिन समय में मैं और मेरा पूरा JJD (जन शक्ति जनता दल) परिवार, उनके परिवार के साथ पूरी संवेदना और मजबूती से खड़ा है. मानवीय करुणा और सहयोग की भावना से, मैं JJD परिवार की ओर से ₹11,00,000 (ग्यारह लाख रुपये) की आर्थिक सहायता उनके परिवार को प्रदान कर रहा हू.दरअसल, एक्टर राजपाल यादव ने मुर्गी प्रोजेक्ट प्राइवेट लिमिटेड नाम की एक कंपनी से पैसे उधार लिए थे. राजपाल यादव ने इस फर्म से कुल 5 करोड़ रुपए उधार लिए थे. इस लोन को चुकाने के लिए उन्होंने मुर्गी प्रोजेक्ट प्राइवेट लिमिटेड को कई चेक भेजे थे, लेकिन ये चेक बाउंस हो गए. यह केस अब 2010 का है, जब राजपाल यादव ने आटा पता लापता नाम की एक फिल्म डायरेक्ट की थी.हाई कोर्ट ने साल 2024 में राजपाल यादव की गिरफ्तारी पर कंडीशनल स्टे ऑर्डर दिया था. उन्हें पैसे देने के लिए कहा गया था. पिछले साल दिसंबर में एक्टर राजपाल यादव ने किश्तों में पैसे देने के लिए तैयार हो गए थे, जो उन्होंने नहीं दिया. इस वजह से दिल्ली हाई कोर्ट ने उन्हें 2 फरवरी को तिहाड़ जेल में कस्टडी में लेने का ऑर्डर दिया.

बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पटना के बांकीपुर विधानसभा सीट से विधायक नितिन नवीन ने कार्यवाही में हिस्सा लेते हुए कहा कि 2006 में मैं विधायक बना था

News Pratyaksh | Updated : Tue 10th Feb 2026, 12:51 pm
बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पटना के बांकीपुर विधानसभा सीट से विधायक नितिन नवीन ने कार्यवाही में हिस्सा लेते हुए कहा कि 2006 में मैं विधायक बना था. मुख्यमंत्री जी ने बिहार की छवि को बदलने का काम किया. पहले बिहार से बाहर हमारे राज्य को कैसे देखा जाता था, वो हम बता नहीं सकते. आज अपना बिहार देश भर में सम्मान पा रहा है तो इसके पीछे मुख्यमंत्री जी की मेहनत और कोशिशों का नतीजा है. सदन में कई पूर्व वरिष्ठ नेता रहे हैं, जिन्होंने बिहार को बहुत कुछ दिया, लेकिन अभी जो नेतृत्व हमारे सामने है, वो बिहार को बदलने का काम कर रहा है.आज हम सभी जनप्रतिनिधियों को यह ध्यान में रखना चाहिए कि लोगों के मन में हमारे लिए सम्मान की भावना कायम रहे. सदन में हर छोटी बड़ी घटनाओं को मैंने भी देखा है. कैसे विधायक के रूप में अपना काम कराया जाए और विपक्ष में भी रहते हुए गरिमा के साथ कैसे अपना काम किया जाए.बिहार को लोकतंत्र की जननी कहा जाता है. हम सभी सदस्यों का आभार जताते हैं. पार्टी ने मेरी भूमिका जरूर बदली है, लेकिन विधायक के रूप में जो भी मेरी भूमिका होगी, वो निभाउंगा.

बिहार के गया जिले के बाराचट्टी प्रखंड का 71 माइल मोड़ विकास के दावों के बीच कड़वी सच्चाई बयां कर रहा है. इस प्रखंड के 10 से अधिक गांवों में लोगों ने कई पीढ़ियों से पक्की सड़क नहीं देखी है. गया जिला प्रशासन की फाइलों में भले ही ये गांव नक्शे पर हों, लेकिन

News Pratyaksh | Updated : Sat 07th Feb 2026, 01:15 pm
बिहार के गया जिले के बाराचट्टी प्रखंड का 71 माइल मोड़ विकास के दावों के बीच कड़वी सच्चाई बयां कर रहा है. इस प्रखंड के 10 से अधिक गांवों में लोगों ने कई पीढ़ियों से पक्की सड़क नहीं देखी है. गया जिला प्रशासन की फाइलों में भले ही ये गांव नक्शे पर हों, लेकिन धरातल पर सफर शुरू होते ही राहगीर खुद को बेबस महसूस करता है.दरअसल गया जिला के बाराचट्टी प्रखंड से होकर गुजर रही नेशनल हाईवे 2 पर 71 माइल मोड़ है. यहां से प्रखंड मुख्यालय की लगभग 8 किलोमीटर दूरी है. 71 माइल से ही दुवाट, फुलगुनिया, खैरा, डांग, पिपराही, हरनाही, गुलक टांड़, शिष्या तरी जैसे 10 से अधिक गांवों को जाना होता है. 71 माइल से इन गांवों तक पहुंचने के लिए पक्की सड़क नहीं है. कच्ची सड़क की स्थिति देख गाड़ी चलाने में भी डर लगता है. इन गांवों में आजादी के 7 दशकों बाद भी एक पक्की सड़क नहीं बन सकी है. 10 से अधिक बड़े गांवों की 20 से 25 हजार की आबादी का एक मात्र सहारा पैदल या घर में खुदकी व्यवस्था के रूप में मोटर साइकिल, ट्रैक्टर का होना ही है. पक्की सड़क नहीं होने के कारण इस सफर में लोग सिर्फ गिर कर घायल ही नहीं होते हैं बल्कि कई की जान भी चली गई है.

बेगूसराय में एक दर्दनाक सड़क हादसे में महिला की जान चली गई. अपनी पुत्री को इंटरमीडिएट की परीक्षा दिलाकर घर लौट रही महिला को तेज रफ्तार ट्रक ने कुचल दिया. इस हादसे के बाद पूरे परिवार में कोहराम मच गया है. घटना साहेबपुर कमाल थाना क्षेत्र के रघुनाथपुर के पास

News Pratyaksh | Updated : Sat 07th Feb 2026, 01:14 pm
बेगूसराय में एक दर्दनाक सड़क हादसे में महिला की जान चली गई. अपनी पुत्री को इंटरमीडिएट की परीक्षा दिलाकर घर लौट रही महिला को तेज रफ्तार ट्रक ने कुचल दिया. इस हादसे के बाद पूरे परिवार में कोहराम मच गया है. घटना साहेबपुर कमाल थाना क्षेत्र के रघुनाथपुर के पास की है. मृत महिला की पहचान रघुनाथपुर वार्ड नंबर 9 निवासी अजय यादव की पत्नी बीना देवी के रूप में की गई है.

मोतिहारी के सुगौली निवासी सौरभ मिश्रा की कहानी आज देश के उस कड़वे सच को उजागर करती है, जहां एक पढ़ा-लिखा, जिम्मेदार और सपने देखने वाला युवक वैवाहिक विवाद और कानूनी प्रक्रिया के दबाव में कैसे टूट गया. सौरभ मिश्रा मुंबई की एक प्राइवेट कंपनी में कार्यरत थे

News Pratyaksh | Updated : Sat 07th Feb 2026, 01:14 pm
मोतिहारी के सुगौली निवासी सौरभ मिश्रा की कहानी आज देश के उस कड़वे सच को उजागर करती है, जहां एक पढ़ा-लिखा, जिम्मेदार और सपने देखने वाला युवक वैवाहिक विवाद और कानूनी प्रक्रिया के दबाव में कैसे टूट गया. सौरभ मिश्रा मुंबई की एक प्राइवेट कंपनी में कार्यरत थे और पनवेल में अपने माता-पिता के साथ रहते थे. उनका विवाह 16 अप्रैल 2021 को पूजा से हुआ था
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