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रोहित शर्मा आज देर शाम राँची पहुंचे। उनके आगमन के साथ ही एयरपोर्ट के बाहर भारी संख्या में प्रशंसकों की भीड़ उमड़ पड़ी। रोहित को देखने और उनका वीडियो–फोटो लेने के लिए फैंस में खासा उत्साह देखने को मिला। खिलाड़ियों के आने का सिलसिला अभी जारी है। कल दोपहर के

News Pratyaksh | Updated : Thu 27th Nov 2025, 11:20 am
रोहित शर्मा आज देर शाम राँची पहुंचे। उनके आगमन के साथ ही एयरपोर्ट के बाहर भारी संख्या में प्रशंसकों की भीड़ उमड़ पड़ी। रोहित को देखने और उनका वीडियो–फोटो लेने के लिए फैंस में खासा उत्साह देखने को मिला। खिलाड़ियों के आने का सिलसिला अभी जारी है। कल दोपहर के बाद टीम इंडिया के और भी खिलाड़ी राँची पहुंचेंगे, जिसके बाद टीम का पूरा दल एकजुट हो जाएगा।राँची के जेएससीए इंटरनेशनल स्टेडियम में 30 नवंबर को भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच होने वाले वनडे मुकाबले को लेकर माहौल बेहद उत्साहपूर्ण है।

बिहार के मुजफ्फरपुर में दिल दहला देने वाली घटना हुई है. एक मासूम बच्ची डॉग बाइट का शिकार हुई है. मामला जिले के पारू थाना क्षेत्र के मोहजमा गांव का है, जहां पालतू बुलडॉग के हमले में गंभीर रूप बच्ची जख्मी हो गई. चार वर्षीय बच्ची शिवानी की बुधवार को इलाज के

News Pratyaksh | Updated : Thu 27th Nov 2025, 11:19 am
बिहार के मुजफ्फरपुर में दिल दहला देने वाली घटना हुई है. एक मासूम बच्ची डॉग बाइट का शिकार हुई है. मामला जिले के पारू थाना क्षेत्र के मोहजमा गांव का है, जहां पालतू बुलडॉग के हमले में गंभीर रूप बच्ची जख्मी हो गई. चार वर्षीय बच्ची शिवानी की बुधवार को इलाज के दौरान एसकेएमसीएच में मौत हो गई. घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत और आक्रोश का माहौल है. बच्ची के पिता ने बताया कि, मंगलवार को शिवानी अपने भाई-बहनों के साथ गांव के देवी स्थान की ओर पूजा देखने जा रही थी. इसी दौरान एक दबंग परिवार का युवक अपने बुलडॉग को जंजीर में बांधकर टहला रहा था. अचानक उसके हाथ से जंजीर छूट गई और कुत्ता बच्चों पर टूट पड़ा. इस दौरान दो बच्चे किसी तरह भागने में सफल रहे, लेकिन कुत्ते ने शिवानी को जबड़े से दबोच लिया. करीब 5 मिनट तक बच्ची चीखती रही, लेकिन कुत्ते के जबड़े से उसे कोई बचा नहीं सका.

टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड के डायरेक्टर फाइनेंस के पद पर कार्यरत सिपन कुमार गर्ग को THDC इंडिया लिमिटेड के चीफ मैनेजिंग डायरेक्टर की अतिरिक्त जिम्मेदारी दी गई है. बुधवार को सिपन कुमार गर्ग सीएमडी का एडिशनल चार्ज लिया है. वर्तमान में, गर्ग टीएचडीसी इंडिया लिम

News Pratyaksh | Updated : Thu 27th Nov 2025, 11:17 am
टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड के डायरेक्टर फाइनेंस के पद पर कार्यरत सिपन कुमार गर्ग को THDC इंडिया लिमिटेड के चीफ मैनेजिंग डायरेक्टर की अतिरिक्त जिम्मेदारी दी गई है. बुधवार को सिपन कुमार गर्ग सीएमडी का एडिशनल चार्ज लिया है. वर्तमान में, गर्ग टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड के निदेशक (वित्त) के पद पर कार्यरत हैं. गर्ग कॉमर्स और विधि में ग्रेजुएट हैं. उन्होंने इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ़ इंडिया, इंस्टीट्यूट ऑफ कॉस्ट अकाउंटेंट्स ऑफ़ इंडिया और इंस्टीट्यूट ऑफ कंपनी सेक्रेटरीज़ ऑफ इंडिया के सदस्य हैं. वे कंपनी सेक्रेटरी परीक्षा में रैंक होल्डर भी हैं.बीते 14 नवंबर की शाम टीडीसी इंडिया लिमिटेड के पूर्व चीफ मैनेजिंग डायरेक्टर आर बिश्नोई का हार्ट अटैक के कारण निधन हो गया था. इसके बाद टीएचडीसी के सीएमडी पद रिक्त हो गया था. बिश्नोई लंबे समय से बीमार चल रहे थे. 14 नवंबर को उनकी मौत के बाद अब सिपन कुमार गर्ग की टीएचडीसी चीफ मैनेजिंग डायरेक्टर के रूप में नियुक्ति की गई है.THDC इंडिया लिमिटेड के सीएमडी पर अतिरिक्त प्रभार के रूप में तैनात किए गए सिपन कुमार गर्ग को विद्युत क्षेत्र में वित्त, लेखा, कराधान और वाणिज्यिक कार्यों में 24 वर्ष से अधिक का अनुभव है. टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड में अपनी नियुक्ति से पूर्व, गर्ग ने एनटीपीसी लिमिटेड की सहायक कंपनियों अरावली पावर कंपनी प्राइवेट लिमिटेड और पतरातू विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड में बतौर मुख्य वित्त अधिकारी के रूप में कार्य किया है. वे एनटीपीसी के कॉर्पोरेट लेखा समूह और कोलडैम हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट में भी प्रमुख भूमिका में रह चुके हैं.है. बुधवार को सिपन कुमार गर्ग सीएमडी का एडिशनल चार्ज लिया है. वर्तमान में, गर्ग टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड के निदेशक (वित्त) के पद पर कार्यरत हैं. गर्ग कॉमर्स और विधि में ग्रेजुएट हैं. उन्होंने इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ़ इंडिया, इंस्टीट्यूट ऑफ कॉस्ट अकाउंटेंट्स ऑफ़ इंडिया और इंस्टीट्यूट ऑफ कंपनी सेक्रेटरीज़ ऑफ इंडिया के सदस्य हैं. वे कंपनी सेक्रेटरी परीक्षा में रैंक होल्डर भी हैं.बीते 14 नवंबर की शाम टीडीसी इंडिया लिमिटेड के पूर्व चीफ मैनेजिंग डायरेक्टर आर बिश्नोई का हार्ट अटैक के कारण निधन हो गया था. इसके बाद टीएचडीसी के सीएमडी पद रिक्त हो गया था. बिश्नोई लंबे समय से बीमार चल रहे थे. 14 नवंबर को उनकी मौत के बाद अब सिपन कुमार गर्ग की टीएचडीसी चीफ मैनेजिंग डायरेक्टर के रूप में नियुक्ति की गई है.THDC इंडिया लिमिटेड के सीएमडी पर अतिरिक्त प्रभार के रूप में तैनात किए गए सिपन कुमार गर्ग को विद्युत क्षेत्र में वित्त, लेखा, कराधान और वाणिज्यिक कार्यों में 24 वर्ष से अधिक का अनुभव है. टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड में अपनी नियुक्ति से पूर्व, गर्ग ने एनटीपीसी लिमिटेड की सहायक कंपनियों अरावली पावर कंपनी प्राइवेट लिमिटेड और पतरातू विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड में बतौर मुख्य वित्त अधिकारी के रूप में कार्य किया है. वे एनटीपीसी के कॉर्पोरेट लेखा समूह और कोलडैम हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट में भी प्रमुख भूमिका में रह चुके हैं.

बिहार के लखीसराय में बड़ी वारदात को अंजाम दिया गया है.

News Pratyaksh | Updated : Wed 26th Nov 2025, 11:19 am
बिहार के लखीसराय में बड़ी वारदात को अंजाम दिया गया है. आईटीबीपी के जवान ने पहले पिता की गोली मारकर हत्या कर दी. फिर खुद की भी जीवन लीला समाप्त कर ली. घटना के बाद से इलाके में सनसनी फैल गई है. जिले के बड़हिया थाना क्षेत्र अंतर्गत खुटहा चेतन टोला में घटना को अंजाम दिया गया है. मृतकों की शिनाख्त उदय सिंह (पिता-68 वर्ष) और उसके बेटे लाटो उर्फ विकास कुमार (35 वर्ष) के रूप में हुई है. परिवार वालों का रो-रोकर बुरा हाल है.परिजनों ने बताया कि विकास कुमार आईटीबीपी में तैनात था और चुनाव ड्यूटी पर बिहार आया था. चुनाव खत्म होने के बाद विकास घर आया था. इसी बीच मंगलवार को किसी बात पर उसका पत्नी के साथ विवाद हुआ. पिता ने बीच-बचाव की कोशिश की. तभी गुस्से में विकास ने पिस्टल निकाला और पिता को गोली मार दी.घटना के बाद पिता उदय शंकर सिंह की मौके पर मौत हो गई. इसके बाद विकास पत्नी को मारने दौड़ा, लेकिन किसी तरह वो जान बचाकर घर से बाहर निकल गई. घरवालों की माने तो विकास पागल हो चुका था. उसने पिस्तौल से खुद को उड़ा लिया.घटना की सूचना मिलते ही एसपी अजय कुमार, डीएसपी शिवम कुमार, बड़हिया थाना अध्यक्ष सहित भारी संख्या में पुलिस मौके पर पहुंच गई है. गांव में काफी गहमा-गहमी का माहौल है. लोगों में घटना के बाद से काफी रोष है.

आईआरसीटीसी (IRCTC) टेंडर घोटाला मामले में बड़ी खबर सामने आ रही है. दरअसल बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी की तरफ से दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में एक अहम अर्जी दायर की गयी है. इस अर्जी में उन्होंने मामले की सुनवाई कर रहे मौजूदा स्पेशल जज विशाल गोगन

News Pratyaksh | Updated : Tue 25th Nov 2025, 12:22 pm
आईआरसीटीसी (IRCTC) टेंडर घोटाला मामले में बड़ी खबर सामने आ रही है. दरअसल बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी की तरफ से दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में एक अहम अर्जी दायर की गयी है. इस अर्जी में उन्होंने मामले की सुनवाई कर रहे मौजूदा स्पेशल जज विशाल गोगने को बदलने की मांग की है. बताया जा रहा है कि राबड़ी देवी इस मामले में जज विशाल गोगने के रुख से संतुष्ट नहीं हैं. यही वजह है कि उन्होंने इन मामलों को किसी अन्य न्यायाधीश को हस्तांतरित करने की मांग की है.कानूनी विशेषज्ञ मानते हैं कि आरोपियों द्वारा जज परिवर्तन की मांग आम तौर पर तभी उठती है जब उन्हें लगता है कि अदालत का रवैया प्रतिकूल है या ट्रायल उनकी ओर से अपेक्षित दिशा में आगे नहीं बढ़ रहा है. वहीं विपक्षी दल इसे राजनीतिक बचाव की कोशिश बता रहे हैं, जबकि राजद समर्थक इसे न्यायिक निष्पक्षता की मांग के रूप में देख रहे हैं.

म्यांमार में चल रहे साइबर गुलामी रैकेट से भारतीय नागरिकों को छुड़ाने की कार्रवाई लगातार जारी है

News Pratyaksh | Updated : Mon 24th Nov 2025, 11:27 am
म्यांमार में चल रहे साइबर गुलामी रैकेट से भारतीय नागरिकों को छुड़ाने की कार्रवाई लगातार जारी है. हाल ही में म्यांमार आर्मी ने वहां फंसे 360 भारतीयों को मुक्त कराया जिनमें बिहार के 6 युवक भी शामिल थे. ये सभी मयवादी के के.के. पार्क से छुड़ाए गए. म्यांमार आर्मी ने इन्हें सुरक्षित थाईलैंड भेजा जहां से 18 नवंबर को इन सभी को दिल्ली एयरपोर्ट लाया गया. दिल्ली पहुंचने के बाद आर्थिक अपराध इकाई (EOW) की टीम ने बिहार के युवकों को अपने संरक्षण में लिया और पूछताछ के बाद उन्हें उनके परिजनों को सौंप दिया. इसी समूह में शामिल था गया जिले के डेल्हा निवासी धर्मेंद्र कुमार. पुणे की कंपनियों में काम कर चुके धर्मेंद्र का रोजगार छूट गया था और नई नौकरी की तलाश उन्हें धोखेबाज एजेंटों के जाल में खींच ले गई.धर्मेंद्र बताते हैं-मुझे यकीन नहीं था कि मैं जिंदा बचकर आ पाऊंगा. इंडियन एंबेसी और म्यांमार आर्मी ने हमें मौत से खींचकर बाहर निकाला. उनकी कहानी झकझोर देने वाली है. नौकरी के नाम पर विदेश जाने का सपना कैसे मिनटों में किडनैपिंग, हथियारबंद गिरोह और साइबर गुलामी में बदल गया. धर्मेंद्र बताते हैं कि एक दोस्त ने उन्हें मुजफ्फरपुर निवासी शुभम कुमार से संपर्क करवाया. शुभम ने थाईलैंड में चाइनीज कंपनी में हाई पैकेज जॉब का लालच दिया. ऑनलाइन और वीडियो कॉल के माध्यम से कई इंटरव्यू हुए. अंतिम इंटरव्यू के लिए थाईलैंड बुलाया गया. 19 अक्टूबर को टिकट बना-पटना से कोलकाता और फिर बैंकॉक.20 अक्टूबर को बैंकॉक एयरपोर्ट पर एक ड्राइवर मिला, जिसने धर्मेंद्र को एक फाइव-स्टार होटल में छोड़ा. वहां फिर इंटरव्यू हुआ और सब कुछ प्रोफेशनल और असली लगता रहा. लेकिन इसके बाद जो हुआ उसने धर्मेंद्र की जिंदगी उलट दी. दूसरा ड्राइवर एक चमचमाती कार लेकर आया. धर्मेंद्र को लगा कि अब जॉब मिलने वाला है. कार पहाड़ी रास्तों पर पहुंची, फिर उबड़-खाबड़ इलाके में. अचानक कई हथियारबंद लोग घिर आए और गन प्वाइंट पर किडनैप कर लिया गया.धर्मेंद्र को और 4-5 युवकों को कई घंटे पैदल पहाड़ी रास्ते से ले जाया गया. कई विदेशी दिखने वाले बाइकर रास्ते पर तैनात थे. उन्हें एक गेस्ट हाउस में तीन दिन तक बंद कर दिया गया. बाद में पता चला- वे म्यांमार में घुस चुके थे. यहां उनका असली मकसद सामने आया- उन्हें साइबर गुलामी के लिए अगली जगह ‘बेचा’ जाना था.तीसरे दिन अचानक म्यांमार आर्मी और पुलिस की बड़ी कार्रवाई हुई. धर्मेंद्र और अन्य युवकों को वहां से सुरक्षित निकाल लिया गया. धर्मेंद्र बताते हैं- छापा पड़ने पर हमें लगा कि शायद गोलियां चलेंगी, लेकिन वही हमारी जिंदगी का टर्निंग पॉइंट था. आर्मी ने हमें बचा लिया. छापेमारी के दौरान पुलिस ने वहां पहले से फंसे हुए कई विदेशी नागरिकों-फिलीपींस, नेपाल, बांग्लादेश सहित सभी को भी मुक्त कराया.सभी भारतीयों को पहले म्यांमार में सुरक्षित कैंप में रखा गया. इंडियन एंबेसी के सहयोग से उन्हें थाईलैंड भेजा गया. वहां से 18 नवंबर को दिल्ली एयरलिफ्ट किया गया. आर्थिक अपराध इकाई की टीम ने सभी 6 बिहारी युवकों को पटना लाकर जांच की और परिवारों को सौंप दिया. धर्मेंद्र बताते हैं- अगर देर होती तो हमें दूसरी साइबर कंपनियों को बेच दिया जाता. वहां जो होता वह सोचकर भी डर लगता है.
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