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महबूबा मुफ्ती ने विवादित बयान पर मांगी माफी, 5 अगस्त को अनुच्छेद 370 हटाए जाने के विरोध में PDP करेगी शांतिपूर्ण प्रदर्शन

News Pratyaksh | Updated : Tue 28th Jul 2026, 12:16 pm
महबूबा मुफ्ती ने विवादित बयान पर मांगी माफी, 5 अगस्त को अनुच्छेद 370 हटाए जाने के विरोध में PDP करेगी शांतिपूर्ण प्रदर्शन श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने दिल्ली में एक प्रदर्शन के दौरान कश्मीरियों को लेकर दिए गए अपने विवादित बयान पर माफी मांगी है। इस टिप्पणी के बाद उन्हें राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर तीखी आलोचना का सामना करना पड़ा था। मंगलवार को श्रीनगर में पार्टी के 27वें स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में महबूबा मुफ्ती ने घोषणा की कि 5 अगस्त को अनुच्छेद 370 और 35A हटाए जाने की सातवीं वर्षगांठ पर PDP पूरे जम्मू-कश्मीर के 20 जिला मुख्यालयों में शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करेगी। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने अपने बयान पर खेद व्यक्त करते हुए कहा कि यह टिप्पणी जल्दबाजी में की गई थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका आशय यह था कि कश्मीर में सुरक्षा बलों को प्रदर्शनकारियों के खिलाफ बल प्रयोग का "एक कारण मिल जाता है", लेकिन उनके बयान से लोगों की भावनाएं आहत हुईं। महबूबा मुफ्ती ने कहा, "मेरे बयान से लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंची होगी। वे मुझे अपना मानते हैं, इसलिए छोटी-छोटी बातों पर भी मुझसे नाराज हो जाते हैं। मैं इसके लिए माफी मांगती हूं।" उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि उनके बयान का वायरल वीडियो वास्तविक था। इससे पहले PDP विधायक वहीद पारा ने दावा किया था कि वीडियो के साथ AI के जरिए छेड़छाड़ की गई थी। वहीं, सत्तारूढ़ नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) ने महबूबा मुफ्ती की माफी को पर्याप्त नहीं बताया। पार्टी के एक प्रवक्ता ने कहा कि यह माफी नहीं बल्कि स्पष्टीकरण है और इसे बिना किसी शर्त के होना चाहिए। साथ ही उन्होंने वहीद पारा से AI से जुड़े दावों पर भी सार्वजनिक माफी की मांग की। पूरी खबर पढ़ें: https://www.newspratyaksh.com/ #MehboobaMufti #PDP #JammuKashmir #Article370 #Article35A #Srinagar #Kashmir #PoliticalNews #BreakingNews #IndiaNews #LatestNews #HindiNews #NewsPratyaksh #NationalConference #JKPolitics #DelhiProtest #Politics #NewsUpdate #India #TrendingNews

बाबूलाल मरांडी का कपिल सिब्बल पर बड़ा हमला, बोले- 'देश को तोड़ने वाले वकीलों में से एक'

News Pratyaksh | Updated : Tue 28th Jul 2026, 12:15 pm
बाबूलाल मरांडी का कपिल सिब्बल पर बड़ा हमला, बोले- 'देश को तोड़ने वाले वकीलों में से एक' पलामू: झारखंड के प्रथम मुख्यमंत्री और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि "कपिल सिब्बल देश को तोड़ने वाले वकीलों में से एक हैं।" यह टिप्पणी उन्होंने पलामू में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए की। प्रेस वार्ता में बाबूलाल मरांडी ने बताया कि भारतीय जनता पार्टी 29 जुलाई, गुरु पूर्णिमा से पूरे देश में 'समरसता संकल्प अभियान' की शुरुआत करने जा रही है। इस अभियान का शुभारंभ उत्तर प्रदेश के वाराणसी से होगा, जबकि झारखंड में इसका प्रवेश गढ़वा से होगा। उन्होंने बताया कि अभियान का कलश श्रीबंशीधर नगर मंदिर में रखा जाएगा और वहीं रात्रि विश्राम होगा। इसके बाद यह यात्रा चरणबद्ध तरीके से रांची की ओर आगे बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी हमेशा से देश की एकता और अखंडता के लिए कार्य करती रही है। जेपीएससी घोटाले के मुद्दे पर बोलते हुए बाबूलाल मरांडी ने कहा कि राज्य में कांग्रेस और झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) की सरकार है, यदि उनके खिलाफ कोई मामला बनता है तो सरकार उन्हें जेल भेज सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि पेपर लीक के मुद्दे पर भाजपा संसद में चर्चा चाहती है, लेकिन विपक्ष इस विषय पर चर्चा में भाग नहीं ले रहा है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में विधायक आलोक चौरसिया, डॉ. शशिभूषण मेहता, भाजपा प्रदेश महामंत्री मनोज सिंह, जिला अध्यक्ष अमित तिवारी समेत कई नेता मौजूद रहे।

दलबदल कानून पर फिर होगी बहस? सुप्रीम कोर्ट ने कपिल सिब्बल की याचिका पर जारी किया नोटिस

News Pratyaksh | Updated : Mon 27th Jul 2026, 12:00 pm
दलबदल कानून पर फिर होगी बहस? सुप्रीम कोर्ट ने कपिल सिब्बल की याचिका पर जारी किया नोटिस नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को स्वतंत्र राज्यसभा सांसद और वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल की उस याचिका पर विचार करने पर सहमति जताई, जिसमें संविधान की दसवीं अनुसूची (Anti-Defection Law) की संवैधानिक व्याख्या पर पुनर्विचार की मांग की गई है। मामले की सुनवाई जस्टिस पी.एस. नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की पीठ ने की। सुनवाई के दौरान कपिल सिब्बल ने दलील दी कि दसवीं अनुसूची के पैराग्राफ-4 का वर्तमान स्वरूप लोकतांत्रिक व्यवस्था को प्रभावित करता है, क्योंकि इसके जरिए राजनीतिक दलों के विलय (Merger) के नाम पर विधायक और सांसद दलबदल विरोधी कानून के तहत अयोग्यता से बच जाते हैं। उन्होंने कहा कि इससे अल्पमत दल बहुमत में और बहुमत दल अल्पमत में बदल सकता है, जो लोकतंत्र के लिए गंभीर चिंता का विषय है। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने शुरुआत में इस मामले पर सुनवाई को लेकर हिचकिचाहट दिखाई और कहा कि यह ऐसा विषय है, जिस पर संसद और राजनीतिक दलों को भी विचार करना चाहिए। कोर्ट ने यह भी पूछा कि इस मुद्दे को अनुच्छेद 32 के तहत क्यों उठाया गया है। दलीलें सुनने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने याचिका पर नोटिस जारी कर दिया। यह याचिका हाल के वर्षों में विभिन्न राज्यों में हुए राजनीतिक दलबदल और विधायकों के विलय की घटनाओं की पृष्ठभूमि में दाखिल की गई है। क्या आपको लगता है कि दलबदल विरोधी कानून में बदलाव की जरूरत है? अपनी राय कमेंट में जरूर बताएं।

मुजफ्फरपुर में BJP नेताओं से करोड़ों की रंगदारी मांगने वाले गैंग का भंडाफोड़, SIT ने 3 आरोपी दबोचे

News Pratyaksh | Updated : Mon 27th Jul 2026, 11:58 am
मुजफ्फरपुर में BJP नेताओं से करोड़ों की रंगदारी मांगने वाले गैंग का भंडाफोड़, SIT ने 3 आरोपी दबोचे मुजफ्फरपुर: बिहार के मुजफ्फरपुर में भाजपा नेताओं को व्हाट्सएप पर धमकी देकर करोड़ों रुपये की रंगदारी मांगने वाले गिरोह के खिलाफ पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। मामले की जांच कर रही विशेष जांच दल (SIT) ने चार आरोपियों की पहचान कर ली है, जिनमें से तीन को गिरफ्तार कर लिया गया है। वहीं, फरार एक अन्य आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी जारी है। मामला तब सामने आया जब बिहार सरकार के पर्यटन मंत्री केदार प्रसाद गुप्ता के बेटे एवं भाजपा नेता कृष्ण मुरारी से 50 लाख रुपये की रंगदारी मांगी गई। पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि 21 से 24 जुलाई के बीच एक ही मोबाइल नंबर से जिले के तीन भाजपा नेताओं को व्हाट्सएप पर धमकी भरे संदेश भेजकर कुल 2 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी गई थी। जांच में पता चला कि संबंधित मोबाइल नंबर आमिर रजा के नाम से पंजीकृत था। इसी नंबर से कृष्ण मुरारी, भाजपा नेता एवं जिला पार्षद इंजीनियर राजेश सहनी तथा भाजपा नेता रंजीत सहनी को जान से मारने की धमकी देते हुए रंगदारी मांगी गई थी। कृष्ण मुरारी ने अपनी प्राथमिकी में बताया कि 24 जुलाई की रात व्हाट्सएप पर आए संदेश में खुद को मुंबई से संचालित गैंग का सदस्य बताते हुए 50 लाख रुपये की मांग की गई और रकम नहीं देने पर जान से मारने की धमकी दी गई। पुलिस का कहना है कि तकनीकी जांच और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के आधार पर पूरे गिरोह का नेटवर्क खंगाला जा रहा है। जल्द ही फरार आरोपी को भी गिरफ्तार कर मामले का खुलासा किया जाएगा।

पंजाब में BJP कार्यालय पर पेट्रोल बम से हमला, संगरूर में मची सनसनी

News Pratyaksh | Updated : Mon 27th Jul 2026, 11:58 am
पंजाब में BJP कार्यालय पर पेट्रोल बम से हमला, संगरूर में मची सनसनी संगरूर (पंजाब): पंजाब के संगरूर में सोमवार सुबह भाजपा कार्यालय पर कथित पेट्रोल बम से हमला किए जाने की घटना सामने आई है। हमले के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। राहत की बात यह रही कि इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन कार्यालय की दीवारें आग की चपेट में आने से क्षतिग्रस्त हो गईं। भाजपा नेता रणदीप देओल ने बताया कि कार्यालय में काम कर रहे कर्मचारी ने फोन कर सूचना दी कि अंदर की दीवार पर पेट्रोल जैसी ज्वलनशील सामग्री से आग लगी है और दीवार पूरी तरह काली हो गई है। सूचना मिलते ही पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंचकर जांच में जुट गई। भाजपा नेता मनिंदर कप्याल ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि इससे पहले चंडीगढ़ में भी भाजपा कार्यालय को निशाना बनाया गया था और अब संगरूर में भी ऐसी घटना सामने आई है। उन्होंने राज्य की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए। वहीं, एसपी दविंदर अत्री ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह मामला पेट्रोल बम हमले का प्रतीत हो रहा है। घटनास्थल से बीयर की बोतल में भरा पेट्रोल बरामद हुआ है, जिसका इस्तेमाल पेट्रोल बम के रूप में किया गया। पुलिस सीसीटीवी फुटेज और अन्य सबूतों के आधार पर आरोपियों की पहचान कर रही है तथा उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जल्द गिरफ्तारी का दावा किया है।

₹10,000 करोड़ ट्रेजरी घोटाले पर BJP का बड़ा हमला, 'सरकार बड़े अफसरों को बचा रही है'

News Pratyaksh | Updated : Mon 27th Jul 2026, 11:56 am
₹10,000 करोड़ ट्रेजरी घोटाले पर BJP का बड़ा हमला, 'सरकार बड़े अफसरों को बचा रही है' रांची: झारखंड में कथित ₹10,000 करोड़ ट्रेजरी घोटाले को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने राज्य सरकार पर बड़ा हमला बोला है। भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने आरोप लगाया कि सरकार घोटाले में शामिल अपने चहेते वरिष्ठ अधिकारियों को बचाने की कोशिश कर रही है और जांच निष्पक्ष नहीं हो रही है। प्रतुल शाहदेव ने कहा कि राज्य के वित्त मंत्री स्वयं स्वीकार कर चुके हैं कि पिछले कुछ वर्षों के लगभग ₹10,000 करोड़ सरकारी धन का हिसाब नहीं मिल रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने जांच के लिए गठित SIT में ऐसे अधिकारियों को शामिल किया, जिनके कार्यकाल के दौरान संबंधित जिलों में ट्रेजरी घोटाले के मामले सामने आए थे। भाजपा का दावा है कि हजारीबाग और बोकारो जैसे जिलों में घोटाले की चार्जशीट दाखिल हो चुकी है, लेकिन जांच केवल निचले स्तर के कर्मचारियों तक सीमित रखी गई है, जबकि बड़े अधिकारियों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है। भाजपा ने चारा घोटाले का हवाला देते हुए कहा कि उस मामले में भी ट्रेजरी अधिकारियों की भूमिका अदालतों ने स्वीकार की थी। पार्टी ने झारखंड वित्त नियमावली और कोषागार संहिता का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकारी धन के भुगतान में DDO और ट्रेजरी अधिकारियों की स्पष्ट जिम्मेदारी तय है और किसी भी संदिग्ध भुगतान की जांच करना उनका दायित्व है। फिलहाल यह आरोप भाजपा की ओर से लगाए गए हैं। इस मामले में राज्य सरकार की ओर से इस बयान पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
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