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अखिल भारतीय कांग्रेस कमिटी की राष्ट्रीय सचिव और बड़कागांव की पूर्व विधायक अंबा प्रसाद ने रवि

News Pratyaksh | Updated : Mon 18th Aug 2025, 07:38 am

अखिल भारतीय कांग्रेस कमिटी की राष्ट्रीय सचिव और बड़कागांव की पूर्व विधायक अंबा प्रसाद ने रविवार को झारखंड में खनन माफियाओं और पुलिस प्रशासन के बीच कथित गठजोड़ का गंभीर आरोप लगाया. उन्होंने दावा किया कि हजारीबाग में अवैध खनन का विरोध करने पर एक कंपनी, जिसके मालिक आंध्र प्रदेश के भाजपा सांसद हैं, उनके भाई ने फोन पर धमकी दी और उनका राजनीतिक करियर बर्बाद करने की बात कही.कांग्रेस की राष्ट्रीय सचिव और पश्चिम बंगाल की सह-प्रभारी अंबा प्रसाद ने हजारीबाग पुलिस और जिला प्रशासन पर गंभीर सवाल उठाए. उन्होंने कहा, "आम लोगों की सुरक्षा के लिए कभी 400 पुलिसकर्मी नहीं पहुंचते, लेकिन जब मैं खनन माफियाओं के खिलाफ आवाज उठाती हूं, तो मुझे डराने के लिए इतना बड़ा पुलिस बल भेजा जाता है. यह साफ तौर पर पुलिस और खनन माफियाओं के बीच साठगांठ को दर्शाता है." उन्होंने आरोप लगाया कि हजारीबाग पुलिस "भाजपा के एजेंट और कंपनी के लठैत" की तरह काम कर रही है, जो कंपनी के इशारे पर कोई भी कार्रवाई करने को तैयार है.अंबा प्रसाद ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को आगाह करते हुए कहा, "कुछ पुलिस अधिकारी झारखंड को लूटने में लगे हैं और मुख्यमंत्री की आंखों में धूल झोंक रहे हैं." उन्होंने जोर देकर कहा कि वह इस अन्याय के खिलाफ चुप नहीं बैठेंगी और जनता के हित में संघर्ष जारी रखेंगी. उन्होंने अपने माता-पिता, पूर्व मंत्री योगेंद्र साव और पूर्व विधायक निर्मला देवी का जिक्र करते हुए कहा, "मेरे माता-पिता ने खनन माफियाओं के खिलाफ लड़ाई लड़ी और जेल गए. मैं भी डरने वाली नहीं हूं."हजारीबाग के चट्टी बारियातू माइंस को लेकर लंबे समय से स्थानीय ग्रामीणों का आंदोलन चल रहा है. ग्रामीण एनटीपीसी की इस परियोजना में जमीन अधिग्रहण और अवैध खनन का विरोध कर रहे हैं. इस बीच, एक हाइवा ड्राइवर के साथ मारपीट के आरोप में पुलिस ने अंबा प्रसाद के ड्राइवर और निजी गार्ड को हिरासत में लिया. अंबा प्रसाद ने दावा किया कि उनके घर पर 400 पुलिसकर्मियों के साथ अधिकारी पहुंचे और उनके ड्राइवर को हिरासत में ले लिया. उन्होंने इसे उन्हें डराने की साजिश बताया और कहा कि यह कार्रवाई कंपनी के इशारे पर की गई.