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केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने संविधान (130वें संशोधन) विधेयक के खिलाफ विपक्षी दलों द्वारा किए जा रहे 'काले बिल' विरोध प्रदर्शनों पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है.

News Pratyaksh | Updated : Mon 25th Aug 2025, 10:34 am

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने संविधान (130वें संशोधन) विधेयक के खिलाफ विपक्षी दलों द्वारा किए जा रहे 'काले बिल' विरोध प्रदर्शनों पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है. उन्होंने कहा कि वह और भाजपा दोनों इस विचार को पूरी तरह से खारिज करते हैं कि देश उस व्यक्ति के बिना नहीं चलाया जा सकता जो जेल में बंद है. उन्होंने पूछा कि क्या कोई प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री या कोई भी नेता जेल से देश चला सकता है.शाह ने हाल ही में संपन्न संसद के मानसून सत्र में एक विधेयक पेश किया था. इसके अनुसार प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्रियों और मंत्रियों को अगर पाँच साल से अधिक की जेल की सजा वाले अपराधों के लिए 30 दिनों से अधिक जेल में रखा जाता है तो उन्हें पद से हटाया जा सकता है. संसद में विपक्ष ने इस विधेयक का विरोध किया और इसे असंवैधानिक करार दिया. विपक्ष ने आरोप लगाया कि यह सत्तारूढ़ भाजपा द्वारा केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग करने, गैर-भाजपा मुख्यमंत्रियों को फंसाने, उन्हें जेल में डालने और राज्य सरकारों को अस्थिर करने का एक तरीका है.एएनआई के साथ एक इंटरव्यू में अमित शाह ने कहा, 'मैं पूरे देश और विपक्ष से पूछना चाहता हूं. क्या कोई सीएम, पीएम या कोई भी नेता जेल से शासन चला सकता है? क्या यह लोकतंत्र की गरिमा के खिलाफ नहीं है?' उन्होंने कहा, 'आज भी वे कोशिश कर रहे हैं कि अगर उन्हें कभी जेल जाना पड़ा, तो वे जेल से आसानी से सरकार बना लेंगे.. उन्होंने कहा कि वह और भाजपा दोनों इस विचार को पूरी तरह से खारिज करते हैं कि देश उस व्यक्ति के बिना नहीं चलाया जा सकता जो जेल में बंद है. उन्होंने पूछा कि क्या कोई प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री या कोई भी नेता जेल से देश चला सकता है.शाह ने हाल ही में संपन्न संसद के मानसून सत्र में एक विधेयक पेश किया था. इसके अनुसार प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्रियों और मंत्रियों को अगर पाँच साल से अधिक की जेल की सजा वाले अपराधों के लिए 30 दिनों से अधिक जेल में रखा जाता है तो उन्हें पद से हटाया जा सकता है. संसद में विपक्ष ने इस विधेयक का विरोध किया और इसे असंवैधानिक करार दिया. विपक्ष ने आरोप लगाया कि यह सत्तारूढ़ भाजपा द्वारा केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग करने, गैर-भाजपा मुख्यमंत्रियों को फंसाने, उन्हें जेल में डालने और राज्य सरकारों को अस्थिर करने का एक तरीका है.एएनआई के साथ एक इंटरव्यू में अमित शाह ने कहा, 'मैं पूरे देश और विपक्ष से पूछना चाहता हूं. क्या कोई सीएम, पीएम या कोई भी नेता जेल से शासन चला सकता है? क्या यह लोकतंत्र की गरिमा के खिलाफ नहीं है?' उन्होंने कहा, 'आज भी वे कोशिश कर रहे हैं कि अगर उन्हें कभी जेल जाना पड़ा, तो वे जेल से आसानी से सरकार बना लेंगे.