पितृपक्ष मेला के दौरान बागेश्वर धाम के आचार्य पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री उर्फ बागेश्वर बाबा एक बार फिर गयाजी पहुंच रहे हैं. गया में यह उनका तीसरा दौरा है, जो 2023 और 2024 के बाद 2025 में हो रहा है. विशेष विमान से करीब दोपहर 3 बजे वे गया एयरपोर्ट पर उतरेंगे और उसके बाद बोधगया के एक होटल में प्रवास करेंगे. उनके साथ बड़ी संख्या में भक्त भी आ रहे हैं, जो उनके सान्निध्य में धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लेंगे. बागेश्वर बाबा का मुख्य प्रवास बोधगया के होटल में होगा, जहां से वे पितृ तर्पण, त्रिपिंडी श्राद्ध, पिंडदान एवं एकादश भागवत का आयोजन करेंगे. आज से अगले कई दिनों तक उनका ठहराव रहेगा, और इस दौरान भक्तों का व्यापक समागम होगा. बताया जा रहा है कि ये कार्यक्रम पितृपक्ष की पवित्रता को ध्यान में रखते हुए आयोजित किए जाएंगे, जिसमें हजारों श्रद्धालु शामिल होंगे.गजाधर लाल कटेरियार ने बताया कि बागेश्वर बाबा के पूर्वज भी गया धाम आ चुके हैं. उनके दादा भगवान दास गर्ग उर्फ सेतु लाल गर्ग फसली संवत 1398 (अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार 1988) में पितरों का पिंडदान करने यहां पहुंचे थे. इसका प्रमाण उनके बही-खाते में दर्ज है. कटेरियार स्वयं बाबा के पैतृक गांव छतरपुर के तीर्थ पुरोहित हैं, और पूर्वजों का पिंडदान उनके यहां ही होता रहा है.गजाधर लाल कटेरियार ने बताया कि बागेश्वर बाबा के आगमन को लेकर भक्तों में जबरदस्त उत्साह है. इस यात्रा से पितृपक्ष मेला का उल्लास और बढ़ेगा. बागेश्वर बाबा के भक्त बोधगया प्रवास के दौरान पिंडदान के लिए गया पहुंचेंगे, हालांकि सटीक संख्या की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है. यह आयोजन धार्मिक परंपराओं को जीवंत रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा, और श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक शांति प्रदान करेगा.कार्यक्रम के बीच बागेश्वर बाबा एक निश्चित समय निकालकर गया के विष्णुपद मंदिर और फल्गु पिंडवेदी पर पहुंच सकते हैं. उनके भक्त भी इन स्थलों पर पिंडदान के लिए आ सकते हैं. यह यात्रा पितृकर्म की परंपरा को मजबूत करने का अवसर प्रदान करेगी, और स्थानीय पंडितों ने उनका स्वागत करने की तैयारी की है.