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बिहार के नालंदा जिले के बिहार शरीफ रेलवे स्टेशन पर एक दर्दनाक घटना ने सबको झकझोर कर रख दिया

News Pratyaksh | Updated : Mon 15th Sep 2025, 12:18 pm

बिहार के नालंदा जिले के बिहार शरीफ रेलवे स्टेशन पर एक दर्दनाक घटना ने सबको झकझोर कर रख दिया. BPSC 71वीं संयुक्त प्रारंभिक परीक्षा देने आए एक अभ्यर्थी की हार्ट अटैक से मौत हो गई. इस घटना के बाद स्टेशन पर हड़कंप मच गया और पुलिस ने तत्काल कार्रवाई शुरू की. मृतक की पहचान गया जिले के टेकारी थाना क्षेत्र के फेनागी गांव निवासी 32 वर्षीय गौरव कुमार के रूप में हुई है. गौरव कुमार, गोपाल केवट का 32 वर्षीय पुत्र था, जो लखीसराय जिले में रहकर पारा मेडिकल की पढ़ाई कर रहा था. वह रेडियोलॉजी में अध्ययन के साथ-साथ सिविल सेवा परीक्षाओं की तैयारी भी कर रहा था. परिवार वालों के अनुसार, गौरव मेहनती और महत्वाकांक्षी था, जो अपने सपनों को पूरा करने के लिए कठिन परिश्रम कर रहा था. मृतक के पिता गोपाल केवट ने बताया कि गौरव शुक्रवार की शाम लखीसराय से बिहार शरीफ पहुंचा था. वह बीपीएससी की प्रारंभिक परीक्षा देने के लिए नालंदा मुख्यालय आया था. रात को बिहार शरीफ स्टेशन पर ठहरने के बाद, वह शनिवार सुबह कमरुद्दीनगंज मोहल्ले में स्थित आवासीय विद्यालय परीक्षा केंद्र पर पहुंचा. परीक्षा देने के बाद वह स्वस्थ हालत में स्टेशन लौटा और घर जाने के लिए ट्रेन का इंतजार करने लगा.जीआरपी रेल थाना के संजय पंडित ने बताया कि सुबह एक व्यक्ति की मौत की सूचना मिलने पर पुलिस तुरंत स्टेशन पहुंची. गौरव की पहचान उनके BPSC एडमिट कार्ड के जरिए की गई. पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए बिहार शरीफ के सदर अस्पताल भेज दिया. परिवार वालों को सूचित कर शव उन्हें सौंप दिया गया. पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है. बता दें कि 13 सितंबर, 2025 को नालंदा के बिहार शरीफ अनुमंडल में BPSC की 71वीं संयुक्त प्रारंभिक परीक्षा का आयोजन किया गया था. जिला प्रशासन ने 23 परीक्षा केंद्रों पर शांतिपूर्ण और कदाचार मुक्त परीक्षा के लिए पहले से ही सभी तैयारियां पूरी कर ली थीं. इस परीक्षा में कुल 21,480 अभ्यर्थियों ने हिस्सा लिया था.गौरव की असामयिक मृत्यु से उनके परिवार और गांव में शोक की लहर दौड़ गई है. एक होनहार युवक की इस तरह अचानक मृत्यु ने न केवल उनके परिजनों, बल्कि पूरे समाज को गहरे सदमे में डाल दिया है. यह घटना युवाओं में बढ़ते तनाव और स्वास्थ्य संबंधी जोखिमों पर भी सवाल उठाती है.