चिराग पासवान को लेकर एनडीए के अंदर उलझन है. नीतीश कुमार ने जो सीटों का ऐलान किया है उससे स्पष्ट है कि वह अपनी सीटिंग सीट किसी भी सूरत में चिराग पासवान के लिए छोड़ने को तैयार नहीं हैं.एनडीए ने सीट शेयरिंग को लेकर शुरुआती घोषणा की थी, जिसमें तमाम दलों को कितनी सीटें मिलेगी यह स्पष्ट किया गया था. जो घोषणा हुई थे उसके मुताबिक बीजेपी और जेडीयू को 101 -101 सीटें मिली थी. लोक जनशक्ति पार्टी रामविलास को 29 सीटें मिली थी. जीतन राम मांझी और उपेंद्र कुशवाहा के खाते में 6-6 सीटें गई थी.बीजेपी ने तीन सूची जारी कर दी है. अब तक पार्टी ने 101 उम्मीदवारों के नामों का ऐलान किया है. जनता दल यूनाइटेड की ओर से भी पहली सूची जारी की गई है. जिसके तहत पार्टी ने 57 उम्मीदवारों के नाम और विधानसभा सीट घोषित कर दिए हैं. जीतन राम मांझी ने भी 6 सीट पर उम्मीदवार घोषित कर दिए हैं. उपेंद्र कुशवाहा ने अब तक उम्मीदवारों का ऐलान नहीं किया है.चिराग पासवान ने 14 सीटों पर उम्मीदवार घोषित कर दिए हैं. चिराग पासवान ने पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष राजू तिवारी को गोविंदगंज विधानसभा सीट पर सिंबल दिया है. गोविंदगंज सीट पर बीजेपी का कब्जा है और सुनील मणि तिवारी वहां से विधायक हैं.नीतीश कुमार ने अपने इरादे जाहिर कर दिए हैं और मजबूत सीट पर समझौते के लिए तैयार नहीं है. एक ओर जहां मटिहानी से जदयू ने उम्मीदवार दे दिया है. 2020 के चुनाव में लोक जनशक्ति पार्टी के टिकट पर जीते राजकुमार सिंह को जदयू ने मैदान में उतारा है. सोनबरसा विधानसभा सीट पर भी जदयू ने रत्नेश सदा को फिर से मैदान में उतारा है. इसके अलावा राजगीर, अलौली, एकमा, मोरवा और हिल्सा सीट पर भी चिराग पासवान का दावा था. सभी सीट जदयू ने अपने पास रख ली है.