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अंतरराष्ट्रीय बाजार में शुक्रवार को चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है. चांदी का भाव 5 फीसदी से अधिक गिरकर 51 डॉलर प्रति औंस तक आ गया,

News Pratyaksh | Updated : Sat 18th Oct 2025, 12:18 pm
अंतरराष्ट्रीय बाजार में शुक्रवार को चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है. चांदी का भाव 5 फीसदी से अधिक गिरकर 51 डॉलर प्रति औंस तक आ गया, जबकि कुछ दिनों पहले यह 54.2 डॉलर प्रति औंस के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया था घरेलू बाजार यानी MCX पर चांदी का दाम 8.19 फीसदी गिरकर ₹1,53,929 प्रति किलो पर आ गया, जो बीते छह महीनों में सबसे बड़ी गिरावट है.हालांकि, सप्ताहिक स्तर पर चांदी अब भी 3 फीसदी ऊपर बनी हुई है और यह लगातार 9वां सप्ताह है जब कीमतों में बढ़त देखी गई है. लंदन की चांदी बाजार में लिक्विडिटी संकट और भारत में मजबूत फिजिकल मांग के कारण सप्लाई पर दबाव बना हुआ है.
सिर्फ चांदी ही नहीं, बल्कि सोने की कीमतों में भी गिरावट आई है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना 2% से अधिक गिरकर 4300 डॉलर प्रति औंस के नीचे आ गया है. डॉलर की मजबूती और ट्रंप के बयान से सोने में भी मुनाफावसूली बढ़ी है.
डोनाल्ड ट्रंप के बयान ने एक बार फिर से वैश्विक बाजार को हिला दिया है. ट्रेड वॉर में नरमी की उम्मीदों से डॉलर मजबूत हुआ है, जिसका असर सोना और चांदी जैसे सुरक्षित निवेश साधनों पर साफ देखा जा रहा है. आने वाले समय में ट्रेड वार की दिशा और सप्लाई चेन की स्थिति इन धातुओं की कीमतों को तय करेंगे.इस गिरावट के पीछे प्रमुख कारण अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का वह बयान है, जिसमें उन्होंने कहा कि चीन पर लगाए गए फुल-स्केल टैरिफ लंबे समय तक नहीं टिक पाएंगे. उनके इस बयान से बाजार में उम्मीद जगी कि अमेरिका और चीन के बीच ट्रेड वॉर में नरमी आ सकती है. इस बयान के बाद डॉलर में मजबूती आई, जिससे निवेशकों ने सोने-चांदी जैसे सुरक्षित निवेश माध्यमों से पैसा निकालना शुरू कर दिया.इतिहास में इससे पहले भी चांदी में बड़ी गिरावट देखने को मिली है. मार्च 2020 में चांदी 16.63% गिरी थी, जबकि अगस्त 2020 में 12% तक की गिरावट दर्ज की गई थी. ऐसे में हालिया गिरावट भी उसी ट्रेंड की पुनरावृत्ति मानी जा रही है.