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पूरे राज्य में अचानक ई-रिक्शा की संख्या में वृद्धि हुई है. इलेक्ट्रिक ऑटो रोजगार का एक बड़ा साधन बनकर उभरा है.

News Pratyaksh | Updated : Wed 29th Oct 2025, 11:22 am

पूरे राज्य में अचानक ई-रिक्शा की संख्या में वृद्धि हुई है. इलेक्ट्रिक ऑटो रोजगार का एक बड़ा साधन बनकर उभरा है. ई-रिक्शा चालकों को इस बात की जानकारी नहीं है कि इलेक्ट्रिक ऑटो चलाने के लिए भी रजिस्ट्रेशन करना पड़ता है, साथ ही चालक को भी ड्राइविंग लाइसेंस की आवश्यकता होती है. जिस तरह से दो पहिया और चार पहिया गाड़ी चलाने के लिए लाइसेंस निर्गत किया जाता है, ठीक उसी तरह तीन पहिया गाड़ी चलाने का भी लाइसेंस जिला परिवहन कार्यालय निर्गत करता है.हजारीबाग जैसे छोटे शहर में लगभग 6000 से अधिक ई-रिक्शा का रजिस्ट्रेशन परिवहन कार्यालय से हुआ है. इससे अधिक गाड़ी सड़कों पर दौड़ रही है. ई-रिक्शा युवाओं के लिए रोजगार का बड़ा साधन बनकर उभरा है. बिना ड्राइविंग लाइसेंस के ही कई ऐसे चालक हैं जो इलेक्ट्रिक ऑटो चला रहे हैं. यह नियम के खिलाफ है.हजारीबाग जिला परिवहन पदाधिकारी बैद्यनाथ कामती ने बताया कि लोगों को जानकारी का अभाव होता है कि तीन पहिए गाड़ी चलाने के लिए भी ड्राइविंग लाइसेंस की आवश्यकता पड़ती है. ई-रिक्शा चलाने के लिए भी जिला परिवहन कार्यालय से रजिस्ट्रेशन करना होता है. चालक के पास रजिस्ट्रेशन और ड्राइविंग लाइसेंस नहीं है तो ई-रिक्शा चलाना गैरकानूनी है. उनके खिलाफ समय समय पर ड्राइव भी चलाया जाता है.जिले में बिगड़ी ट्रैफिक व्यवस्था को देखते हुए जिला प्रशासन ने ई-रिक्शा जो बिना रजिस्ट्रेशन या नंबर प्लेट के शहर में दौड़ रहे थे, उनके खिलाफ कार्रवाई की है. सैकड़ों की संख्या में ई-रिक्शा जब्त कर कंट्रोल रूम में रखा गया है. विभाग ने स्पष्ट किया है कि वैसे ई-रिक्शा जो बिना रजिस्ट्रेशन के चल रहे थे, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.ट्रैफिक थाना प्रभारी सरवन कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि कई दिनों से शहर में ट्रैफिक की समस्या बनी हुई है. बिना नंबर के ई-रिक्शा और ऑटो काफी संख्या में चल रहे हैं. पदाधिकारी के निर्देश पर कार्रवाई की गई है