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पहले बारिश के मौसम में अति वर्षा और अब मध्य प्रदेश में पिछले 3 दिनों से हो रही बेमौसम बरसात ने किसानों को पूरी तरह बर्बाद कर दिया है

News Pratyaksh | Updated : Thu 30th Oct 2025, 11:45 am

पहले बारिश के मौसम में अति वर्षा और अब मध्य प्रदेश में पिछले 3 दिनों से हो रही बेमौसम बरसात ने किसानों को पूरी तरह बर्बाद कर दिया है. इस बारिश में सबसे ज्यादा फसल का नुकसान ग्वालियर संभाग में हुआ है. खेतों में धान की फसल पक कर तैयार थी. कुछ कटाई के बाद मंडियों में पहुंच गई और कुछ खेतों में खड़ी थी. लेकिन इंद्र देव का कहर ऐसा बरपा कि न मंडी में खड़ा किसान इससे बचा और न खेतों में खड़ी फसल. पकी हुई धान के खेतों में पानी भरा हुआ है और फसल पानी में तैर रही है. किसान इस चिंता में सिर पकड़ कर बैठे हैं कि अब घर कैसे चलेगा.बारिश से हुई बर्बादी में गांव-गांव चपेट में आ गये. चंबल संभाग के मुरैना, भिंड और ग्वालियर संभाग के शिवपुरी, श्योपुर, गुना, ग्वालियर जिलों में धान और सरसों का खासा नुकसान हुआ है. इन हालातों की स्थिति और किसान का दर्द जानने भिंड के सर्वा गांव में ईटीवी भारत ग्राउंड जीरो पर पहुचा. ये वो गांव हैं, जहां भिंड जिले में सबसे ज्यादा धान की खेती होती है. यहां किसान अपनी पूरी मेहनत गंवा बैठा है, जिसकी तस्वीरें खुद उसका दर्द बयां कर रही हैं.जब ईटीवी भारत संवाददाता पीयूष श्रीवास्तव सर्वा गांव में पहुचे, तो कुदरत की मार झेल रहे किसानों का दर्द सामने आ गया. कच्चे कीचड़ भरे रास्ते पर पगडंडियों से होते हुए ये किसान ईटीवी भारत की टीम को अपने खेतों तक ले गए. जिससे उनके दुख की तस्वीरें अधिकारियों तक भी पहुंचे. किसान खेतों में बैठा रो रहा है, वह बार-बार बर्बाद हुई फसल की ओर निहार रहा है. कह रहा है कि कर्ज लेकर बोवनी की थी. खेतों में फसल लहलहाए इसलिए यूरिया डीएपी खाद की मारामारी में भी लाइन में लग कर रातें गुजारी, लेकिन बारिश ने पूरी मेहनत पर पानी फेर दिया. अब परिवार पालने का संकट सामने दिख रहा है.