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मतदाता अधिकार यात्रा के बाद राहुल गांधी ने बिहार में जो सरगर्मी पैदा की थी, वह टिकट बंटवारे में बवाल के बाद ठंडी पड़ गई थी।

News Pratyaksh | Updated : Mon 03rd Nov 2025, 11:33 am

मतदाता अधिकार यात्रा के बाद राहुल गांधी ने बिहार में जो सरगर्मी पैदा की थी, वह टिकट बंटवारे में बवाल के बाद ठंडी पड़ गई थी। कांग्रेस का माहौल फिर से तैयार करने के लिए रविवार को राहुल ने तालाब में छलांग लगा दी... बेगूसराय में मछली पकड़ने के लिए...। खुद को सन आफ मल्लाह कहने वाले वीआईपी पार्टी के अध्यक्ष मुकेश सहनी राहुल के साथ थे। निषाद और मल्लाह समुदाय को साधने के लिहाज से देखे जा रहे इस घटनाक्रम ने बिहार में लोगों का ध्यान आकर्षित तो किया है।हालांकि, राहुल का प्रयास आलोचना का सबब भी बना हुआ। उन्होंने छठ पर पीएम नरेंद्र मोदी के घाट पर जाने को ड्रामा कहा था, तो वही शब्द अब भाजपा उनके लिए इस्तेमाल कर रही है। भाजपा ने इसे चुनावी पर्यटन व ड्रामा करार दिया। वहीं, कांग्रेस का दावा है कि जिस तरह से राहुल लोगों से जुड़ते हैं, वह उनकी जन-नेता की छवि को मजबूत करता है। सच यह है कि इसका वास्तविक असर तभी दिखेगा जब यह प्रतीकवाद स्थायी वोट में तब्दील हो।