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उत्तराखंड में बाघों की आबादी को लेकर तस्वीर अब बेहद दिलचस्प होती जा रही है. कभी टाइगर्स की सुरक्षित पनाहगाह के लिए पहचाना जाने वाला उत्तराखंड

News Pratyaksh | Updated : Thu 27th Nov 2025, 11:17 am

उत्तराखंड में बाघों की आबादी को लेकर तस्वीर अब बेहद दिलचस्प होती जा रही है. कभी टाइगर्स की सुरक्षित पनाहगाह के लिए पहचाना जाने वाला उत्तराखंड, अब देश के उन चुनिंदा राज्यों में शामिल हो चुका है, जहां बाघों की संख्या अपनी अधिकतम क्षमता के करीब पहुंच चुकी है. वैसे तो कॉर्बेट टाइगर रिजर्व को बाघों की नर्सरी कहा जाता है, लेकिन अब विशेषज्ञ यह मानने लगे हैं कि केवल कॉर्बेट ही नहीं, बल्कि पूरा उत्तराखंड टाइगर कैपेसिटी के लिहाज से लगभग हाउसफुल हो चुका है.राज्य में हुई टाइगर्स इस्टीमेशन रिपोर्ट के ताजा आंकड़े भी इसी की पुष्टि करते हैं. देश में जिन राज्यों ने बाघों की संख्या बढ़ाने में शानदार प्रदर्शन किया है, उनमें उत्तराखंड लगातार टॉप-3 में बना हुआ है. यह उपलब्धि इसलिए भी खास है, क्योंकि यह प्रदेश भौगोलिक रूप से सीमित है और अधिकांश इलाका पहाड़ी है. फिर भी यहां बाघों की संख्या में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है.टाइगर इस्टीमेशन 2023 की रिपोर्ट के अनुसार उत्तराखंड में कुल 560 बाघ हैं. कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में रिकॉर्ड 260 बाघ हैं. ये देश के किसी भी टाइगर रिजर्व में पाई जाने वाली सबसे अधिक संख्या है. यानी कॉर्बेट टाइगर को छोड़ भी दें, तो अन्य इलाकों में करीब 300 बाघ मौजूद हैं, जो किसी छोटे राज्य के लिए बेहद प्रभावशाली आंकड़ा माना जा सकता है.