News Pratyaksh


खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के मंत्री कक्ष में धान अधिप्राप्ति से जुड़ी चुनौतियों और उनके समाधान पर विस्तृत विचार-विमर्श के लिए एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की मंत्री लेशी सिंह ने की। बैठ

News Pratyaksh | Updated : Thu 27th Nov 2025, 11:26 am

खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के मंत्री कक्ष में धान अधिप्राप्ति से जुड़ी चुनौतियों और उनके समाधान पर विस्तृत विचार-विमर्श के लिए एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की मंत्री लेशी सिंह ने की। बैठक में सहकारिता विभाग के मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।बैठक की शुरुआत में बिहार राज्य खाद्य एवं असैनिक आपूर्ति निगम लिमिटेड के महाप्रबंधक (अधिप्राप्ति) रमेंद्र कुमार ने धान अधिप्राप्ति की वर्तमान स्थिति, चावल की गुणवत्ता, और साधारण चावल को फोर्टिफाइड चावल में परिवर्तित करने की संपूर्ण प्रक्रिया पर विस्तृत प्रस्तुति दी। प्रस्तुति में अधिप्राप्ति के दौरान PACS स्तर पर आने वाली व्यवहारिक चुनौतियों के साथ-साथ लॉजिस्टिक और प्रोसेसिंग से जुड़े महत्वपूर्ण बिंदुओं को भी रेखांकित किया गया।मंत्री लेशी सिंह ने PACS प्रतिनिधियों द्वारा उठाए गए मुद्दों को गंभीरता से सुनते हुए अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। बैठक में PACS की दो प्रमुख मांगों—राइस मिलों की वास्तविक क्षमता की जांच और लंबित भुगतानों के शीघ्र निष्पादन के लिए तुरंत कदम उठाने का निर्णय लिया गया। मंत्री ने स्पष्ट कहा कि PACS को भुगतान में किसी भी प्रकार की देरी स्वीकार्य नहीं है और सभी लंबित भुगतान निर्धारित अवधि में पूरा किया जाएगा।समीक्षा बैठक के दौरान PACS की एक और महत्वपूर्ण मांग पर भी विचार किया गया, जिसमें उन्होंने दो महीने की अवधि के स्थान पर अधिप्राप्ति से संबंधित कुल छह महीने तक की ब्याज-मुक्त अवधि की सुविधा की मांग की। इस पर मंत्री ने PACS को आश्वासन दिया कि विभाग इस प्रस्ताव पर सकारात्मक विचार करते हुए आवश्यक निर्णय शीघ्र लेगा, जिससे PACS इकाइयों पर आर्थिक दबाव कम हो सके।