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सरकार और स्वास्थ्य विभाग के मंत्री अक्सर यह कहते नहीं थकते कि राज्य में स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर हो रही हैं.

News Pratyaksh | Updated : Tue 11th Nov 2025, 11:36 am

सरकार और स्वास्थ्य विभाग के मंत्री अक्सर यह कहते नहीं थकते कि राज्य में स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर हो रही हैं. लेकिन ईटीवी भारत की टीम जब रांची जिले के ही ग्रामीण इलाकों में खोले गए आयुष्मान आरोग्य मंदिर (पूर्व में हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर) का जायजा लेने गई तो नजारा दूसरा ही था.ओरमांझी प्रखंड के सदमा और पास के कुल्ही गांव में ग्रामीणों को गुणवत्तापूर्ण इलाज और सुरक्षित प्रसव की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए खोले गए आयुष्मान आरोग्य मंदिर बंद मिले. यहां न सीएचओ मिले और न ही नर्सें या अन्य कोई स्टाफ. मिले तो दीवारों पर आकर्षक प्रचार सरीखा लिखे ये शब्द कि यहां 24X7 प्रसव सेवा उपलब्ध है. सवाल यह है कि बिना डॉक्टर, बिना सीएचओ और बिना नर्स के जरूरत के समय यहां प्रसव कौन कराएगा?सदमा गांव के बंद पड़े आयुष्मान आरोग्य मंदिर के बाहर हमें सकलदीप मुंडा नाम के ग्रामीण मिल गए. उन्होंने जो बताया वह हैरान करने वाला है. उन्होंने बताया कि सप्ताह में एकाध दिन लोग आते हैं और कागजी खानापूर्ति कर चले जाते हैं. उन्होंने कहा कि जबसे इसका उद्घाटन हुआ है उसके बाद से यहां इलाज नहीं हुआ है.ईटीवी भारत की टीम जब पास के ही कुल्ही गांव के आयुष्मान आरोग्य सेंटर पहुंचीं तो वह भी बंद मिला. यहां भी पास के एक युवक ने बताया कि कभी-ेकभी यह सेंटर खुलता है लेकिन प्रसव कभी नहीं हुआ है. जब हमारी टीम रिपोर्टिंग के लिए पहुंची उस समय दो सहिया भी आरोग्य मंदिर पहुंचीं थीं पर उन्होंने चुप रहना ही अच्छा समझा.