लाल किले के पास सोमवार शाम हुए धमाके के बाद चांदनी चौक और आसपास के इलाकों में अन्य दिनों की तरह मंगलवार की सुबह सामान्य नहीं थीं.
News Pratyaksh | Updated : Tue 11th Nov 2025, 11:47 am
लाल किले के पास सोमवार शाम हुए धमाके के बाद चांदनी चौक और आसपास के इलाकों में अन्य दिनों की तरह मंगलवार की सुबह सामान्य नहीं थीं. सुबह जब दुकानों के शटर खुले तो बाजारों में चर्चा सिर्फ़ विस्फोट पर ही चर्चा हो रही थी. कहीं डर झलक रहा था, तो कहीं सामान्य दिनचर्या लौटाने की कोशिश. पुलिस की घेराबंदी और फोरेंसिक टीमों की मौजूदगी के बीच, ईटीवी भारत की टीम ने वहां मौजूद लोगों से बात की.इलाके में स्थित गौरी शंकर मंदिर है, जहां हर रोज बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं. मंगलवार की सुबह वहां श्रद्धालुओं की संख्या नगण्य रही. मंदिर के पास फूलों की दुकानें सूनी रहीं. विस्फोट के बाद इलाके के हालात को याद करते हुए आदित्य राजपूत ने कहा, "मैं पास के इलाके में था, मैंने ज़ोरदार विस्फोट की आवाज सुनी. मैं तुरंत देखने आया. लोग अपनी जान बचाने के लिए भाग रहे थे."
आदित्य ने दावा किया कि विस्फोट इतना ज़ोरदार था कि मानव अवशेष हर जगह बिखर गए. "मैंने देखा कि मानव शरीर के अंग हर जगह बिखरे पड़े थे. जिस समय विस्फोट हुआ, उस समय इलाके में भारी भीड़ थी. विस्फोट के तुरंत बाद दुकानें बंद हो गईं." उन्होंने मांग की कि सरकार को इस विस्फोट में शामिल लोगों को कड़ी सजा देनी चाहिए.