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तमिलनाडु के महाबलीपुरम से बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के चकिया-केसरिया मार्ग पर बन रहे विराट रामायण मंदिर के लिए विश्व का सबसे बड़ा एकाश्म ग्रेनाइट शिवलिंग शुक्रवार 21 नवंबर को विधि-विधान से पूजा-अर्चना के बाद रवाना हो गया. यह शिवलिंग 33 फीट ऊंचा और 210 म

News Pratyaksh | Updated : Mon 24th Nov 2025, 11:23 am

तमिलनाडु के महाबलीपुरम से बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के चकिया-केसरिया मार्ग पर बन रहे विराट रामायण मंदिर के लिए विश्व का सबसे बड़ा एकाश्म ग्रेनाइट शिवलिंग शुक्रवार 21 नवंबर को विधि-विधान से पूजा-अर्चना के बाद रवाना हो गया. यह शिवलिंग 33 फीट ऊंचा और 210 मीट्रिक टन वजनी है. महावीर मंदिर न्यास (पटना) द्वारा बनाया जा रहा विराट रामायण मंदिर आकार में 1080 फीट लंबा और 540 फीट चौड़ा होगा. इसमें 22 मंदिर, 18 शिखर और 270 फीट ऊंचा मुख्य शिखर होगा. दीवारों पर रामायण के प्रसंग उकेरे जाएंगे. मंदिर का प्रवेश द्वार, गणेश स्थल, सिंह द्वार, नंदी, गर्भगृह की पाइलिंग आदि का काम पूरा हो चुका है. अब विशाल शिवलिंग की स्थापना के बाद मुख्य मंदिर का निर्माण और तेज होगा. महाबलीपुरम के निकट पट्टीकाडु क्षेत्र में एक ही विशाल ग्रेनाइट पत्थर से तराशा गया यह शिवलिंग पिछले दस वर्षों की अथक मेहनत का परिणाम है. शिल्पकारों ने सूक्ष्म नक्काशी, संतुलन और सौंदर्य पर विशेष ध्यान देते हुए इसे तैयार किया. अनुमानित लागत करीब तीन करोड़ रुपये आई है.