News Pratyaksh


मानवता को झकझोर देने वाली एक बेहद दुःखद और शर्मनाक घटना पश्चिमी सिंहभूम जिले से सामने आई है. इस घटना ने स्वास्थ्य सिस्टम को सवाल के कटघरे में खड़ा कर दिया है. एक परिजन अपने बच्चे का इलाज कराने सदर अस्पताल पहुंचे. जहां बच्चे की जान तो नहीं बच सकी लेकिन मास

News Pratyaksh | Updated : Sat 20th Dec 2025, 06:16 am

मानवता को झकझोर देने वाली एक बेहद दुःखद और शर्मनाक घटना पश्चिमी सिंहभूम जिले से सामने आई है. इस घटना ने स्वास्थ्य सिस्टम को सवाल के कटघरे में खड़ा कर दिया है. एक परिजन अपने बच्चे का इलाज कराने सदर अस्पताल पहुंचे. जहां बच्चे की जान तो नहीं बच सकी लेकिन मासूम को आखिर में शव वाहन भी नसीब नहीं हुआ. जिसके चलते परिजन को अपने बच्चे का शव एक थैले में डालकर गांव ले जाना पड़ा.प्राप्त जानकारी के अनुसार, डिम्बा चतोम्बा अपने बच्चे की तबीयत अचानक बिगड़ने पर उसे इलाज के लिए चाईबासा सदर अस्पताल लेकर पहुंचे थे. परिजनों को उम्मीद थी कि अस्पताल में बेहतर इलाज मिलेगा, लेकिन इलाज के दौरान बच्चे की मौत हो गई. मासूम की मौत के बाद पूरा परिवार गहरे सदमे में चला गया.दरअसल, नोवामुंडी प्रखंड के बालजोड़ी गांव निवासी डिम्बा चतोम्बा को अपने 4 वर्षीय मासूम बच्चे के शव को सम्मान के साथ घर ले जाना था, जिसके लिए शव वाहन नसीब नहीं हुई. मजबूरन टूटे हुए पिता ने बच्चे के शव को थैले में रखकर बस से गांव ले जाने का फैसला किया.