News Pratyaksh


गौतम देवी बोधगया के मियां बीघा की रहने वाली हैं. उनके पति 'बीटीएमसी' यानी बोधगया टेंपल मैनेजमेंट कमेटी के कार्यालय में कर्मचारी हैं. गौतम देवी चाहतीं तो वो भी पति की कमाई पर निर्भर रहकर जिंदगी गुजारती लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया

News Pratyaksh | Updated : Tue 09th Dec 2025, 12:13 pm

गौतम देवी बोधगया के मियां बीघा की रहने वाली हैं. उनके पति 'बीटीएमसी' यानी बोधगया टेंपल मैनेजमेंट कमेटी के कार्यालय में कर्मचारी हैं. गौतम देवी चाहतीं तो वो भी पति की कमाई पर निर्भर रहकर जिंदगी गुजारती लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया, बल्कि अपनी कलाकृति से देश विदेश में धूम मचा रही हैं. गौतम देवी जैसी सैंकड़ों महिलाएं हैं जिन्होंने भगवान बुद्ध से जुड़ी पवित्र धरती के पत्तों को लेकर उस पर महात्मा बुद्ध के चित्र बना रही हैं. इससे उनकी आर्थिक स्थिति सुधरी है. बोधगया के भगवानपुर भागलपुर की निवासी सुधा सिंह बोधगया नगर परिषद में आजीविका शहरी मिशन में सीआरपी पद पर कार्यरत हैं. पति बोधगया में टूरिस्ट गाइड हैं. मगर वो घर में खाली समय में मंडला, पीपल के पत्ते पर भगवान बुद्ध का चित्र, डायरी में बुद्ध का चित्र बना कर बुद्ध के अनुयायियों, उपासकों और श्रद्धालुओं को बेचती है. चंद घंटों के वो इस काम से सुधा सिंह प्रति माह 15 से 20 हजार रुपए तक की आमदनी कर लेती हैं.विश्व भर में भगवान बुद्ध की ज्ञान स्थली के तौर पर प्रसिद्ध बिहार के बोधगया की महिलाएं भक्ति और श्रद्धा का पालन कर आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रही हैं, क्योंकि बोधगया में पीपल के पत्ते भी बिक रहे हैं. हालांकि वो पत्ते साधारण नहीं होते हैं, बल्कि उस पर यहां की महिलाओं के द्वारा भगवान बुद्ध का चित्र बनाया जाता है.