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विद्या कला और एकाग्र की देवी मां सरस्वती पूजा सनातन धर्म में धूमधाम से माघ शुक्ल पक्ष के पंचमी तिथि को मनाया जाता है. वहीं इस बार सरस्वती पूजा 23 जनवरी दिन शुक्रवार को मनाई जाएगी. यह सरस्वती पूजा विशेष कर शैक्षणिक संस्थान और छात्र-छात्राओं के बीच मनाई जात

News Pratyaksh | Updated : Tue 20th Jan 2026, 12:08 pm
विद्या कला और एकाग्र की देवी मां सरस्वती पूजा सनातन धर्म में धूमधाम से माघ शुक्ल पक्ष के पंचमी तिथि को मनाया जाता है. वहीं इस बार सरस्वती पूजा 23 जनवरी दिन शुक्रवार को मनाई जाएगी. यह सरस्वती पूजा विशेष कर शैक्षणिक संस्थान और छात्र-छात्राओं के बीच मनाई जाती है. जबकि इस दिन सनातन धर्म के लोग मां सरस्वती की घर में भी पूजा अर्चना करते हैं.
वहीं सनातन धर्म में ऐसा माना जाता है कि हर तरह के देवी देवताओं का अपना अलग-अलग काम होता है तो ऐसे में मां लक्ष्मी लोगों को धन देती हैं तो वहीं मां सरस्वती लोगों को ज्ञान बुद्धि और विवेक देती हैं. ऐसे में इस बार सरस्वती पूजा यानी बसंत पंचमी 23 जनवरी दिन शुक्रवार को मनाई जाएगी.वहीं विशेष जानकारी देते हुए पूर्णिया के पंडित व ज्योतिषाचार्य मनोतपल झा बताते हैं कि मिथिला पंचांग के अनुसार 23 जनवरी दिन शुक्रवार को माघ शुक्ल पक्ष पंचमी तिथि को मनाई जाएगी. उन्होंने कहा कि मां सरस्वती विद्या की देवी बुद्धि कला एकाग्र की देवी की पूजा करने के लिए कोई शुभ मुहूर्त समय निर्धारित नहीं होता है. जब चाहे आप उनकी पूजा कर सकते हैं. साथ ही साथ उन्होंने कहा इस सरस्वती पूजा सर्वार्थ सिद्धि योग बनने के कारण और भी खास हो रहा है. यह समय मिथिला पंचांग के अनुसार दिन के दोपहर 12:21 के बाद शाम को सूर्यास्त होने तक सर्व सिद्धि योग बना रहेगा इस दौरान की गई पूजा विशेष फलदायी साबित होगी.