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बिहार में लीच थेरेपी यानी जोंक से इलाज

News Pratyaksh | Updated : Wed 07th Jan 2026, 11:04 am
बिहार में लीच थेरेपी यानी जोंक से इलाज, सुनने में भले ही अजीब लगे लेकिन पटना में यह चिकित्सा पद्धति कई मरीजों के लिए राहत का जरिया बन रही है. राजधानी के तिब्बती कॉलेज में चर्म रोग के साथ-साथ कई तरह की पुरानी और असाध्य बीमारियों का इलाज लीच थेरेपी के माध्यम से किया जा रहा है. यही वजह है कि पटना ही नहीं, बल्कि बिहार के अलग-अलग जिलों से मरीज यहां इलाज के लिए पहुंच रहे हैं.लीच थेरेपी बहुत प्राचीन उपचार पद्धति है, जिसका उल्लेख आयुर्वेद और तिब्बती चिकित्सा में मिलता है. इस थेरेपी में औषधीय जोंकों का इस्तेमाल किया जाता है. जोंक जब शरीर के प्रभावित हिस्से से रक्त चूसती है, तो उसके लार (Saliva) में मौजूद जैविक तत्व रक्त को पतला करते हैं और सूजन, दर्द व संक्रमण को कम करने में मदद करते हैं.