वैश्विक स्तर पर गहराते भू-राजनीतिक तनाव और आपूर्ति श्रृंखला में आए व्यवधान के कारण भारतीय रुपया शुक्रवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले अपने अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया. शुरुआती कारोबार में भारी गिरावट दर्ज करते हुए रुपया पहली बार 93.12 के स्तर को प
News Pratyaksh | Updated : Fri 20th Mar 2026, 10:41 am
वैश्विक स्तर पर गहराते भू-राजनीतिक तनाव और आपूर्ति श्रृंखला में आए व्यवधान के कारण भारतीय रुपया शुक्रवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले अपने अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया. शुरुआती कारोबार में भारी गिरावट दर्ज करते हुए रुपया पहली बार 93.12 के स्तर को पार कर गया.
शुक्रवार को घरेलू मुद्रा में 0.55 प्रतिशत की गिरावट देखी गई, जिससे यह 93.12 के स्तर पर आ गई. इससे पहले बुधवार को रुपया 92.63 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर बंद हुआ था. गौरतलब है कि जब से पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में संघर्ष शुरू हुआ है, तब से भारतीय रुपया लगभग 2 प्रतिशत तक टूट चुका है.बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, USD/INR की जोड़ी वर्तमान में 92.8 के स्तर से ऊपर कारोबार कर रही है. कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और वैश्विक स्तर पर निवेशकों के बीच बढ़ते जोखिम ने रुपये पर दबाव और बढ़ा दिया है. 'एनरिच मनी' के सीईओ पोनमुडी आर. के अनुसार, 93.00 के स्तर से ऊपर बने रहने पर रुपया और कमजोर हो सकता है. आने वाले समय में 93.20–93.40 के स्तर पर प्रतिरोध देखा जा सकता है, जबकि 92.70 और 92.50 के आसपास इसे समर्थन मिल सकता है.