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राजधानी रांची समेत पूरे राज्य में गैस की कमी का असर अब छात्रों की जिंदगी पर साफ दिखने लगा है. कई सरकारी और निजी हॉस्टलों में नियमित गैस सप्लाई बाधित होने से मेस व्यवस्था चरमरा गई है. हालात ऐसे हैं कि छात्र-छात्राओं को लकड़ी जलाकर खाना बनाना पड़ रहा है, जि

News Pratyaksh | Updated : Thu 02nd Apr 2026, 11:23 am

राजधानी रांची समेत पूरे राज्य में गैस की कमी का असर अब छात्रों की जिंदगी पर साफ दिखने लगा है. कई सरकारी और निजी हॉस्टलों में नियमित गैस सप्लाई बाधित होने से मेस व्यवस्था चरमरा गई है. हालात ऐसे हैं कि छात्र-छात्राओं को लकड़ी जलाकर खाना बनाना पड़ रहा है, जिससे उनकी पढ़ाई और दिनचर्या दोनों प्रभावित हो रही हैं.रांची के विभिन्न छात्रावासों, खासकर आदिवासी गर्ल्स हॉस्टल की छात्राओं ने गैस की किल्लत को लेकर नाराजगी जताई है. उनका कहना है कि नियमित गैस आपूर्ति नहीं होने के कारण भोजन बनाने में घंटों का समय लग रहा है. धुएं और गर्मी के बीच लकड़ी के चूल्हे पर खाना बनाना मजबूरी बन गई है. इससे स्वास्थ्य पर भी असर पड़ रहा है और पढ़ाई का कीमती समय बर्बाद हो रहा है.छात्रों ने जिला प्रशासन और संबंधित विभाग से जल्द वैकल्पिक व्यवस्था करने की मांग की है. उनका कहना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं और नियमित कक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों के लिए यह स्थिति बेहद कठिन है. गैस की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित की जाए, ताकि मेस व्यवस्था सुचारू रूप से चल सके.जानकारी के मुताबिक, यह समस्या केवल एक हॉस्टल तक सीमित नहीं है, बल्कि राजधानी के कई छात्रावास इसकी चपेट में हैं. गैस की कमी के कारण भोजन व्यवस्था बाधित होने से सैकड़ों छात्र-छात्राओं को रोजाना परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. अब देखना होगा कि संबंधित विभाग इस संकट के समाधान के लिए कितनी जल्दी ठोस कदम उठाता है