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महाराष्ट्र आतंकवाद विरोधी दस्ता (ATS) ने 27 अप्रैल को मीरा रोड के नया नगर इलाके में अस्मिता ग्रैंड मेंशन के पास दो सुरक्षा गार्ड पर हुए हमले की जांच शुरू कर दी है. सुरक्षा एजेंसियां ​​इसे एक संभावित 'लोन वुल्फ' टेरर अटैक मान रही हैं.महाराष्ट्र एटीएस ने बत

News Pratyaksh | Updated : Tue 28th Apr 2026, 11:56 am

महाराष्ट्र आतंकवाद विरोधी दस्ता (ATS) ने 27 अप्रैल को मीरा रोड के नया नगर इलाके में अस्मिता ग्रैंड मेंशन के पास दो सुरक्षा गार्ड पर हुए हमले की जांच शुरू कर दी है. सुरक्षा एजेंसियां ​​इसे एक संभावित 'लोन वुल्फ' टेरर अटैक मान रही हैं.महाराष्ट्र एटीएस ने बताया कि, 31 साल का आरोपी जुबैर अंसारी ने वहां ड्यूटी पर तैनात दो सुरक्षा गार्ड को निशाना बनाया. वहीं चश्मदीदों का दावा है कि, आरोपी ने पहले गार्ड से रास्ता पूछा और फिर उनका धर्म पूछने के लिए लौटा.साथ ही यह भी दावा किया जा रहा है कि आरोपी ने एक गार्ड को इस्लामिक कलिमा पढ़ने के लिए मजबूर किया और जब वह नाकाम रहा, तो आरोपी ने उन पर धारदार हथियार से हमला कर दिया. घायल गार्ड अभी अस्पताल में भर्ती हैं.जब पुलिस ने अंसारी की गिरफ्तारी के बाद उसके घर की तलाशी ली, तो जांच टीम को हाथ से लिखे नोट मिले जिनमें उसने ISIS में शामिल होने की इच्छा जताई थी. महाराष्ट्र ATS के मुताबिक, सूत्रों के मुताबिक, इन नोटों में आरोपी ने इस हमले को एक आतंकवादी संगठन में शामिल होने की दिशा में अपना पहला कदम बताया.महाराष्ट्र एटीएस ने यह भी कहा कि जांच में पता चला कि आरोपी, जबर जुबैर अंसारी, साइंस ग्रेजुएट था और कई सालों तक अमेरिका में रहा था. अमेरिका में नौकरी न मिलने पर, वह भारत लौट आया और मीरा रोड में अकेले रहकर ऑनलाइन केमिस्ट्री कोचिंग दे रहा था. माना जा रहा है कि एकांत में रहने के दौरान, आरोपी इंटरनेट के जरिए कट्टरपंथी हो गया. एजेंसियां ​​अब उसके मोबाइल फोन और लैपटॉप के डिजिटल फुटप्रिंट्स की जांच कर रही हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि वह बॉर्डर पार किसी हैंडलर के सीधे संपर्क में था या नहीं.