News Pratyaksh


लौहनगरी में साइबर अपराधियों की संवेदनहीनता का एक खौफनाक चेहरा सामने आया है। ठगों ने न केवल एक परिवार की गाढ़ी कमाई लूटी, बल्कि उनकी मदद की उम्मीद तोड़कर एक मरीज की जान भी जोखिम में डाल दी।मानगो निवासी आरएन चौहान से ठगों ने एयर एंबुलेंस उपलब्ध कराने के नाम

News Pratyaksh | Updated : Thu 30th Apr 2026, 11:37 am
लौहनगरी में साइबर अपराधियों की संवेदनहीनता का एक खौफनाक चेहरा सामने आया है। ठगों ने न केवल एक परिवार की गाढ़ी कमाई लूटी, बल्कि उनकी मदद की उम्मीद तोड़कर एक मरीज की जान भी जोखिम में डाल दी।मानगो निवासी आरएन चौहान से ठगों ने एयर एंबुलेंस उपलब्ध कराने के नाम पर 8 लाख रुपये की ठगी कर ली। समय पर एंबुलेंस न मिलने के कारण मरीज को हैदराबाद नहीं ले जाया जा सका, जिससे उनकी मृत्यु हो गई।शिकायतकर्ता आरएन चौहान के अनुसार, उनके रिश्तेदार मोहन सिंह की स्थिति गंभीर थी और वे जमशेदपुर के TMH (टाटा मुख्य अस्पताल) के CCU में भर्ती थे। चिकित्सकों ने उनकी नाजुक स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए हैदराबाद रेफर करने की सलाह दी थी।परिजनों ने आनन-फानन में इंटरनेट पर एयर एंबुलेंस सेवा की तलाश शुरू की। सर्च इंजन (Google) पर मिले एक नंबर पर संपर्क करने पर अपराधियों ने खुद को एक प्रतिष्ठित एयर एंबुलेंस कंपनी का प्रतिनिधि बताया। सौदा 8 लाख रुपये में तय हुआ, जिसे परिजनों ने तुरंत ऑनलाइन ट्रांसफर कर दिया।रकम ट्रांसफर होने के बाद, कथित कंपनी ने एंबुलेंस भेजने के नाम पर टालमटोल शुरू कर दी। कभी तकनीकी खराबी तो कभी क्लीयरेंस का बहाना बनाया गया। परिजन परेशान होते रहेजब तक परिजनों को ठगी का अहसास हुआ और वे वैकल्पिक व्यवस्था करते, तब तक काफी देर हो चुकी थी। पर्याप्त चिकित्सा संसाधनों के अभाव और समय पर शिफ्टिंग न होने के कारण मरीज मोहन सिंह ने दम तोड़ दिया।