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सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को रेणुकास्वामी मर्डर केस में कन्नड़ एक्टर दर्शन और दूसरों के खिलाफ ट्रायल कर रही बेंगलुरु कोर्ट से कहा कि वह कार्रवाई की प्रगति विवरण में एक स्टेटस रिपोर्ट (स्थिति रिपोर्ट) जमा करे, जिसमें उन गवाहों की संख्या बताई जाए जिनसे पूछताछ

News Pratyaksh | Updated : Mon 04th May 2026, 12:09 pm

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को रेणुकास्वामी मर्डर केस में कन्नड़ एक्टर दर्शन और दूसरों के खिलाफ ट्रायल कर रही बेंगलुरु कोर्ट से कहा कि वह कार्रवाई की प्रगति विवरण में एक स्टेटस रिपोर्ट (स्थिति रिपोर्ट) जमा करे, जिसमें उन गवाहों की संख्या बताई जाए जिनसे पूछताछ की गई, जिनकी सुनवाई होनी बाकी है, और केस पूरा होने में लगने वाला अनुमानित समय शामिल हो.यह मामला जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस विजय बिश्नोई की बेंच के सामने सुनवाई के लिए आया. बेंच ने दर्शन की उस रिट याचिका पर नोटिस जारी किया जिसमें केस में बेल की मांग की गई थी.सुनवाई के दौरान, दर्शन की ओर से पेश सीनियर वकील मुकुल रोहतगी ने कहा कि जब से सुप्रीम कोर्ट ने 14 अगस्त, 2025 को बेल खारिज की है, तब से याचिकाकर्ता ने कुल मिलाकर एक साल जेल में बिताया है.बेंच के सामने यह दलील दी गई कि उन्हें वे बुनियादी सुविधाएं नहीं दी गईं जो एक अंडरट्रायल कैदी को दी जाती हैं. रोहतगी ने कहा कि उनके मुवक्किल को सुप्रीम कोर्ट के आदेश की वजह से क्वारंटाइन सेल में रखा गया था और उन्होंने कहा, "मुझे बेसिक सुविधाएं भी नहीं मिल पा रही हैं.दलीलें सुनने के बाद, बेंच ने कर्नाटक सरकार को नोटिस जारी किया. बेंच ने अपनी रजिस्ट्री को सेशंस केस के स्टेटस के बारे में बेंगलुरु कोर्ट से एक रिपोर्ट मांगने का भी निर्देश दिया.