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झारखंड की जेलों को लेकर एक चौंकाने वाली हकीकत सामने आ रही

News Pratyaksh | Updated : Thu 16th Apr 2026, 01:06 pm
झारखंड की जेलों को लेकर एक चौंकाने वाली हकीकत सामने आ रही है, जो सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है। राज्य में कई कुख्यात अपराधी सलाखों के पीछे हैं, लेकिन हालात ऐसे हैं कि जेल के भीतर से ही गैंग ऑपरेट होने के आरोप लग रहे हैं। हाल ही में सामने आई एक तस्वीर ने इस दावे को और मजबूत कर दिया है कि जेलों के अंदर मोबाइल फोन का इस्तेमाल बदस्तूर जारी है।इधर, इस मुद्दे की गूंज झारखंड विधानसभा के बजट सत्र तक पहुंच थी। जहां जरमुंडी विधायक देवेंद्र कुंवर ने सदन में जेलों में मोबाइल नेटवर्क पर रोक लगाने का मुद्दा उठाया था। उन्होंने बताया कि पहले भी सरकार ने 4G और 5G नेटवर्क को ब्लॉक करने के लिए जैमर लगाने की बात कही थी और इस दिशा में प्रगति की जानकारी मांगी थी।
जिस पर जवाब देते हुए मंत्री योगेंद्र प्रसाद महतो ने कहा कि जल्द ही राज्य की जेलों में 4G नेटवर्क को रोकने के लिए जैमर लगाए जाएंगे, ताकि मोबाइल के दुरुपयोग पर लगाम लगाई जा सके।
इस तस्वीर में दिख रहा शख्स आकाश रॉय उर्फ मोनू है, जो पहले कुख्यात अपराधी अमन साहू के गिरोह से जुड़ा हुआ था। अमन साहू के एनकाउंटर के बाद वह राहुल दुबे गैंग से जुड़कर गतिविधियों का संचालन कर रहा है। फिलहाल आकाश रॉय मधुपुर जेल में बंद है, जिसे एक सख्त और हाईटेक जेल माना जाता है। लेकिन इसी हाईटेक जेल से अकास रॉय बड़े ही आसानी ने अपने सोशल मीडिया पेज पर लगातार जानकारियां साझा करता रहता है। जो साफ तौर पर बताती है कि जेल के अंदर बड़े ही आसानी से अपराधी अपने मोबाइल फोन का इस्तेमाल कर रहे है।