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झारखंड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय महासचिव विनोद पांडेय ने बीजेपी पर आरोप लगाते हुए कहा कि बिहार में मतदाता सूची का SIR के नाम पर 35 लाख से अधिक गरीब परिवारों के राशन कार्ड रद्द किए जाना कोई साधारण प्रशासनिक त्रुटि नहीं है बल्कि एक सुनियोजित रणनीति का हिस्

News Pratyaksh | Updated : Thu 16th Apr 2026, 01:11 pm

झारखंड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय महासचिव विनोद पांडेय ने बीजेपी पर आरोप लगाते हुए कहा कि बिहार में मतदाता सूची का SIR के नाम पर 35 लाख से अधिक गरीब परिवारों के राशन कार्ड रद्द किए जाना कोई साधारण प्रशासनिक त्रुटि नहीं है बल्कि एक सुनियोजित रणनीति का हिस्सा है.मनोज पांडेय ने कहा कि यह केवल दस्तावेजों की जांच नहीं बल्कि यह लोगों के अस्तित्व पर प्रहार है. किसी परिवार का नाम सूची से हटता है, तो केवल एक कार्ड से नाम नहीं कटता, उस परिवार की रसोई बुझ जाती है. बुजुर्गों की पेंशन रुक जाती है और बच्चों का भविष्य अंधकारमय हो जाता है.जेएमएम नेता विनोद पांडेय ने कहा कि यह सब अत्यंत सुनियोजित और शांत तरीके से किया जा रहा है. बिना सार्वजनिक चर्चा, बिना जवाबदेही और बिना पारदर्शिता के इतने लोगों का राशन कार्ड से नाम काट देना अमानवीय है. उन्होंने जनता से अपील करते हुए कहा कि यह समय सतर्क रहने, आवाज उठाने और हर उस व्यक्ति के साथ खड़े होने का है, जिसका अधिकार छीना जा रहा है. यह लड़ाई केवल SIR के खिलाफ नहीं बल्कि सम्मान, अधिकार और अस्तित्व की रक्षा की लड़ाई है.