पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 नजदीक आने के साथ ही राज्य में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है. चुनाव आयोग 23 अप्रैल को होने वाले पहले चरण के मतदान को लेकर निगरानी कड़ी कर दी है. पहले चरण में 16 जिलों में फैले 152 सीटों के लिए मतदान होना है.
इनमें से स
News Pratyaksh | Updated : Tue 21st Apr 2026, 11:36 am
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 नजदीक आने के साथ ही राज्य में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है. चुनाव आयोग 23 अप्रैल को होने वाले पहले चरण के मतदान को लेकर निगरानी कड़ी कर दी है. पहले चरण में 16 जिलों में फैले 152 सीटों के लिए मतदान होना है.
इनमें से सात जिलों की सभी सीटों पर सुरक्षा को लेकर चुनाव आयोग (ECI) की कड़ी नजर रख रही है. ये सात जिले हैं, मालदा और मुर्शिदाबाद (जो अल्पसंख्यक-बहुल जिले हैं), उत्तरी दिनाजपुर, कूच बिहार, बीरभूम, पश्चिमी मिदनापुर और पश्चिमी बर्दवान. इन सात जिलों में से कूच बिहार, मालदा और उत्तरी दिनाजपुर उत्तरी बंगाल में हैं जबकि बाकी चार जिले दक्षिणी बंगाल में हैं.पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) के दफ़्तर के अंदरूनी सूत्रों ने बताया कि इन सात जिलों की पहचान बूथ की संवेदनशीलता पर किए गए शोध और पिछले 15 सालों (2011 से अब तक) में चुनाव से जुड़ी हिंसा और उसमें हुई मौतों के रिकॉर्ड के आधार पर की गई है.मुख्य निर्वाचन अधिकारी दफ़्तर के एक अंदरूनी सूत्र ने आगे बताया कि ठीक इसी वजह से मतदान के दिन इन जिलों में केंद्रीय बलों और त्वरित प्रतिक्रिया टीमों (QRTs) की तैनाती सबसे ज्यादा होगी. साथ ही, ज्यादातर पोलिंग बूथ को अतिसंवेदनशील बूथ घोषित कर दिया गया है.