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झारखंड में आगामी राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। राज्य की राजनीति और उद्योग जगत से जुड़े चर्चित नाम परिमल नथवाणी एक बार फिर चुनावी समीकरणों के केंद्र में आ गए हैं।राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि परिमल नथवाणी इस बार झारखंड से निर्दलीय

News Pratyaksh | Updated : Fri 22nd May 2026, 12:16 pm

झारखंड में आगामी राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। राज्य की राजनीति और उद्योग जगत से जुड़े चर्चित नाम परिमल नथवाणी एक बार फिर चुनावी समीकरणों के केंद्र में आ गए हैं।राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि परिमल नथवाणी इस बार झारखंड से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में राज्यसभा चुनाव मैदान में उतर सकते हैं। जानकारी के अनुसार भारतीय जनता पार्टी उन्हें समर्थन देने की तैयारी में है। साथ ही सत्तारूढ़ गठबंधन के कुछ विधायकों का समर्थन मिलने की संभावना भी जताई जा रही है।राज्यसभा चुनाव को लेकर अभी आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन विभिन्न दलों के भीतर रणनीतिक बैठकों और समीकरणों का दौर शुरू हो चुका है। इसी बीच नथवाणी के नाम ने राजनीतिक हलकों में नई चर्चा छेड़ दी है। माना जा रहा है कि भाजपा इस चुनाव में सीधे पार्टी प्रत्याशी उतारने के बजाय एक रणनीतिक समर्थन की राह चुन सकती है।इससे चुनाव को दिलचस्प मोड़ मिलने की संभावना बढ़ गई है। दरअसल भाजपा और उसके सहयोगी दल अपने बूते प्रत्याशी नहीं जीता सकते। भाजपा, जदयू, लोजपा और आजसू को मिलाकर विधानसभा में विधायकों का आंकड़ा महज 24 होता है।जबकि जीत के लिए 28 विधायकों के प्रथम वरीयता का मत आवश्यक है। ऐसे में नथवाणी की उपस्थिति से सत्तारूढ़ खेमे में सेंधमारी कर सीट निकालने की भरसक कोशिश होगी।परिमल नथवाणी पहले भी झारखंड से राज्यसभा सदस्य रह चुके हैं। उद्योग जगत में उनकी मजबूत पहचान है और राज्य के कई राजनीतिक दलों के नेताओं से उनके अच्छे संबंध बताए जाते हैं। यही वजह है कि उन्हें केवल भाजपा ही नहीं, बल्कि सत्ता पक्ष के कुछ विधायकों का भी समर्थन मिलने की अटकलें लगाई जा रही हैं।यदि ऐसा हुआ तो चुनाव में क्रास वोटिंग और अंदरूनी समीकरण महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। भाजपा के एक वरीय नेता के मुताबिक केंद्रीय नेतृत्व से मिले निर्देश के मुताबिक विधायक निर्णय करेंगे। अंतिम तस्वीर उम्मीदवारों की आधिकारिक घोषणा और दलों की रणनीति स्पष्ट होने के बाद ही सामने आएगी।