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जिले के कोयनारा गांव के किसान संतोष ने बंजर भूमि में खेती कर एक ऐसा उदाहरण पेश किया है, जो यह साबित करता है कि दृढ़ इच्छाशक्ति, तकनीकी ज्ञान और सरकारी योजनाओं के प्रभावी उपयोग से खेती को समृद्धि का सशक्त माध्यम बनाया जा सकता है. संतोष ड्रिप इरिगेशन प्रणाल

News Pratyaksh | Updated : Fri 08th May 2026, 12:29 pm
जिले के कोयनारा गांव के किसान संतोष ने बंजर भूमि में खेती कर एक ऐसा उदाहरण पेश किया है, जो यह साबित करता है कि दृढ़ इच्छाशक्ति, तकनीकी ज्ञान और सरकारी योजनाओं के प्रभावी उपयोग से खेती को समृद्धि का सशक्त माध्यम बनाया जा सकता है. संतोष ड्रिप इरिगेशन प्रणाली से स्ट्रॉबेरी की खेती कर सालाना लाखों रुपए कमा रहे हैं. प्रगतिशील किसान संतोष ने अपने खेत में इंटीग्रेटेड फार्मिंग सिस्टम (IFS) अपनाकर एक सफल और अनुकरणीय मॉडल स्थापित किया है.
किसान संतोष साहू ने बताया कि पूर्व में भी हमलोग खेती बाड़ी करते थे, लेकिन उससे कुछ लाभ नहीं होता था और जीवन भी अच्छे से नहीं चल पाता था. इसलिए खेती बाड़ी छोड़ चुके थे, जमीन भी बेकार पड़ी हुई थी. फिर क्या काम करें, क्या नहीं, इस ख्याल के साथ काम के अभाव में भटक रहे थे. इसी दौरान जिला उद्यान विभाग के तकनीकी पदाधिकारी दीपक कुमार सिंह के संपर्क में आने के बाद मैंने अपनी बेकार पड़ी जमीन पर खेती करने की योजना बनाई.