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PhonePe का बड़ा ऐलान! 20 हजार से ज्यादा युवाओं को मिलेगी नौकरी, गांवों में लगाए जाएंगे 50 लाख नए पेमेंट डिवाइस

News Pratyaksh | Updated : Thu 24th Sep 2026, 12:15 pm
PhonePe का बड़ा ऐलान! 20 हजार से ज्यादा युवाओं को मिलेगी नौकरी, गांवों में लगाए जाएंगे 50 लाख नए पेमेंट डिवाइस नई दिल्ली। भारत की प्रमुख फिनटेक कंपनियों में शामिल PhonePe ने देश के छोटे कस्बों और ग्रामीण इलाकों में डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देने के लिए बड़ी योजना का ऐलान किया है। कंपनी अगले एक साल में अपने नेटवर्क को मजबूत करने के लिए 20,000 से ज्यादा फ्रंटलाइन सेल्स कर्मचारियों की ऑन-रोल भर्ती करेगी। इसके साथ ही कंपनी देशभर में 50 लाख से ज्यादा नए पेमेंट डिवाइस लगाने की तैयारी कर रही है। इस विस्तार का खास फोकस ग्रामीण भारत और Tier-6 शहरों पर रहेगा। 25 लाख डिवाइस गांवों में लगाने की योजना PhonePe के मुताबिक, प्रस्तावित 50 लाख से ज्यादा पेमेंट डिवाइस में से करीब 50 फीसदी यानी लगभग 25 लाख डिवाइस ग्रामीण और गांवों के इलाकों में लगाए जाएंगे। इसका उद्देश्य छोटे दुकानदारों, रेहड़ी-पटरी वालों और स्थानीय कारोबारियों को डिजिटल भुगतान की सुविधा से जोड़ना है, ताकि छोटे बाजारों में भी डिजिटल लेनदेन का दायरा बढ़ाया जा सके। 20 हजार से ज्यादा ऑन-रोल नौकरियां कंपनी की 20,000 से ज्यादा ऑन-रोल भर्तियां रोजगार के नए अवसर पैदा करेंगी। ऑन-रोल कर्मचारी सीधे कंपनी के पेरोल पर होंगे और कंपनी की नीतियों के अनुसार उन्हें संबंधित कर्मचारी सुविधाएं मिलेंगी। क्या काम करेंगे फ्रंटलाइन सेल्स कर्मचारी? इन कर्मचारियों की जिम्मेदारी मुख्य रूप से ग्रामीण और छोटे शहरों में दुकानदारों एवं स्थानीय कारोबारियों को PhonePe के नेटवर्क से जोड़ना होगा। उनके काम में— दुकानदारों की KYC प्रक्रिया पूरी कराने में मदद करना। दुकानों पर साउंडबॉक्स और पेमेंट डिवाइस इंस्टॉल करना। डिजिटल पेमेंट सिस्टम के इस्तेमाल की जानकारी देना। तकनीकी समस्या आने पर ऑन-ग्राउंड सपोर्ट उपलब्ध कराना।

विदेश भेजे गए संदिग्ध पैसों पर आयकर विभाग की देशव्यापी कार्रवाई

News Pratyaksh | Updated : Wed 19th Aug 2026, 12:50 pm
विदेश भेजे गए संदिग्ध पैसों पर आयकर विभाग की देशव्यापी कार्रवाई नई दिल्ली: केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) के अनुसार, आयकर विभाग ने संदिग्ध विदेशी धन प्रेषण के मामलों की जांच के लिए देशभर में व्यापक सत्यापन अभियान शुरू किया है। यह कार्रवाई पिछले तीन वर्षों में विदेश भेजी गई रकम के डेटा विश्लेषण और खुफिया सूचनाओं के आधार पर की जा रही है। जांच में ऐसी कई कंपनियों और संस्थाओं की पहचान हुई है, जिनका घोषित कारोबार बेहद कम या शून्य है, लेकिन उन्होंने विदेशों में बड़ी रकम भेजी है। विभाग को इनके घोषित टर्नओवर और विदेश भेजे गए धन के बीच गंभीर असंगति मिली है। फर्जी ट्रस्ट और शेल कंपनियों का नेटवर्क CBDT के मुताबिक, फर्जी चैरिटेबल ट्रस्टों के खिलाफ तलाशी के दौरान कथित तौर पर एक नेटवर्क का पता चला। इन ट्रस्टों पर फर्जी दान के जरिए ‘अकोमोडेशन एंट्री’ तैयार करने और उस धन को विदेश भेजने का आरोप है। जांच में यह भी सामने आया कि कुछ कंपनियां आयकर रिटर्न दाखिल नहीं कर रही थीं या बेहद मामूली टर्नओवर दिखा रही थीं, जबकि उनके जरिए विदेशों में भारी रकम भेजी गई। कागजों पर दफ्तर, विदेशों में बड़ी रकम जमीनी सत्यापन के दौरान कुछ कंपनियां अपने घोषित पते पर कारोबार करती हुई नहीं मिलीं। विदेश भेजे गए धन के लिए सॉफ्टवेयर आयात, माल ढुलाई और कंसल्टेंसी जैसी वजहें बताई गईं, लेकिन ये दावे उनकी वास्तविक वित्तीय स्थिति से मेल नहीं खाते पाए गए। जांच में एक और अहम पहलू सामने आया है। विभाग के अनुसार, सीमित संख्या में पेशेवरों द्वारा बड़ी संख्या में Form 15CB प्रमाणपत्र जारी किए गए और विदेश भेजा गया पैसा कुछ चुनिंदा विदेशी समूहों के खातों तक पहुंचा। आयकर विभाग अब इन लेनदेन की कड़ियों, कंपनियों की वास्तविक गतिविधियों, संबंधित ट्रस्टों और विदेश में रकम प्राप्त करने वाले पक्षों की विस्तृत जांच कर रहा है।

₹10 और ₹20 के आएंगे प्लास्टिक नोट! सरकार ने दी 200 करोड़ नोटों के फील्ड ट्रायल को मंजूरी

News Pratyaksh | Updated : Tue 11th Aug 2026, 12:21 pm
₹10 और ₹20 के आएंगे प्लास्टिक नोट! सरकार ने दी 200 करोड़ नोटों के फील्ड ट्रायल को मंजूरी नई दिल्ली: भारत में नकली नोटों पर लगाम लगाने और करेंसी की उम्र बढ़ाने के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। केंद्र सरकार ने ₹10 और ₹20 के पॉलीमर यानी प्लास्टिक नोटों के फील्ड ट्रायल को मंजूरी दे दी है। इस पायलट प्रोजेक्ट के तहत कुल 200 करोड़ प्लास्टिक नोट छापे जाएंगे। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने राज्यसभा में एक लिखित सवाल के जवाब में इसकी जानकारी दी। प्रस्ताव भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के केंद्रीय बोर्ड की सिफारिश के आधार पर भेजा गया था, जिसे RBI Act, 1934 की धारा 25 के तहत मंजूरी दी गई है। ₹10 और ₹20 के 100-100 करोड़ नोट होंगे तैयार इस योजना के तहत: ₹10 के 100 करोड़ पॉलीमर नोट ₹20 के 100 करोड़ पॉलीमर नोट छापे जाएंगे। शुरुआत में इन नोटों को फील्ड ट्रायल के तौर पर चुनिंदा शहरों या क्षेत्रों में जारी किए जाने की संभावना है। क्या कागज के नोट बंद हो जाएंगे? नहीं। प्लास्टिक नोटों के आने से मौजूदा कागज के नोट तुरंत बंद नहीं होंगे। सरकार के मुताबिक, पायलट प्रोजेक्ट के दौरान पॉलीमर और मौजूदा कागज के नोट साथ-साथ चलेंगे। क्यों लाए जा रहे हैं प्लास्टिक नोट? पॉलीमर नोटों को लाने का मुख्य उद्देश्य नकली नोटों की समस्या पर लगाम लगाना और नोटों की टिकाऊ उम्र बढ़ाना है। प्लास्टिक आधारित करेंसी सामान्य कागजी नोटों की तुलना में ज्यादा टिकाऊ मानी जाती है और इसमें सुरक्षा फीचर्स शामिल करना भी आसान हो सकता है। FY27 में शुरू हो सकता है ट्रायल RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा के मुताबिक, केंद्रीय बैंक वित्त वर्ष 2026-27 की शुरुआत में इस पायलट प्रोजेक्ट को लागू करने का लक्ष्य रख रहा है। अगर ट्रायल सफल रहता है तो FY28 यानी 2027-28 तक पॉलीमर नोटों को देशभर में बड़े स्तर पर जारी करने पर विचार किया जा सकता है। फिलहाल नोटों की छपाई के लिए जरूरी सामग्री की खरीद प्रक्रि नई दिल्ली: भारत में नकली नोटों पर लगाम लगाने और करेंसी की उम्र बढ़ाने के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। केंद्र सरकार ने ₹10 और ₹20 के पॉलीमर यानी प्लास्टिक नोटों के फील्ड ट्रायल को मंजूरी दे दी है। इस पायलट प्रोजेक्ट के तहत कुल 200 करोड़ प्लास्टिक नोट छापे जाएंगे। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने राज्यसभा में एक लिखित सवाल के जवाब में इसकी जानकारी दी। प्रस्ताव भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के केंद्रीय बोर्ड की सिफारिश के आधार पर भेजा गया था, जिसे RBI Act, 1934 की धारा 25 के तहत मंजूरी दी गई है। ₹10 और ₹20 के 100-100 करोड़ नोट होंगे तैयार इस योजना के तहत: ₹10 के 100 करोड़ पॉलीमर नोट ₹20 के 100 करोड़ पॉलीमर नोट छापे जाएंगे। शुरुआत में इन नोटों को फील्ड ट्रायल के तौर पर चुनिंदा शहरों या क्षेत्रों में जारी किए जाने की संभावना है। क्या कागज के नोट बंद हो जाएंगे? नहीं। प्लास्टिक नोटों के आने से मौजूदा कागज के नोट तुरंत बंद नहीं होंगे। सरकार के मुताबिक, पायलट प्रोजेक्ट के दौरान पॉलीमर और मौजूदा कागज के नोट साथ-साथ चलेंगे। क्यों लाए जा रहे हैं प्लास्टिक नोट? पॉलीमर नोटों को लाने का मुख्य उद्देश्य नकली नोटों की समस्या पर लगाम लगाना और नोटों की टिकाऊ उम्र बढ़ाना है। प्लास्टिक आधारित करेंसी सामान्य कागजी नोटों की तुलना में ज्यादा टिकाऊ मानी जाती है और इसमें सुरक्षा फीचर्स शामिल करना भी आसान हो सकता है। FY27 में शुरू हो सकता है ट्रायल RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा के मुताबिक, केंद्रीय बैंक वित्त वर्ष 2026-27 की शुरुआत में इस पायलट प्रोजेक्ट को लागू करने का लक्ष्य रख रहा है। अगर ट्रायल सफल रहता है तो FY28 यानी 2027-28 तक पॉलीमर नोटों को देशभर में बड़े स्तर पर जारी करने पर विचार किया जा सकता है।

EPFO ने आसान किया PF क्लेम! सदस्य की मृत्यु के बाद परिवार ऐसे निकाले PF, पेंशन और ₹7 लाख तक का बीमा

News Pratyaksh | Updated : Mon 27th Jul 2026, 11:59 am
EPFO ने आसान किया PF क्लेम! सदस्य की मृत्यु के बाद परिवार ऐसे निकाले PF, पेंशन और ₹7 लाख तक का बीमा नई दिल्ली: कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने सदस्य की मृत्यु के बाद परिवार को मिलने वाले वित्तीय लाभों की प्रक्रिया को पहले से अधिक आसान और तेज बना दिया है। अब पात्र लाभार्थी एक ही Composite Claim Form के जरिए PF राशि, मासिक पेंशन और EDLI बीमा का दावा कर सकते हैं। परिवार को मिलते हैं ये 3 बड़े लाभ: PF Fund (Form 20): सदस्य के खाते में जमा पूरी PF राशि। Employee Pension (Form 10D): 10 वर्ष या उससे अधिक सेवा होने पर पति/पत्नी और बच्चों को मासिक पेंशन। EDLI Insurance (Form 5IF): नौकरी के दौरान मृत्यु होने पर ₹2.5 लाख से ₹7 लाख तक का बीमा लाभ। ऑनलाइन क्लेम कैसे करें? यदि सदस्य ने e-Nomination दर्ज किया है, तो लाभार्थी EPFO के आधिकारिक पोर्टल पर जाकर "Death Claim Filing by Beneficiary" के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकता है। आवेदन के लिए UAN, आधार, OTP सत्यापन, मृत्यु प्रमाण पत्र, पैन कार्ड और बैंक विवरण जैसे दस्तावेज अपलोड करने होंगे। अगर नॉमिनी नहीं है तो? ऐसी स्थिति में पति/पत्नी, बच्चे या कानूनी उत्तराधिकारी ऑफलाइन क्लेम कर सकते हैं। इसके लिए Composite Claim Form, नियोक्ता के हस्ताक्षर, Succession Certificate/Legal Heir Certificate सहित आवश्यक दस्तावेज क्षेत्रीय PF कार्यालय में जमा करने होंगे। दस्तावेज सत्यापन के बाद आमतौर पर 20 से 30 दिनों के भीतर राशि लाभार्थी के बैंक खाते में भेज दी जाती है। अगर आपके परिवार में किसी का EPF खाता है, तो e-Nomination जरूर अपडेट रखें। यह कठिन समय में क्लेम प्रक्रिया को काफी आसान बना देता है।

शेयर बाजार लगातार तीसरे दिन लुढ़का: सेंसेक्स 400 अंक से ज्यादा टूटा, निफ्टी 24,100 के नीचे फिसला

News Pratyaksh | Updated : Wed 22nd Jul 2026, 09:36 am
शेयर बाजार लगातार तीसरे दिन लुढ़का: सेंसेक्स 400 अंक से ज्यादा टूटा, निफ्टी 24,100 के नीचे फिसला मुंबई: वैश्विक बाजारों से मिले-जुले संकेत, बैंकिंग शेयरों में भारी बिकवाली और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के दबाव के बीच भारतीय शेयर बाजार बुधवार को लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में गिरावट के साथ खुला। शुरुआती कारोबार में ही बीएसई सेंसेक्स 400 अंकों से अधिक टूट गया, जबकि एनएसई निफ्टी 24,100 के नीचे फिसल गया। बुधवार सुबह कारोबार की शुरुआत में बीएसई सेंसेक्स 403.54 अंक की गिरावट के साथ 77,066.06 पर कारोबार करता दिखा। वहीं एनएसई निफ्टी 114.75 अंक टूटकर 24,070.05 के स्तर पर पहुंच गया। इससे पहले मंगलवार को भी सेंसेक्स 238 अंक और निफ्टी 50 अंक गिरकर बंद हुआ था। आज शुरुआती कारोबार में इंटरग्लोब एविएशन (इंडिगो), एक्सिस बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI), सन फार्मा, अडानी पोर्ट्स, अल्ट्राटेक सीमेंट, एचडीएफसी बैंक और आईसीआईसीआई बैंक के शेयरों में सबसे अधिक बिकवाली देखने को मिली। इन शेयरों ने दिखाई मजबूती बाजार की कमजोरी के बावजूद टाइटन, इटरनल, मारुति सुजुकी और एशियन पेंट्स के शेयर बढ़त के साथ कारोबार करते नजर आए। गिरावट की प्रमुख वजहें विशेषज्ञों के अनुसार बाजार पर दबाव की दो मुख्य वजहें रहीं— कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें: अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड 1.15% बढ़कर 92.06 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गया। भारत अपनी तेल जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए तेल की कीमतों में तेजी का असर घरेलू बाजार पर भी पड़ता है। बैंकिंग सेक्टर में बिकवाली: बैंकिंग शेयरों में भारी मुनाफावसूली और बिकवाली ने पूरे बाजार की धारणा को कमजोर कर दिया। वैश्विक बाजारों का मिला-जुला रुख एशियाई बाजारों में मिश्रित कारोबार देखने को मिला। दक्षिण कोरिया का KOSPI मजबूत बढ़त के साथ कारोबार कर रहा था। जापान और चीन के बाजारों में भी तेजी रही, जबकि हॉन्गकॉन्ग के शेयर बाजार में गिरावट दर्ज की गई। हालांकि, एक सकारात्मक संकेत यह रहा कि विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार में 1,650.16 करोड़ रुपये की शुद्ध खरीदारी की। इसके बावजूद कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और बैंकिंग शेयरों पर दबाव के कारण बाजार गिरावट से उबर नहीं सका।#StockMarket #Sensex #Nifty #ShareMarket #BSE #NSE #IndianStockMarket #MarketUpdate #BankingStocks #CrudeOil #FIIs #BusinessNews #Finance #BreakingNews #LatestNews #PratyakshNews #newspratyaksh

सरकार द्वारा EPFO ब्याज दरों की घोषणा के बाद, अंशधारक अब अपने खातों में राशि ट्रांसफर होने का इंतजार कर रहे

News Pratyaksh | Updated : Thu 25th Jun 2026, 12:30 pm
सरकार द्वारा EPFO ब्याज दरों की घोषणा के बाद, अंशधारक अब अपने खातों में राशि ट्रांसफर होने का इंतजार कर रहे : नौकरी करने वाले हर व्यक्ति के लिए प्रोविडेंट फंड (EPF) भविष्य की सुरक्षा का सबसे बड़ा सहारा है. कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने साल 2025-26 के लिए ब्याज दर 8.25% तय की है. अपने बुढ़ापे की इस पूंजी को सुरक्षित रखने के लिए समय-समय पर अपना बैलेंस चेक करना बहुत जरूरी है. अब आप घर बैठे बहुत ही आसान तरीकों से जान सकते हैं कि आपके खाते में ब्याज का पैसा आया या नहीं और कंपनी समय पर पैसे जमा कर रही है या नहीं. ईपीएफओ पासबुक पोर्टल से ऑनलाइन चेक करें अपने खाते का पूरा ब्योरा देखने के लिए ईपीएफओ का पासबुक पोर्टल सबसे आसान तरीका है. नीचे दिए गए स्टेप्स को फॉलो करें: सबसे पहले EPFO Passbook Portal वेबसाइट पर जाएं. अपना 12 अंकों का UAN नंबर, पासवर्ड और स्क्रीन पर दिख रहा कैप्चा कोड डालकर लॉग इन करें. आपके आधार से जुड़े मोबाइल नंबर पर एक OTP आएगा, उसे डालकर वेरिफिकेशन पूरा करें. लॉग इन होने के बाद अपनी Member ID को चुनें. इसके बाद आपकी पूरी पासबुक स्क्रीन पर आ जाएगी, जिसे आप डाउनलोड भी कर सकते हैं.
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