वैश्विक स्तर पर बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और अनिश्चितता का असर आज भारतीय शेयर बाजार पर साफ देखने को मिला. सोमवार सुबह जब बाजार खुला, तो घरेलू सूचकांक लाल निशान में कारोबार करते नजर आए. पश्चिम एशिया में जारी तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल ने निवेशकों की
News Pratyaksh | Updated : Mon 06th Apr 2026, 11:58 am
वैश्विक स्तर पर बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और अनिश्चितता का असर आज भारतीय शेयर बाजार पर साफ देखने को मिला. सोमवार सुबह जब बाजार खुला, तो घरेलू सूचकांक लाल निशान में कारोबार करते नजर आए. पश्चिम एशिया में जारी तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल ने निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया है.सप्ताह के पहले कारोबारी दिन बीएसई (BSE) का बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स 112.95 अंक (0.15%) गिरकर 73,206.60 के स्तर पर खुला. वहीं, एनएसई (NSE) का निफ्टी-50 भी 16.35 अंक (0.07%) की गिरावट के साथ 22,696.75 पर कारोबार करता दिखा. शुरुआती कारोबार में निफ्टी 22,700 के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे फिसल गया, जो बाजार में कमजोरी के संकेत दे रहा है.कोटक सिक्योरिटीज के श्रीकांत चौहान का मानना है कि निफ्टी के लिए 22,400 से 22,500 का स्तर बेहद महत्वपूर्ण है. यदि बाजार इस सपोर्ट लेवल को तोड़ता है, तो भारी गिरावट आ सकती है. वहीं, बैंक निफ्टी के लिए 50,500 का स्तर निर्णायक होगा.विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की भारी शॉर्ट पोजीशन (लगभग 83%) बाजार के लिए चिंता का विषय बनी हुई है. निवेशकों को सलाह दी जा रही है कि वे भू-राजनीतिक घटनाक्रमों पर नजर रखें, क्योंकि ईरान-अमेरिका संकट में किसी भी सकारात्मक खबर से बाजार में तेज रिकवरी (Short Covering) भी देखने को मिल सकती है.