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कोटक महिंद्रा के निलेश शाह ने रखीं 3 बड़ी उम्मीदें; इंफ्रा निवेश और गोल्ड मोनेटाइजेशन पर जोर

News Pratyaksh | Updated : Thu 29th Jan 2026, 11:13 am
कोटक महिंद्रा के निलेश शाह ने रखीं 3 बड़ी उम्मीदें; इंफ्रा निवेश और गोल्ड मोनेटाइजेशन पर जोर नई दिल्ली: कोटक महिंद्रा एसेट मैनेजमेंट कंपनी (AMC) के एमडी निलेश शाह ने आगामी केंद्रीय बजट 2026 को लेकर सरकार के सामने तीन मुख्य प्राथमिकताएं रखी हैं, जिन्हें बाजार भी सकारात्मक रूप से देखेगा.शाह के अनुसार, सरकार को सबसे पहले इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च बढ़ाना चाहिए. इस निवेश को फंड करने के लिए, उन्होंने सुझाव दिया कि सरकार केवल टैक्स पर निर्भर न रहे, बल्कि एसेट मोनेटाइजेशन और रणनीतिक विनिवेश जैसे नए स्रोतों से राजस्व जुटाए. उनकी तीसरी और सबसे अनूठी उम्मीद गोल्ड मोनेटाइजेशन स्कीम है. शाह ने कहा कि लोगों की तिजोरियों में पड़े बेकार सोने-चांदी को बाजार में लाने के लिए 'आउट-ऑफ-द-बॉक्स' सोच अपनानी चाहिए. अगर सरकार इन तीनों बिंदुओं—इंफ्रा निवेश, राजस्व के नए स्रोत और राजकोषीय अनुशासन—पर मजबूती से आगे बढ़ती है, तो बाजार इस बजट का जोरदार स्वागत करेगा.

भारतीय सर्राफा बाजार के इतिहास में 29 जनवरी का दिन सुनहरे अक्षरों में दर्ज हो गया है

News Pratyaksh | Updated : Thu 29th Jan 2026, 11:07 am
भारतीय सर्राफा बाजार के इतिहास में 29 जनवरी का दिन सुनहरे अक्षरों में दर्ज हो गया है. वैश्विक अस्थिरता और निवेशकों की भारी लिवाली के चलते आज सोने और चांदी की कीमतों ने सभी पुराने रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं. वायदा बाजार में चांदी की कीमत पहली बार 4 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर को पार कर गई है, जबकि सोने ने भी 1.8 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम का नया ऑल-टाइम हाई छुआ है.मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर चांदी के मार्च कॉन्ट्रैक्ट में जबरदस्त तेजी देखी गई. भाव 22,090 रुपये या लगभग 5.73 प्रतिशत की छलांग लगाकर 4,07,456 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गया. विशेषज्ञों का मानना है कि चांदी की औद्योगिक मांग में आई अचानक तेजी ने इसे सोने के मुकाबले अधिक आकर्षक बना दिया है.इस वर्ष अब तक चांदी की कीमतों में 60% से अधिक की अविश्वसनीय वृद्धि दर्ज की गई है, जबकि सोना लगभग 27% महंगा हुआ है. याद रहे कि 2025 में भी सोने ने 64% का शानदार रिटर्न दिया था. मौजूदा स्थिति को देखते हुए जानकारों का कहना है कि सुरक्षित निवेश की मांग अभी और बढ़ सकती है.

भारत और चीन के बीच व्यापार विवाद बढ़ा, बीजिंग ने WTO में नई दिल्ली की EV नीतियों को दी चुनौती :

News Pratyaksh | Updated : Tue 20th Jan 2026, 12:30 pm
भारत और चीन के बीच व्यापार विवाद बढ़ा, बीजिंग ने WTO में नई दिल्ली की EV नीतियों को दी चुनौती : ऑटोमोबाइल, बैटरी और EVs की इंसेंटिव स्कीम को लेकर भारत और चीन के बीच विवाद बना हुआ है. अब चीन ने भारत के खिलाफ विवाद सुलझाने के लिए एक पैनल बनाने के लिए वर्ल्ड ट्रेड ऑर्गनाइज़ेशन (WTO) से संपर्क किया है, जिससे ऑटोमोबाइल, बैटरी और इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs) के लिए नई दिल्ली की इंसेंटिव स्कीम को लेकर व्यापार विवाद बढ़ गया है. यह अनुरोध इस मुद्दे को सुलझाने के लिए द्विपक्षीय बातचीत के फेल होने के बाद किया गया है.आपकी जानकारी के लिए बता दें बीजिंग ने पिछले साल अक्टूबर माह में पहली बार चिंता जताई थी, और आरोप लगाया था कि भारत की प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) योजनाओं की शर्तें चीन सहित इम्पोर्टेड सामानों के साथ भेदभाव करती हैं.खास बात यह है कि यह चुनौती ऐसे समय में सामने आई है, जब चीनी ऑटोमोबाइल कंपनियां ज़्यादा प्रोडक्शन कैपेसिटी और देश में कड़ी कीमत की होड़ के बीच विदेशी बाज़ारों की तलाश कर रही हैं. भारत के तेज़ी से बढ़ते ऑटो और EV बाज़ार को चीनी मैन्युफैक्चरर्स एक बड़े मौके के तौर पर देख रहे हैं.चाइना पैसेंजर कार एसोसिएशन (CPCA) से मिली जानकारी के अनुसार, चीनी कंपनियों ने साल के पहले आठ महीनों में लगभग 2.01 मिलियन प्योर इलेक्ट्रिक और प्लग-इन हाइब्रिड गाड़ियों का एक्सपोर्ट किया, जो पिछले साल के मुकाबले 51 प्रतिशत ज़्यादा है. हालांकि, चीनी EV एक्सपोर्ट को कई इलाकों में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है, जिसमें यूरोपियन यूनियन भी शामिल है, जिसने चीन में बनी EVs पर 27 प्रतिशत तक का टैरिफ लगाया है.दोनों देशों के बीच बीते साल 25 नवंबर, 2025 और इस साल 6 जनवरी, 2026 को बातचीत हुई, लेकिन इससे कोई आपसी सहमति वाला समाधान नहीं निकल पाया. इसके बाद 16 जनवरी को एक कम्युनिकेशन में, चीन ने औपचारिक रूप से WTO की विवाद निपटान संस्था (DSB) से एक पैनल बनाने का अनुरोध किया और कहा कि इस मामले को जिनेवा में 27 जनवरी को होने वाली अगली मीटिंग के एजेंडे में शामिल किया जाए.

सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार को भारतीय शेयर बाजार ने कमजोर शुरुआत की

News Pratyaksh | Updated : Mon 19th Jan 2026, 12:37 pm
सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार को भारतीय शेयर बाजार ने कमजोर शुरुआत की. वैश्विक बाजारों से मिले नकारात्मक संकेतों और भू-राजनीतिक व्यापार तनाव बढ़ने के कारण निवेशकों में सतर्कता देखने को मिली. अमेरिका प्रशासन की ओर से यूरोपीय देशों पर अतिरिक्त टैरिफ लगाने की टिप्पणी से अंतरराष्ट्रीय बाजारों में दबाव बना हुआ है, जिसका असर घरेलू बाजार पर भी पड़ा.सुबह 9:30 बजे तक बीएसई सेंसेक्स 449 अंक यानी 0.54 फीसदी की गिरावट के साथ 83,120 के स्तर पर कारोबार कर रहा था. वहीं एनएसई निफ्टी 148 अंक या 0.58 फीसदी फिसलकर 25,546 पर पहुंच गया. बाजार की चौड़ाई भी कमजोर रही और ज्यादातर शेयरों में बिकवाली का दबाव देखा गया.मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक निफ्टी के लिए 25,600 और 25,450 के स्तर अहम सपोर्ट जोन हैं. वहीं ऊपर की ओर 25,875 के बाद 26,000 और 26,100 पर मजबूत रेजिस्टेंस देखने को मिल सकता है. आने वाले दिनों में बाजार में तेज उतार-चढ़ाव की संभावना जताई जा रही है.

विश्व आर्थिक मंच (World Economic Forum) 2026 में झारखंड आज वैश्विक मंच पर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराने जा रहा है.

News Pratyaksh | Updated : Mon 19th Jan 2026, 11:33 am
विश्व आर्थिक मंच (World Economic Forum) 2026 में झारखंड आज वैश्विक मंच पर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराने जा रहा है. मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राज्य का प्रतिनिधिमंडल दावोस में है. जहां आज झारखंड पवेलियन का औपचारिक उद्घाटन किया जाएगा. इसके साथ ही विभिन्न देशों के प्रतिनिधिमंडलों, उद्योग जगत के दिग्गजों और वैश्विक संस्थानों के साथ उच्चस्तरीय बैठकों की श्रृंखला भी प्रस्तावित है.झारखंड इस बार केवल निवेश आकर्षित करने के उद्देश्य से नहीं, बल्कि राज्य स्तर की वास्तविकताओं को वैश्विक विमर्श का हिस्सा बनाने के संकल्प के साथ WEF2026 में भाग ले रहा है. दावोस में होने वाले वैश्विक संवाद की धुरी पांच अहम सवालों पर केंद्रित है.इन सभी सवालों के संदर्भ में झारखंड अपनी विशिष्ट पहचान और संभावनाओं के साथ वैश्विक चर्चा में योगदान देगा. राज्य प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध होने के साथ-साथ सतत विकास, हरित ऊर्जा, समावेशी विकास, कौशल विकास और जन-केंद्रित नीतियों को आगे बढ़ाने के अपने अनुभव साझा करेगा

अगर आप आज सोना या चांदी खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो बाजार के ताजा भाव जानना आपके लिए बेहद जरूरी है. साल 2026 की शुरुआत के साथ ही कीमती धातुओं के दाम लगातार ऊंचे स्तर पर बने हुए हैं. हालांकि 19 जनवरी को सोने और चांदी दोनों की कीमतों में हल्का उतार-चढ़ा

News Pratyaksh | Updated : Mon 19th Jan 2026, 11:31 am
अगर आप आज सोना या चांदी खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो बाजार के ताजा भाव जानना आपके लिए बेहद जरूरी है. साल 2026 की शुरुआत के साथ ही कीमती धातुओं के दाम लगातार ऊंचे स्तर पर बने हुए हैं. हालांकि 19 जनवरी को सोने और चांदी दोनों की कीमतों में हल्का उतार-चढ़ाव देखने को मिला है, जिससे खरीदारों को मामूली राहत मिली है.आज देशभर में 24 कैरेट शुद्ध सोने का भाव 14,377 रुपये प्रति ग्राम दर्ज किया गया है. बीते दिन के मुकाबले इसमें केवल 1 रुपये की मामूली गिरावट आई है. वहीं गहनों में इस्तेमाल होने वाला 22 कैरेट सोना आज 13,179 रुपये प्रति ग्राम पर कारोबार कर रहा है. अगर 18 कैरेट सोने की बात करें, तो इसका रेट लगभग 10,783 रुपये प्रति ग्राम है.बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि भले ही आज कीमतों में हल्की नरमी दिख रही हो, लेकिन जनवरी महीने में अब तक सोने ने कुल मिलाकर 6 प्रतिशत से अधिक की बढ़त दर्ज की है. निवेश के लिहाज से देखा जाए, तो लंबे समय के लिए सोना अब भी एक सुरक्षित विकल्प माना जा रहा है.
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