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बिहार में हिजाब पहनने वाली महिलाएं सोना की खरीदारी नहीं कर सकती है

News Pratyaksh | Updated : Wed 07th Jan 2026, 11:06 am
बिहार में हिजाब पहनने वाली महिलाएं सोना की खरीदारी नहीं कर सकती है. ऑल इंडिया ज्वेलर्स एंड गोल्ड फेडेरेशन के निर्देशानुसार ऐसे कस्टर को एंट्री नहीं दी जाएगी, जो हिजाब या बुर्का से चेहरा ढककर ज्लेलरी शोरूम में आते हैं. यह नियम पुरुषों पर भी लागू होगा, जो गमछा, हेलमेट आदि से चेहरा ढक के आते हैं. चेहरा देखने के बाद ही ज्लेवरी खरीद सकते हैं.ऑल इंडिया ज्वेलर्स एंड गोल्ड फेडेरेशन के अनुसार इस तरह का नियम लागू करने वाला बिहार पहला राज्य है, जिसने हिजाब पहनने वाली महिलाओं को सोना की खरीदारी करने पर रोक लगायी है. ऑल इंडिया ज्वेलर्स एंड गोल्ड फेडेरेशन के प्रदेश अध्यक्ष अशोक कुमार वर्मा ने कहा कि ज्वेलरी शॉप में हो रही लूटपाट के वारदात से बचने के लिए ऐसा कदम उठाया गया है.

एशियाई बाजारों से मिले-जुले संकेतों को देखते हुए आज बुधवार सुबह भारतीय शेयर बाजारों में हल्की गिरावट देखी गई

News Pratyaksh | Updated : Wed 07th Jan 2026, 11:05 am
#newspratyaksh #sharemarket एशियाई बाजारों से मिले-जुले संकेतों को देखते हुए आज बुधवार सुबह भारतीय शेयर बाजारों में हल्की गिरावट देखी गई. ताजा जानकारी के मुताबिक प्रमुख बेंचमार्क इंडेक्स बीएसई सेंसेक्स और एनएसई निफ्टी 50 लाल निशान पर खुले. वहीं, 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स इंडेक्स 442.94 अंकों की गिरावट के साथ 84,620.40 पर खुला. एनएसई निफ्टी 50 की बात करें तो यह भी करीब 35.60 अंक गिरकर 26,143.50 पर ओपन हुआ.सुबह 9 बजकर 20 मिनट तक शेयर बाजार 142 अंक की गिरावट के साथ 84,921 पर कारोबार कर रहा था. निफ्टी 50 43 अंक गिरकर 26,135 के स्तर पर थी.इससे पहले सप्ताह के दूसरे दिन मंगलवार को भी भारतीय शेयर बाजारों में गिरावट दर्ज की गई थी. दोनों बीएसई और निफ्टी 50 लाल निशान पर बिजनेस करते हुए बंद हुए. सेंसेक्स में करीब 376.28 या कहें कि 0.44 फीसदी की गिरावट के साथ मार्केट 85,063.34 पर बंद हुआ. वहीं, निफ्टी 50 भी 71.60 अंक की गिरावट के साथ 26,178.70 पर कारोबार करते हुए बंद हुआ. मार्केट एक्सपर्ट्स ने कहा कि पॉजिटिव इंस्टीट्यूशनल खरीदारी के बावजूद, दो स्टॉक्स में तेज गिरावट की वजह से कल मंगलवार को निफ्टी 71 पॉइंट्स गिर गया. उन्होंने आगे कहा कि इन दोनों स्टॉक्स के बड़े डेरिवेटिव और कैश मार्केट वॉल्यूम से सेटलमेंट डे एक्टिविटी का पता चला, जो फंडामेंटल के बजाय टेक्निकल थी.एशियाई देशों में मिला-जुला कारोबार हुआ और डिफेंस स्टॉक्स ने दो दिन की बढ़त का सिलसिला तोड़ दिया. वेनेजुएला पर अमेरिकी हमले और ग्रीनलैंड पर नई बयानबाजी के बाद इन्वेस्टर्स ने रिस्क पर ध्यान दिया. एशियाई मार्केट में, चीन का शंघाई इंडेक्स 0.29 परसेंट बढ़ा, और शेनझेन 0.35 परसेंट बढ़ा, जापान का निक्केई 0.64 परसेंट गिरा, जबकि हांगकांग का हैंग सेंग इंडेक्स 1.01 परसेंट गिरा. साउथ कोरिया का कोस्पी 1.18 परसेंट बढ़ा. अमेरिकी मार्केट रात भर ग्रीन जोन में रहे क्योंकि नैस्डैक 0.65 परसेंट बढ़ा. 6 जनवरी को, फॉरेन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (FIIs) ने 106 करोड़ रुपये के नेट इक्विटी बेचे, जबकि डोमेस्टिक इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (DIIs) ने 1,749 करोड़ रुपये के इक्विटी के नेट बायर थे.

लाल निशान पर खुले Sensex-Nifty, बैंकिंग, रियल्टी और मीडिया में ज्यादा गिरावट :

News Pratyaksh | Updated : Tue 30th Dec 2025, 10:47 am
लाल निशान पर खुले Sensex-Nifty, बैंकिंग, रियल्टी और मीडिया में ज्यादा गिरावट : भारतीय शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांक मंगलवार को शुरुआती कारोबार में लाल निशान में रहे. कमजोर वैश्विक संकेतों, वॉल स्ट्रीट पर टेक शेयरों में बिकवाली और विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) की लगातार निकासी के चलते बाजार पर दबाव देखने को मिला.सुबह करीब 9.30 बजे, बीएसई सेंसेक्स 115 अंकों या 0.14 प्रतिशत की गिरावट के साथ 84,579 के स्तर पर कारोबार कर रहा था. वहीं, एनएसई निफ्टी 30 अंक या 0.12 प्रतिशत फिसलकर 25,911 पर आ गया. मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी हल्की कमजोरी देखने को मिली. निफ्टी मिडकैप 100 में 0.03 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 0.08 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई.सेक्टरल इंडेक्स की बात करें तो निफ्टी पीएसयू बैंक सबसे कमजोर रहा, जिसमें 0.18 प्रतिशत की गिरावट आई. इसके बाद निफ्टी रियल्टी इंडेक्स 0.13 प्रतिशत टूट गया. अन्य सेक्टरों में भी सीमित दायरे में उतार-चढ़ाव देखने को मिला.विश्लेषकों के अनुसार, निफ्टी के लिए तत्काल सपोर्ट 25,850–25,900 के दायरे में है, जबकि 26,150–26,200 का स्तर मजबूत रेजिस्टेंस के रूप में देखा जा रहा है. बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि साल के अंत में दिख रही कमजोरी किसी बड़े ट्रेंड बदलाव का संकेत नहीं देती. हालांकि, एडवांस-डिक्लाइन रेशियो गिरावट के पक्ष में रहा, जिसके कारण कम वॉल्यूम के बावजूद निफ्टी में सोमवार को करीब 100 अंकों की गिरावट आई.          

केरल में क्रिसमस के जश्न के दौरान शराब की बिक्री में इस साल रिकॉर्ड बढ़ोतरी देखी गई है.

News Pratyaksh | Updated : Sat 27th Dec 2025, 11:30 am
#newspratyaksh #kerala #cristmascelebration केरल में क्रिसमस के जश्न के दौरान शराब की बिक्री में इस साल रिकॉर्ड बढ़ोतरी देखी गई है. केरल स्टेट बेवरेजेज कॉरपोरेशन (केएसबीसी) ने बताया कि त्योहारी मौसम के पहले चार दिनों में ही सैकड़ों करोड़ रुपये की शराब की बिक्री हुई है.केएसबीसी के अनुसार, 22 दिसंबर से 25 दिसंबर के बीच राज्य भर में संचालित बीईवीसीओ (BEVCO) शराब दुकानों और गोदामों से कुल 332.62 करोड़ रुपये की शराब बेची गई. यह आंकड़ा पिछले वर्ष की तुलना में काफी अधिक है. वर्ष 2023 में इसी अवधि के दौरान कुल बिक्री 229.54 करोड़ रुपये रही थी. इस तरह इस साल लगभग 103 करोड़ रुपये की अतिरिक्त बिक्री दर्ज की गई है.आंकड़ों से पता चलता है कि क्रिसमस की पूर्व संध्या यानी 24 दिसंबर को शराब की सबसे अधिक बिक्री हुई. इस दिन एक ही दिन में 114.45 करोड़ रुपये की शराब बेची गई. इसके अलावा 23 दिसंबर को 81.34 करोड़ रुपये, 22 दिसंबर को 77.62 करोड़ रुपये और क्रिसमस के दिन 25 दिसंबर को 59.21 करोड़ रुपये की बिक्री दर्ज की गई.केएसबीसी 22 दिसंबर से 31 दिसंबर तक की अवधि को क्रिसमस और नए साल का त्योहारी मौसम मानता है. इस दौरान राज्य में छुट्टियों, पर्यटन गतिविधियों और सामाजिक समारोहों की वजह से शराब की मांग आमतौर पर बढ़ जाती है. अधिकारियों का कहना है कि इस बार भी वही रुझान देखने को मिल रहा है.केएसबीसी के अधिकारियों के मुताबिक, नए साल के जश्न के दौरान 30 और 31 दिसंबर को शराब की बिक्री में और अधिक बढ़ोतरी होने की उम्मीद है. इसे देखते हुए निगम ने दुकानों और गोदामों में अतिरिक्त स्टॉक की व्यवस्था की है, ताकि उपभोक्ताओं को किसी तरह की परेशानी न हो.

सोमवार का दिन भारतीय करेंसी मार्केट के लिए भारी रहा. डॉलर के मुकाबले रुपया गिरकर 89.76 के ऑल-टाइम लो पर पहुंच गया

News Pratyaksh | Updated : Mon 01st Dec 2025, 11:48 am
सोमवार का दिन भारतीय करेंसी मार्केट के लिए भारी रहा. डॉलर के मुकाबले रुपया गिरकर 89.76 के ऑल-टाइम लो पर पहुंच गया, जो दो हफ्ते पहले बने 89.49 के पिछले रिकॉर्ड लो को भी पार कर गया. यह गिरावट इस समय आई है, जबकि भारत ने Q2 FY26 में 8.2% की शानदार GDP ग्रोथ दर्ज की है. यानी देश की अर्थव्यवस्था तेज रफ्तार से बढ़ रही है, लेकिन करेंसी लगातार कमजोरी दिखा रही है.इस गिरावट के पीछे कई बड़े फैक्टर्स हैं. सबसे पहले, विदेशी निवेश (FPI) आउटफ्लो. साल 2025 में अब तक विदेशी निवेशक भारतीय इक्विटी मार्केट से 16 बिलियन डॉलर से अधिक निकाल चुके हैं. इतना बड़ा फंड आउटफ्लो सीधे करेंसी पर दबाव डालता है.दूसरा बड़ा कारण U.S.-India ट्रेड एग्रीमेंट का अभाव है. दोनों देशों के बीच कोई बड़ा ट्रेड डील नहीं होने के कारण अमेरिका ने भारतीय एक्सपोर्ट पर 50% तक के टैरिफ बनाए रखे हैं. इसका असर भारत के ट्रेड बैलेंस पर पड़ रहा है.रुपया कमजोर होने से इंपोर्ट कॉस्ट बढ़ती है, खासकर कच्चा तेल, इलेक्ट्रॉनिक्स, सोना, मशीनरी और फर्टिलाइजर्स जैसी वस्तुओं में. इससे महंगाई (inflation) बढ़ने का खतरा रहता है, जो सीधे आम लोगों की जेब पर असर डालता है. साथ ही, करेंसी गिरने से मार्केट सेंटिमेंट नेगेटिव होता है और विदेशी निवेशक सतर्क हो जाते हैं, जिससे इक्विटी मार्केट पर दबाव बढ़ सकता है.अक्टूबर में भारत का मर्चेंडाइज़ ट्रेड डेफिसिट रिकॉर्ड हाई पर पहुंच गया. जब देश ज्यादा इंपोर्ट करता है और एक्सपोर्ट कम होता है, तो डॉलर की मांग बढ़ जाती है, जिससे रुपया और नीचे फिसल जाता है.

अमेरिकी प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि साउथ अफ्रीका को अगले साल फ्लोरिडा में US प्रेसीडेंसी में होने वाले G20 समिट में शामिल होने का न्योता नहीं मिलेगा,

News Pratyaksh | Updated : Thu 27th Nov 2025, 11:15 am
अमेरिकी प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि साउथ अफ्रीका को अगले साल फ्लोरिडा में US प्रेसीडेंसी में होने वाले G20 समिट में शामिल होने का न्योता नहीं मिलेगा, क्योंकि उन्होंने देश को कहीं भी मेंबरशिप के लायक नहीं बताया.US, साउथ अफ्रीका से G20 की प्रेसीडेंसी ले रहा है और 1 दिसंबर, 2025 से 30 नवंबर, 2026 तक ग्रुप को हेड करेगा. ट्रंप ने बुधवार को ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में कहा, “यूनाइटेड स्टेट्स साउथ अफ्रीका में G20 में शामिल नहीं हुआ, क्योंकि साउथ अफ्रीकी सरकार अफ्रीकी लोगों और डच, फ्रेंच और जर्मन सेटलर्स के दूसरे वंशजों द्वारा सहे गए भयानक ह्यूमन राइट्स के हनन को मानने या उस पर ध्यान देने से इनकार करती है.”न्होंने कहा कि साउथ अफ्रीका ने दुनिया को “दिखा दिया है” कि “वे कहीं भी मेंबरशिप के लायक देश नहीं हैं, और हम उन्हें सभी पेमेंट और सब्सिडी तुरंत रोक देंगे.”ट्रंप ने कहा, “G20 के खत्म होने पर, साउथ अफ्रीका ने हमारे US एम्बेसी के एक सीनियर रिप्रेजेंटेटिव को G20 प्रेसीडेंसी देने से इनकार कर दिया, जो क्लोजिंग सेरेमनी में शामिल हुए थे. इसलिए, मेरे कहने पर, साउथ अफ्रीका को G20 2026 का इनविटेशन नहीं मिलेगा, जिसे अगले साल फ्लोरिडा के ग्रेट सिटी मियामी में होस्ट किया जाएगा.”बता दें कि साउथ अफ्रीका ने 1 दिसंबर, 2024 को साल भर चलने वाली G20 प्रेसीडेंसी संभाली थी. इसने 22 से 23 नवंबर तक जोहान्सबर्ग में ग्रुप के लीडर्स की समिट मीटिंग होस्ट की. यह पहली बार था जब G20 समिट अफ्रीकी धरती पर हुआ.ट्रंप ने पहले कहा था कि वह मियामी के पास अपने गोल्फ क्लब में 2026 के समिट के लिए G20 लीडर्स को होस्ट करेंगे. ट्रंप समिट के लिए जोहान्सबर्ग नहीं गए थे और उन्होंने कहा था कि जब तक ह्यूमन राइट्स का उल्लंघन जारी रहेगा, कोई भी US गवर्नमेंट ऑफिशियल इसमें शामिल नहीं होगा.