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पटना के बाढ़ इलाके में एक फैमिली रेस्टोरेंट में पुलिस ने छापेमारी कर अनैतिक देह व्यापार करते हुए कई लोगों को पकड़ा :

News Pratyaksh | Updated : Tue 28th Jan 2025, 11:07 am
पटना के बाढ़ इलाके में एक फैमिली रेस्टोरेंट में पुलिस ने छापेमारी कर अनैतिक देह व्यापार करते हुए कई लोगों को पकड़ा : बिहार पुलिस ने फैमिली रेस्टोरेंट में छापा मारा। इस रेस्टोरेंट में कथित तौर पर अनैतिक देह व्यापार चल रहा था। छापेमारी में रेस्टोरेंट की संचालिका समेत चार लड़कियों और दो लड़कों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने रेस्टोरेंट को सील कर दिया। पुलिस ने अन्य ठिकानों पर भी छापेमारी की और चेतावनी दी है कि इस तरह के गैरकानूनी कामों में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह घटना छपरा के एक होटल में हुई सेक्स रैकेट की घटना के कुछ दिन बाद हुई है।पटना जिले के बाढ़ इलाके में स्थित एक फैमिली रेस्टोरेंट में पुलिस ने छापा मारा। इस रेस्टोरेंट का नाम रौशनी फैमिली रेस्टोरेंट बताया जा रहा है। पुलिस को सूचना मिली थी कि इस रेस्टोरेंट की आड़ में देह व्यापार का धंधा चल रहा है। बाढ़ और अथमलगोला पुलिस को मिली गुप्त सूचना के बाद पुलिस ने पहले सादे कपड़ों में रेस्टोरेंट की जांच की। जांच में सूचना सही पाई गई। इसके बाद बाढ़ पुलिस इंस्पेक्टर के नेतृत्व में भारी पुलिस बल ने रेस्टोरेंट पर छापा मारा।पुलिस ने इस तरह के गैरकानूनी कामों में लिप्त लोगों को चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि जहां भी इस तरह के अनैतिक कार्य हो रहे हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने बाढ़ के कई अन्य रेस्टोरेंट और होटलों में भी छापेमारी की, लेकिन वहां कुछ नहीं मिला। यह घटना छपरा में शनिवार को हुए एक सेक्स रैकेट के भंडाफोड़ के कुछ दिन बाद हुई है। छपरा के फौजी होटल में हुई छापेमारी में पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया था और होटल को सील कर दिया था। पुलिस ने होटल से आपत्तिजनक सामान भी बरामद किया था। इस मामले में झारखंड के एक व्यक्ति को भी गिरफ्तार किया गया है।

बिहार से यूपी जाने वाले सभी भारी वाहनों के प्रवेश पर लगी रोक :

News Pratyaksh | Updated : Tue 28th Jan 2025, 11:06 am
बिहार से यूपी जाने वाले सभी भारी वाहनों के प्रवेश पर लगी रोक :मौनी अमावस्या पर महाकुंभ व बनारस में शाही स्नान को लेकर बिहार से यूपी जाने वाले सभी भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक लगा दी गयी है. जीटी रोड के रास्ते बिहार से जो भी भारी वाहन उतर प्रदेश में प्रवेश करने वाले हैं, उनके प्रवेश पर सोमवार की सुबह से यूपी प्रशासन द्वारा बिहार-यूपी की सीमा कर्मनाशा में ही रोक दिया गया. इसके साथ ही यूपी प्रशासन बिहार के जीटी रोड से जुडे जिले कैमूर, रोहतास, औरंगाबाद, गया सहित झारखंड के भी जिलों को यह सुचित कर दिया गया है कि जो भी भारी वाहन है उन्हें उसी जगह पर जीटी रोड के किनारे या खाली जगह पर लगवा दिया जाये. ताकि छोटे व सवारी वाहन बगैर जाम के कुंभ तक आसानी से पहुंच सकेमहाकुंभ में शाही स्नान को लेकर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ मौनी अमावस्या के दिन पहुंचने वाली है और श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के कारण जाम की समस्या उत्पन्न हो सकती है. इसी को ध्यान में रखते हुए भारी वाहनों को यूपी में प्रवेश पर रोक लगाते हुए वह जहां पर भी हैं, उन्हें वहीं पर जगह देखकर लगाने के लिए कहा गया है. इसके साथ ही जीटी रोड से जुड़ी अन्य सड़क जैसे एनएच 30 जो पटना से आरा होते मोहनिया में जीटी रोड में मिलती है, उसे सड़क पर भी भारी वाहनों को जगह देखकर लगाने के लिए कहा गया है. ताकि किसी भी परिस्थिति में जीटी रोड पर जाम की स्थिति उत्पन्न ना हो. इसके अलावा पटना से आरा होते सासाराम में जीटी रोड से मिलने वाले रोड, पटना से औरंगाबाद में जीटी रोड से मिलने वाले रोड पर भारी वाहनों को जहां है, वहीं पर जगह देख रोकने का निर्देश दिया गया है.डीआईजी डॉ सत्यप्रकाश ने बताया यूपी में मौनी अमावस्या के दिन शाही स्नान को लेकर होने वाली भारी भीड़ को देखते हुए जीटी रोड से भारी वाहनों के यूपी में प्रवेश पर वहां के प्रशासन द्वारा रोक लगायी गयी है और इसकी सूचना हमें दी गयी है, ताकि भारी वाहनों को जहां जगह है वहीं पर लगवा जा सके. इसके बाद कैमूर, रोहतास, औरंगाबाद गया को अपने यहां भारी वाहनों को जगह देखकर रोक लेने का निर्देश दिया गया है. इसके साथ झारखंड को भी यह सूचना दे दी गयी है, ताकि जीटी रोड जाम न लगे.

45,000 किसानों की जमीन हिंद महासागर में दिख रही :

News Pratyaksh | Updated : Sat 25th Jan 2025, 07:20 am
45,000 किसानों की जमीन हिंद महासागर में दिख रही : बिहार के भोजपुर जिले में चल रहे डिजिटल क्रॉप सर्वे में एक बड़ी गड़बड़ी सामने आई है। इस सर्वे में हजारों किसानों की जमीन हिंद महासागर में दिख रही है। यह सुनकर किसान हैरान और परेशान हैं। बता दें कि भोजपुर बिहार में स्थित है, हिंद महासागर से लगभग 1200 किलोमीटर दूर है। फिर भी सर्वे में जिले के 14 प्रखंडों के 45,000 प्लॉट हिंद महासागर में दिखाई दे रहे हैं।बताया जा रहा है कि यह गड़बड़ी अक्षांश और देशांतर में हुई तकनीकी खराबी के कारण हुई है। जिला भूमि संरक्षण विभाग प्लॉट के डिजिटल सर्वे के डेटा को विभागीय साइट पर अपलोड कर रहा है। लेकिन जिन प्लॉटों के अक्षांश और देशांतर में गड़बड़ी है, उन्हें अपलोड नहीं किया जा सका। जिस स्थान पर, जिस मौजा और खेसरा का कागजों में उल्लेख है, वह उस जगह पर नहीं दिख रहा है। बल्कि वह सीधे हिंद महासागर में दिख रहा है।बता दें कि यह डिजिटल क्रॉप सर्वे 20 दिसंबर से चल रहा है। इसका उद्देश्य किसानों की जमीन के बारे में वैज्ञानिक डेटा इकट्ठा करना है। इसके जरिए जरूरतमंद किसानों को सरकारी योजनाओं का सही लाभ दिया जा सकेगा। कृषि विभाग को 31 जनवरी तक 10 लाख प्लॉट का डिजिटल सर्वे पूरा करने का लक्ष्य दिया गया है। एक प्लॉट के सर्वे के लिए पांच रुपये का बोनस दिया जा रहा है।बता दें कि 24 जनवरी तक 95000 प्लॉट का डिजिटल सर्वे हो चुका है। इनमें से 45,000 प्लॉट में अक्षांश और देशांतर की गड़बड़ी पाई गई है। ये वो प्लॉट हैं जिन्हें राजस्व विभाग ने सर्वे के बाद ऑनलाइन किया है। कृषि विभाग यह सर्वे कर रहा है कि किस प्लॉट में रबी या खरीफ की फसल हो रही है। यह जानकारी अक्षांश और देशांतर के अनुसार इकट्ठी की जा रही है।

बिहार के इस जिले में बिक रहा नकली कॉस्मेटिक प्रोडक्ट :

News Pratyaksh | Updated : Tue 21st Jan 2025, 10:47 am
बिहार के इस जिले में बिक रहा नकली कॉस्मेटिक प्रोडक्ट : गया के बाजारों में नकली कॉस्मेटिक उत्पादों की बिक्री खुलेआम हो रही है. बड़ी दुकानों से लेकर गुमटियों तक, हर जगह विभिन्न शृंगार और सौंदर्य उत्पाद उपलब्ध हैं, लेकिन इनकी असली-नकली की जांच पर कोई सख्ती नहीं है. औषधि नियंत्रण विभाग की जिम्मेदारी होने के बावजूद नकली उत्पादों की बिक्री पर रोक नहीं लग रही.बाजार में नकली कॉस्मेटिक उत्पादों में विभिन्न प्रकार के क्रीम, पाउडर, रंगीन कॉस्मेटिक्स, मॉइस्चराइजर, क्लिंजर, शैंपू, कंडीशनर, हेयर कलर, साबुन और बबल बाथ शामिल हैं. लोग बताते हैं कि नामी कंपनियों के नाम पर नकली उत्पाद बेचे जाते हैं, जिनके नामों में मामूली बदलाव कर ग्राहकों को धोखा दिया जाता है.एएनएमएमसीएच के चर्म रोग विशेषज्ञों ने चेताया है कि नकली कॉस्मेटिक उत्पाद एलर्जी, त्वचा संक्रमण और अन्य गंभीर समस्याओं का कारण बन सकते हैं. इनमें हानिकारक रसायन होते हैं, जो किडनी, लीवर, एंडोक्राइन सिस्टम और प्रजनन अंगों को नुकसान पहुंचा सकते हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि उपभोक्ताओं को प्राकृतिक और जैविक सामग्री वाले उत्पादों को प्राथमिकता देनी चाहिए.उपभोक्ताओं को उत्पाद खरीदते समय निर्माता कंपनी का लाइसेंस नंबर अवश्य देखना चाहिए. यह नकली उत्पादों से बचने का एकमात्र तरीका है. नकली उत्पादों के इस्तेमाल से बचना न केवल स्वास्थ्य के लिए जरूरी है, बल्कि बाजार में असली उत्पादों को बढ़ावा देने में भी मदद करता है.

झारखंड विधानसभा का बजट सत्र 24 फरवरी से शुरू हो रहा है

News Pratyaksh | Updated : Tue 14th Jan 2025, 11:57 am
झारखंड विधानसभा का बजट सत्र 24 फरवरी से शुरू हो रहा है, जिसे राज्यपाल संतोष गंगवार ने मंजूरी दे दी है। 24 फरवरी से शुरू होकर 27 मार्च तक बजट सत्र चलेगा। बजट सत्र के पहले दिन नए सदस्यों के शपथ ग्रहण के अलावा राज्यपाल का अभिभाषण और शोक प्रकाश का कार्यक्रम है। बजट सत्र के पहले दिन 24 फरवरी को साढ़े ग्यारह बजे राज्यपाल का अभिभाषण होगा। देश की दिवंगत विभूतियों को इस दिन याद कर श्रद्धांजलि देने के साथ सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी जाएगी। बजट सत्र में कुल 20 कार्य दिवस निर्धारित हैं।3 मार्च को पेश होगा बजटराज्यपाल के अभिभाषण पर दूसरे दिन 25 फरवरी और तीसरे दिन 27 फरवरी को वाद-विवाद के साथ सरकार का उत्तर होगा। 26 फरवरी को अवकाश रहेगा। 28 फरवरी को सरकार चालू वित्त वर्ष का तीसरा अनुपूरक बजट पेश करेगी। तीन मार्च को प्रश्नकाल के बाद वित्त वर्ष 2025-26 का बजट हेमंत सरकार पेश करेगी। सत्र के अंतिम दिन 27 मार्च को प्रश्नकाल, राजकीय विधेयक और गैर सरकारी संकल्प लाए जाएंगे। ये रहा बजट सत्र का पूरा शेड्यूल24 फरवरी : नए सदस्यों की शपथ, राज्यपाल का अभिभाषण, शोक प्रकाश 25 फरवरी: प्रश्नकाल, राज्यपाल के अभिभाषण पर वाद-विवाद 26 फरवरी : अवकाश 27 फरवरी : प्रश्नकाल, वित्तीय वर्ष 2024-25 का तीसरा अनुपूरक बजट, राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा, सरकार का उत्तर 28 फरवरी : प्रश्नकाल, अनुपूरक पर चर्चा 01 से 02 मार्च : अवकाश 03 मार्च : वित्तीय वर्ष 2025-26 का बजट 04 से 07 मार्च: प्रश्नकाल, बजट पर वाद-विवाद 08 से 09 मार्च: अवकाश 10 से 11 मार्च: प्रश्नकाल, बजट पर वाद-विवाद 12 से 16 मार्च तक : अवकाश 17 से 21 मार्च: प्रश्नकाल, बजट पर वाद-विवाद 22-23 मार्च: अवकाश 24 मार्चः प्रश्नकाल, बजट पर वाद-विवाद, विनियोग विधेयक 25 मार्च: प्रश्नकाल, राजकीय विधेयक 26 मार्च: प्रश्नकाल, राजकीय विधेयक व अन्य राजकीय कार्य 27 मार्च: प्रश्नकाल, राजकीय विधेयक, गैर सरकारी संकल्प

भारत में बाढ़ के मामले में पटना सबसे संवेदनशील : नया अध्ययन

News Pratyaksh | Updated : Wed 08th May 2024, 11:58 am
भारत में बाढ़ के मामले में पटना सबसे संवेदनशील : नया अध्ययनभारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी)-दिल्ली और आईआईटी-रुड़की के शोधकर्ताओं द्वारा विकसित जिला-स्तरीय बाढ़ गंभीरता सूचकांक (डीएफएसआई) के अनुसार, भारत में सबसे भीषण बाढ़ पटना में आती है, इसके बाद पश्चिम बंगाल का मुर्शिदाबाद और महाराष्ट्र का ठाणे है। सूचकांक में प्रभावित लोगों की संख्या, बाढ़ की व्यापकता और इसकी अवधि के आधार पर बाढ़ की ऐतिहासिक गंभीरता को ध्यान में रखा गया है। शोधकर्ताओं ने कहा जिन शीर्ष दस जिलों में बाढ़ की गंभीरता सबसे अधिक है उनमें पटना, मुर्शिदाबाद, ठाणे, उत्तर 24 परगना (पश्चिम बंगाल), गुंटूर (आंध्र प्रदेश), नागपुर (महाराष्ट्र), गोरखपुर (उत्तर प्रदेश), बलिया (उत्तर प्रदेश), पूर्वी चंपारण (बिहार), और पूर्वी मेदिनीपुर (पश्चिम बंगाल) शामिल हैं।
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