स्टैनफोर्ड इंस्टीट्यूट फॉर ह्यूमन-सेंटर्ड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ने एक रिपोर्ट जारी की : इस रिपोर्ट में बताया गया है कि भारत 3.0 के स्कोर के साथ सबसे आगे है. इसका मतलब है कि सदस्यों की प्रोफ़ाइल में AI स्किल्स वैश्विक औसत से लगभग तीन गुना ज़्यादा दिखाई द
News Pratyaksh | Updated : Fri 17th Apr 2026, 12:47 pm
स्टैनफोर्ड इंस्टीट्यूट फॉर ह्यूमन-सेंटर्ड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ने एक रिपोर्ट जारी की : इस रिपोर्ट में बताया गया है कि भारत 3.0 के स्कोर के साथ सबसे आगे है. इसका मतलब है कि सदस्यों की प्रोफ़ाइल में AI स्किल्स वैश्विक औसत से लगभग तीन गुना ज़्यादा दिखाई देती हैं. इसके बाद अमेरिका 2.0 और जर्मनी 1.8 के स्कोर के साथ दूसरे और तीसरे स्थान पर हैं. भारत में, पुरुष महिलाओं की तुलना में 1.5 गुना ज़्यादा दर से अपनी प्रोफ़ाइल में AI स्किल्स का ज़िक्र करते हैं.
इससे पता चलता है कि भारतीय यूज़र्स ने अपनी LinkedIn प्रोफ़ाइल में AI स्किल्स को वैश्विक औसत से लगभग तीन गुना ज़्यादा दर से लिस्ट किया है. रिपोर्ट के अनुसार, सर्वे किए गए सभी देशों में भारत में AI को लेकर घबराहट में सबसे ज़्यादा बढ़ोतरी देखी गई. साल 2024 और 2025 के बीच, भारत में AI के इस्तेमाल को लेकर चिंता में सबसे ज़्यादा बढ़ोतरी (+14 प्रतिशत अंक) दर्ज की गई, जबकि इसे लेकर उत्साह में केवल मामूली बढ़ोतरी (+2) हुई.
साल 2025 में भारत में AI रिसर्च टैलेंट का सबसे ज़्यादा नेट आउटफ़्लो (-16.9अंक) देखा गया. कनाडा, जहां 2020 के आस-पास मज़बूत इनफ़्लो दिखा था, वहीं साल 2025 तक यह घटकर -7.1 अंक पर आ गया. जर्मनी में भी -2.4 का नेगेटिव नेट फ़्लो देखा गया.साल 2025 में, दुनिया भर में 58 प्रतिशत कर्मचारियों ने बताया कि वे काम पर AI का इस्तेमाल कभी-कभी या नियमित रूप से करते हैं, लेकिन भारत, चीन, नाइजीरिया, संयुक्त अरब अमीरात और सऊदी अरब में, यह हिस्सा 80 प्रतिशत से ज़्यादा था.