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अगर आप टेक वर्ल्ड की ख़बरों पर नज़र रखते हैं तो अभी तक आपको पता चल गया होगा कि आईफोन बनाने वाली दुनिया की दिग्गज टेक कंपनियों में से एक एप्पल की सीईओ बदलने वाले हैं. पिछले कई सालों से एप्पल के सीईओ टिम कुक थे, लेकिन 1 सितंबर 2026 से एप्पल के सीईओ John Ter

News Pratyaksh | Updated : Wed 22nd Apr 2026, 11:06 am
अगर आप टेक वर्ल्ड की ख़बरों पर नज़र रखते हैं तो अभी तक आपको पता चल गया होगा कि आईफोन बनाने वाली दुनिया की दिग्गज टेक कंपनियों में से एक एप्पल की सीईओ बदलने वाले हैं. पिछले कई सालों से एप्पल के सीईओ टिम कुक थे, लेकिन 1 सितंबर 2026 से एप्पल के सीईओ John Ternus होंगे. एप्पल ने आधिकारिक तौर पर इसका ऐलान कर दिया है. अब एप्पल के नए सीईओ अपनी नई जिम्मेदारियां लेकर आएंगे. दिलचस्प बात यह है कि उनका कार्यकाल शुरू होते ही एप्पल का सबसे बड़ा सालाना लॉन्च इवेंट होने वाला है, जहां कई नए प्रोडक्ट्स पेश किए जा सकते हैं. आइए हम आपको बताते हैं कि एप्पल के नए सीईओ के शुरुआती दौर में एप्पल कौन-कौन से प्रोडक्ट्स लॉन्च कर सकता है. इसमें सबसे ज्यादा चर्चा आईफोन की नई सीरीज को लेकर है, जो उनके द्वारा अपना पद संभालने के तुरंत बाद लॉन्च होगी. इस बार एप्पल कुछ बड़े बदलावों के साथ नए मॉडल्स को पेश कर सकता है, जिसमें सबसे ज्यादा चर्चा फोल्डेबल फोन्स की हो रही है. हालांकि, अभी तक इस बात की पक्की जानकारी नहीं मिली है कि एप्पल अपनी अगली आईफोन सीरीज के साथ ही पहले फोल्डेबल आईफोन को भी लॉन्च करेगा या नहीं, लेकिन ऐसा अनुमान लगाया जा रहा है कि इस साल सितंबर के महीने में फोल्डेबल आईफोन का इंतजार खत्म हो सकता है. अगर ऐसा होता है, तो यह एप्पल के इतिहास का एक बड़ा और ऐतिहासिक कदम होगा, जो नए सीईओ के शुरुआती कार्यकाल में आएगा

भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार को लगातार तीसरे दिन रौनक बनी रही. निवेशकों में इस बात को लेकर काफी उत्साह देखा गया कि अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे तनाव में कुछ कमी आ सकती है और आगामी वार्ताओं में युद्धविराम को आगे बढ़ाया जा सकता है. इसी सकारात्मक वैश्विक सं

News Pratyaksh | Updated : Tue 21st Apr 2026, 11:35 am
भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार को लगातार तीसरे दिन रौनक बनी रही. निवेशकों में इस बात को लेकर काफी उत्साह देखा गया कि अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे तनाव में कुछ कमी आ सकती है और आगामी वार्ताओं में युद्धविराम को आगे बढ़ाया जा सकता है. इसी सकारात्मक वैश्विक संकेतों के चलते सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही सूचकांक बढ़त के साथ बंद हुए.कारोबार के अंत में, बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सेंसेक्स 753.03 अंक यानी 0.96 प्रतिशत की छलांग लगाकर 79,273.33 के स्तर पर बंद हुआ. वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी 211.75 अंक यानी 0.87 प्रतिशत बढ़कर 24,576.60 पर पहुंच गया.

स्टैनफोर्ड इंस्टीट्यूट फॉर ह्यूमन-सेंटर्ड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ने एक रिपोर्ट जारी की : इस रिपोर्ट में बताया गया है कि भारत 3.0 के स्कोर के साथ सबसे आगे है. इसका मतलब है कि सदस्यों की प्रोफ़ाइल में AI स्किल्स वैश्विक औसत से लगभग तीन गुना ज़्यादा दिखाई द

News Pratyaksh | Updated : Fri 17th Apr 2026, 12:47 pm
स्टैनफोर्ड इंस्टीट्यूट फॉर ह्यूमन-सेंटर्ड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ने एक रिपोर्ट जारी की : इस रिपोर्ट में बताया गया है कि भारत 3.0 के स्कोर के साथ सबसे आगे है. इसका मतलब है कि सदस्यों की प्रोफ़ाइल में AI स्किल्स वैश्विक औसत से लगभग तीन गुना ज़्यादा दिखाई देती हैं. इसके बाद अमेरिका 2.0 और जर्मनी 1.8 के स्कोर के साथ दूसरे और तीसरे स्थान पर हैं. भारत में, पुरुष महिलाओं की तुलना में 1.5 गुना ज़्यादा दर से अपनी प्रोफ़ाइल में AI स्किल्स का ज़िक्र करते हैं. इससे पता चलता है कि भारतीय यूज़र्स ने अपनी LinkedIn प्रोफ़ाइल में AI स्किल्स को वैश्विक औसत से लगभग तीन गुना ज़्यादा दर से लिस्ट किया है. रिपोर्ट के अनुसार, सर्वे किए गए सभी देशों में भारत में AI को लेकर घबराहट में सबसे ज़्यादा बढ़ोतरी देखी गई. साल 2024 और 2025 के बीच, भारत में AI के इस्तेमाल को लेकर चिंता में सबसे ज़्यादा बढ़ोतरी (+14 प्रतिशत अंक) दर्ज की गई, जबकि इसे लेकर उत्साह में केवल मामूली बढ़ोतरी (+2) हुई. साल 2025 में भारत में AI रिसर्च टैलेंट का सबसे ज़्यादा नेट आउटफ़्लो (-16.9अंक) देखा गया. कनाडा, जहां 2020 के आस-पास मज़बूत इनफ़्लो दिखा था, वहीं साल 2025 तक यह घटकर -7.1 अंक पर आ गया. जर्मनी में भी -2.4 का नेगेटिव नेट फ़्लो देखा गया.साल 2025 में, दुनिया भर में 58 प्रतिशत कर्मचारियों ने बताया कि वे काम पर AI का इस्तेमाल कभी-कभी या नियमित रूप से करते हैं, लेकिन भारत, चीन, नाइजीरिया, संयुक्त अरब अमीरात और सऊदी अरब में, यह हिस्सा 80 प्रतिशत से ज़्यादा था.

इस हफ्ते बड़े स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म पर कई तरह की नई फिल्में और सीरीज आने वाले हैं. नेटफ्लिक्स, अमेजन प्राइम वीडियो जैसे स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म पर फैमिली, कोर्टरूम थ्रिलर से लेकर कोरियन रोमांस तक सब कुछ देखने को मिलेगा. इन सभी रिलीज में से आप अपनी पसंद की क

News Pratyaksh | Updated : Fri 17th Apr 2026, 12:41 pm
इस हफ्ते बड़े स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म पर कई तरह की नई फिल्में और सीरीज आने वाले हैं. नेटफ्लिक्स, अमेजन प्राइम वीडियो जैसे स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म पर फैमिली, कोर्टरूम थ्रिलर से लेकर कोरियन रोमांस तक सब कुछ देखने को मिलेगा. इन सभी रिलीज में से आप अपनी पसंद की कोई भी फिल्म या सीरीज चुन सकते हैं.थिएटिकल रिलीज के बाद तापसी पन्नू की फिल्म अस्सी ओटीटी पर गई है. इस फिल्म में तापसी ने एक वकील, जिसका नाम रावी होता है, का किरदार निभाया है. अनुभव सिन्हा का यह कोर्टरूम ड्रामा एक रेप पीड़िता, परिमा की कहानी है, जो दिल्ली में एक स्कूल टीचर है. यह फिल्म ट्रॉमा, सिस्टम की नाइंसाफी को दर्शाती है. ये दोनों औरतें एक भ्रष्ट सिस्टम के ख़िलाफ एक मुश्किल कानूनी लड़ाई लड़ती हैं.यह क्राइम ड्रामा 1960 के दशक के मुंबई पर आधारित है. इसमें विजय वर्मा ने ब्रज भट्टी का किरदार निभाया है, जो एक कपास व्यापारी है और एक अवैध जुआ रैकेट शुरू करता है, जिसके चलते वह अपना एक आपराधिक साम्राज्य खड़ा कर लेता है. इसी वजह से उसे मटका नाम मिलता है.'दो दीवाने शहर में' एक रोमांटिक ड्रामा है, जिसमें सिद्धांत चतुर्वेदी और मृणाल ठाकुर मुख्य भूमिका में हैं. ये दोनों ऐसे दो लोगों का किरदार निभा रहे हैं जो एक रोमांटिक रिश्ता बनाने की कोशिश करते हुए अपने मन के अंदरूनी शक से जूझते हैं. यह फ़िल्म दिखाती है कि लोग अपने मॉर्डन रिलेशनशिप के पैटर्न के जरिए किस तरह इमोशनल वीकनेस को महसूस करते है.

बाजार की जोरदार क्लोजिंग, सेंसेक्स 504 अंक चढ़कर 78,493 पर बंद, निफ्टी 24,350 के पार : भारतीय शेयर बाजार शुक्रवार को मजबूती के साथ बंद हुए. वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव कम होने की उम्मीद और घरेलू स्तर पर खरीदारी के चलते बेंचमार्क इंडेक्स निफ्टी और सेंस

News Pratyaksh | Updated : Fri 17th Apr 2026, 12:40 pm
बाजार की जोरदार क्लोजिंग, सेंसेक्स 504 अंक चढ़कर 78,493 पर बंद, निफ्टी 24,350 के पार : भारतीय शेयर बाजार शुक्रवार को मजबूती के साथ बंद हुए. वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव कम होने की उम्मीद और घरेलू स्तर पर खरीदारी के चलते बेंचमार्क इंडेक्स निफ्टी और सेंसेक्स बढ़त के साथ बंद होने में सफल रहे. निवेशकों ने इस सप्ताहांत होने वाली अमेरिका और ईरान के बीच दूसरे दौर की बातचीत से पहले 'रुको और देखो' की नीति अपनाते हुए रक्षात्मक शेयरों में निवेश किया.सत्र के अंत में, बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सेंसेक्स 504.86 अंक (0.65%) बढ़कर 78,493.54 पर बंद हुआ. वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी 156.80 अंक (0.65%) की बढ़त के साथ 24,353.55 के स्तर पर पहुंच गया. बाजार में आज चौतरफा खरीदारी देखने को मिली, जिसका नेतृत्व मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स ने किया. निफ्टी मिडकैप में 1.27% और स्मॉलकैप में 1.48% की शानदार तेजी दर्ज की गई.बाजार में आई इस तेजी के पीछे सबसे बड़ा कारण मध्य पूर्व से आ रही सकारात्मक खबरें हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस बयान ने निवेशकों का उत्साह बढ़ाया, जिसमें उन्होंने कहा कि ईरान के साथ संघर्ष जल्द ही समाप्त हो सकता है. इसके साथ ही, इजरायल और लेबनान के बीच 10 दिनों के संघर्ष विराम (ceasefire) की घोषणा को तनाव कम करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है.

सुप्रीम कोर्ट नेबॉम्बे हाई कोर्ट के आदेश को चुनौती देने वाली अनिल अंबानी की याचिका पर सुनवाई करने से मना कर दिया : सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को उद्योगपति अनिल अंबानी की उन याचिकाओं पर सुनवाई करने से मना कर दिया, जिनमें बॉम्बे हाई कोर्ट के उस आदेश को चुनौत

News Pratyaksh | Updated : Thu 16th Apr 2026, 01:07 pm
सुप्रीम कोर्ट नेबॉम्बे हाई कोर्ट के आदेश को चुनौती देने वाली अनिल अंबानी की याचिका पर सुनवाई करने से मना कर दिया : सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को उद्योगपति अनिल अंबानी की उन याचिकाओं पर सुनवाई करने से मना कर दिया, जिनमें बॉम्बे हाई कोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी गई थी, जिसमें बैंकों ने उनके और रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड के खिलाफ उनके बैंक अकाउंट्स को फ्रॉड के तौर पर क्लासिफाई करने के लिए शुरू की गई कार्रवाई को जारी रखने की इजाजत दी थी.यह मामला सीजेआई सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल एम पंचोली की बेंच के सामने आया.बेंच ने अंबानी को खाते को फ्रॉड घोषित करने के लिए बैंकों के कारण बताओ नोटिस के खिलाफ हाई कोर्ट की सिंगल जज बेंच के सामने अपनी याचिका आगे बढ़ाने की इजाजत दे दी.बेंच ने सिंगल जज बेंच से कहा कि वह तीन बैंकों द्वारा जारी किए गए कारण बताओ नोटिस के खिलाफ अंबानी की याचिका पर जल्द फैसला करे.सुनवाई के दौरान, अंबानी की तरफ से (बैंक ऑफ बड़ौदा के खिलाफ याचिका में) वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने कहा कि अंतरिम राहत को इस तरह से वापस नहीं लिया जा सकता, क्योंकि धोखाधड़ी वर्गीकरण एक तरह से "सिविल डेथ" जैसा होगा.हालांकि, बेंच ने बताया कि सीबीआई और ईडी की जांच, फंड की कथित हेराफेरी के सिलसिले में अंबानी के खिलाफ चल रही है. सिब्बल ने कहा कि जांच साथ-साथ चल सकती है, लेकिन उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि धोखाधड़ी वर्गीकरण में दखल देना होगा और धोखाधड़ी वर्गीकरण से पहले खाते का सही ऑडिट नहीं हुआ था. यह तर्क दिया गया कि किया गया ऑडिट कानूनी नियमों को पूरा करने वाला ऑडिट नहीं था, क्योंकि संस्था आरबीआई के मास्टर निर्देश 2024 के हिसाब से क्वालिफाइड नहीं थी. बेंच ने हाई कोर्ट के आदेश में दखल देने में अपनी अनिच्छा जताई.
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