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#newspratyaksh #sharemarket सोमवार को सप्ताह के पहले कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार में जबरदस्त रिकवरी देखने को मिली. पिछले तीन दिनों की गिरावट पर विराम लगाते हुए बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी करीब 0.6 प्रतिशत की बढ़त के साथ खुले. वैश्विक बाजारों म

News Pratyaksh | Updated : Mon 27th Apr 2026, 12:33 pm
#newspratyaksh #sharemarket सोमवार को सप्ताह के पहले कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार में जबरदस्त रिकवरी देखने को मिली. पिछले तीन दिनों की गिरावट पर विराम लगाते हुए बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी करीब 0.6 प्रतिशत की बढ़त के साथ खुले. वैश्विक बाजारों में सकारात्मक रुख और घरेलू स्तर पर कुछ महत्वपूर्ण कारोबारी समझौतों ने निवेशकों के उत्साह को बढ़ाने का काम किया.शुरुआती कारोबार में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सेंसेक्स 457 अंक (0.59%) उछलकर 77,121.97 के स्तर पर पहुंच गया. वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी 150 अंकों (0.62%) की बढ़त के साथ 24,047 के पार निकल गया. बाजार की शुरुआत तो मामूली बढ़त के साथ हुई थी, लेकिन देखते ही देखते लिवाली (buying) तेज हो गई.आज के कारोबार में सबसे ज्यादा चमक रियल्टी (2%) और फार्मा (1.75%) सेक्टर में देखी जा रही है. फार्मा सेक्टर में तेजी की मुख्य वजह सन फार्मा द्वारा अमेरिकी कंपनी ऑर्गनन (Organon) के अधिग्रहण की घोषणा है. यह डील करीब 11.75 अरब डॉलर की है, जिसने निवेशकों के भरोसे को मजबूती दी है. इसके अलावा आईटी, ऑटो और सरकारी बैंकिंग शेयरों में भी अच्छी खरीदारी हो रही है.

वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में अस्थिरता के बीच बुधवार को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत सुस्ती के साथ हुई. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे नाजुक युद्धविराम को अनिश्चित काल के लिए बढ़ाने की घोषणा के ब

News Pratyaksh | Updated : Wed 22nd Apr 2026, 11:07 am
वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में अस्थिरता के बीच बुधवार को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत सुस्ती के साथ हुई. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे नाजुक युद्धविराम को अनिश्चित काल के लिए बढ़ाने की घोषणा के बावजूद निवेशकों में उत्साह की कमी दिखी.कारोबार के शुरुआती घंटों में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स करीब 0.62 प्रतिशत या 500 अंकों की गिरावट के साथ 78,779 के स्तर पर आ गया. वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी 50 भी 142.2 अंक (0.57%) फिसलकर 24,434 के स्तर पर कारोबार करता देखा गया. बाजार में इस गिरावट का मुख्य कारण आईटी, बैंकिंग और हेल्थकेयर सेक्टर में देखी जा रही भारी बिकवाली है.बाजार में विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की लगातार बिकवाली जारी है. मंगलवार को FIIs ने ₹1,919 करोड़ के शेयर बेचे, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने ₹2,221 करोड़ की खरीदारी कर बाजार को संभालने की कोशिश की.

अगर आप टेक वर्ल्ड की ख़बरों पर नज़र रखते हैं तो अभी तक आपको पता चल गया होगा कि आईफोन बनाने वाली दुनिया की दिग्गज टेक कंपनियों में से एक एप्पल की सीईओ बदलने वाले हैं. पिछले कई सालों से एप्पल के सीईओ टिम कुक थे, लेकिन 1 सितंबर 2026 से एप्पल के सीईओ John Ter

News Pratyaksh | Updated : Wed 22nd Apr 2026, 11:06 am
अगर आप टेक वर्ल्ड की ख़बरों पर नज़र रखते हैं तो अभी तक आपको पता चल गया होगा कि आईफोन बनाने वाली दुनिया की दिग्गज टेक कंपनियों में से एक एप्पल की सीईओ बदलने वाले हैं. पिछले कई सालों से एप्पल के सीईओ टिम कुक थे, लेकिन 1 सितंबर 2026 से एप्पल के सीईओ John Ternus होंगे. एप्पल ने आधिकारिक तौर पर इसका ऐलान कर दिया है. अब एप्पल के नए सीईओ अपनी नई जिम्मेदारियां लेकर आएंगे. दिलचस्प बात यह है कि उनका कार्यकाल शुरू होते ही एप्पल का सबसे बड़ा सालाना लॉन्च इवेंट होने वाला है, जहां कई नए प्रोडक्ट्स पेश किए जा सकते हैं. आइए हम आपको बताते हैं कि एप्पल के नए सीईओ के शुरुआती दौर में एप्पल कौन-कौन से प्रोडक्ट्स लॉन्च कर सकता है. इसमें सबसे ज्यादा चर्चा आईफोन की नई सीरीज को लेकर है, जो उनके द्वारा अपना पद संभालने के तुरंत बाद लॉन्च होगी. इस बार एप्पल कुछ बड़े बदलावों के साथ नए मॉडल्स को पेश कर सकता है, जिसमें सबसे ज्यादा चर्चा फोल्डेबल फोन्स की हो रही है. हालांकि, अभी तक इस बात की पक्की जानकारी नहीं मिली है कि एप्पल अपनी अगली आईफोन सीरीज के साथ ही पहले फोल्डेबल आईफोन को भी लॉन्च करेगा या नहीं, लेकिन ऐसा अनुमान लगाया जा रहा है कि इस साल सितंबर के महीने में फोल्डेबल आईफोन का इंतजार खत्म हो सकता है. अगर ऐसा होता है, तो यह एप्पल के इतिहास का एक बड़ा और ऐतिहासिक कदम होगा, जो नए सीईओ के शुरुआती कार्यकाल में आएगा

भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार को लगातार तीसरे दिन रौनक बनी रही. निवेशकों में इस बात को लेकर काफी उत्साह देखा गया कि अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे तनाव में कुछ कमी आ सकती है और आगामी वार्ताओं में युद्धविराम को आगे बढ़ाया जा सकता है. इसी सकारात्मक वैश्विक सं

News Pratyaksh | Updated : Tue 21st Apr 2026, 11:35 am
भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार को लगातार तीसरे दिन रौनक बनी रही. निवेशकों में इस बात को लेकर काफी उत्साह देखा गया कि अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे तनाव में कुछ कमी आ सकती है और आगामी वार्ताओं में युद्धविराम को आगे बढ़ाया जा सकता है. इसी सकारात्मक वैश्विक संकेतों के चलते सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही सूचकांक बढ़त के साथ बंद हुए.कारोबार के अंत में, बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सेंसेक्स 753.03 अंक यानी 0.96 प्रतिशत की छलांग लगाकर 79,273.33 के स्तर पर बंद हुआ. वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी 211.75 अंक यानी 0.87 प्रतिशत बढ़कर 24,576.60 पर पहुंच गया.

स्टैनफोर्ड इंस्टीट्यूट फॉर ह्यूमन-सेंटर्ड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ने एक रिपोर्ट जारी की : इस रिपोर्ट में बताया गया है कि भारत 3.0 के स्कोर के साथ सबसे आगे है. इसका मतलब है कि सदस्यों की प्रोफ़ाइल में AI स्किल्स वैश्विक औसत से लगभग तीन गुना ज़्यादा दिखाई द

News Pratyaksh | Updated : Fri 17th Apr 2026, 12:47 pm
स्टैनफोर्ड इंस्टीट्यूट फॉर ह्यूमन-सेंटर्ड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ने एक रिपोर्ट जारी की : इस रिपोर्ट में बताया गया है कि भारत 3.0 के स्कोर के साथ सबसे आगे है. इसका मतलब है कि सदस्यों की प्रोफ़ाइल में AI स्किल्स वैश्विक औसत से लगभग तीन गुना ज़्यादा दिखाई देती हैं. इसके बाद अमेरिका 2.0 और जर्मनी 1.8 के स्कोर के साथ दूसरे और तीसरे स्थान पर हैं. भारत में, पुरुष महिलाओं की तुलना में 1.5 गुना ज़्यादा दर से अपनी प्रोफ़ाइल में AI स्किल्स का ज़िक्र करते हैं. इससे पता चलता है कि भारतीय यूज़र्स ने अपनी LinkedIn प्रोफ़ाइल में AI स्किल्स को वैश्विक औसत से लगभग तीन गुना ज़्यादा दर से लिस्ट किया है. रिपोर्ट के अनुसार, सर्वे किए गए सभी देशों में भारत में AI को लेकर घबराहट में सबसे ज़्यादा बढ़ोतरी देखी गई. साल 2024 और 2025 के बीच, भारत में AI के इस्तेमाल को लेकर चिंता में सबसे ज़्यादा बढ़ोतरी (+14 प्रतिशत अंक) दर्ज की गई, जबकि इसे लेकर उत्साह में केवल मामूली बढ़ोतरी (+2) हुई. साल 2025 में भारत में AI रिसर्च टैलेंट का सबसे ज़्यादा नेट आउटफ़्लो (-16.9अंक) देखा गया. कनाडा, जहां 2020 के आस-पास मज़बूत इनफ़्लो दिखा था, वहीं साल 2025 तक यह घटकर -7.1 अंक पर आ गया. जर्मनी में भी -2.4 का नेगेटिव नेट फ़्लो देखा गया.साल 2025 में, दुनिया भर में 58 प्रतिशत कर्मचारियों ने बताया कि वे काम पर AI का इस्तेमाल कभी-कभी या नियमित रूप से करते हैं, लेकिन भारत, चीन, नाइजीरिया, संयुक्त अरब अमीरात और सऊदी अरब में, यह हिस्सा 80 प्रतिशत से ज़्यादा था.

इस हफ्ते बड़े स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म पर कई तरह की नई फिल्में और सीरीज आने वाले हैं. नेटफ्लिक्स, अमेजन प्राइम वीडियो जैसे स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म पर फैमिली, कोर्टरूम थ्रिलर से लेकर कोरियन रोमांस तक सब कुछ देखने को मिलेगा. इन सभी रिलीज में से आप अपनी पसंद की क

News Pratyaksh | Updated : Fri 17th Apr 2026, 12:41 pm
इस हफ्ते बड़े स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म पर कई तरह की नई फिल्में और सीरीज आने वाले हैं. नेटफ्लिक्स, अमेजन प्राइम वीडियो जैसे स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म पर फैमिली, कोर्टरूम थ्रिलर से लेकर कोरियन रोमांस तक सब कुछ देखने को मिलेगा. इन सभी रिलीज में से आप अपनी पसंद की कोई भी फिल्म या सीरीज चुन सकते हैं.थिएटिकल रिलीज के बाद तापसी पन्नू की फिल्म अस्सी ओटीटी पर गई है. इस फिल्म में तापसी ने एक वकील, जिसका नाम रावी होता है, का किरदार निभाया है. अनुभव सिन्हा का यह कोर्टरूम ड्रामा एक रेप पीड़िता, परिमा की कहानी है, जो दिल्ली में एक स्कूल टीचर है. यह फिल्म ट्रॉमा, सिस्टम की नाइंसाफी को दर्शाती है. ये दोनों औरतें एक भ्रष्ट सिस्टम के ख़िलाफ एक मुश्किल कानूनी लड़ाई लड़ती हैं.यह क्राइम ड्रामा 1960 के दशक के मुंबई पर आधारित है. इसमें विजय वर्मा ने ब्रज भट्टी का किरदार निभाया है, जो एक कपास व्यापारी है और एक अवैध जुआ रैकेट शुरू करता है, जिसके चलते वह अपना एक आपराधिक साम्राज्य खड़ा कर लेता है. इसी वजह से उसे मटका नाम मिलता है.'दो दीवाने शहर में' एक रोमांटिक ड्रामा है, जिसमें सिद्धांत चतुर्वेदी और मृणाल ठाकुर मुख्य भूमिका में हैं. ये दोनों ऐसे दो लोगों का किरदार निभा रहे हैं जो एक रोमांटिक रिश्ता बनाने की कोशिश करते हुए अपने मन के अंदरूनी शक से जूझते हैं. यह फ़िल्म दिखाती है कि लोग अपने मॉर्डन रिलेशनशिप के पैटर्न के जरिए किस तरह इमोशनल वीकनेस को महसूस करते है.