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30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स बड़ी गिरावट के साथ 78543.73 अंक पर खुला था

News Pratyaksh | Updated : Mon 02nd Mar 2026, 11:41 am
30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स बड़ी गिरावट के साथ 78543.73 अंक पर खुला था. शुक्रवार को यह 81,287 पर बंद हुआ था. इसी तरह, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी-50 भी बड़ी गिरावट लेकर 24,659.25 पर खुला.पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने के बीच निवेशकों की धारणा प्रभावित होने से स्थानीय शेयर बाजार में सोमवार को तेज गिरावट आई और बीएसई सेंसेक्स 1,048 अंक का गोता लगा गया जबकि एनएसई निफ्टी 575 अंक के नुकसान में रहा. वैश्विक बाजारों में कमजोर रुख और विदेशी संस्थागत निवेशकों की भारी पूंजी निकासी से भी निवेशकों की धारणा पर प्रतिकूल असर पड़ा.तीस शेयरों पर आधारित बीएसई सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 2,743.46 अंक यानी 3.37 प्रतिशत टूटकर 78,543.73 पर आ गया था. बाद में यह 1,048.34 अंक यानी 1.29 प्रतिशत की गिरावट के साथ 80,238.85 अंक पर बंद हुआ.इसी तरह, कारोबार के दौरान 50 शेयरों वाला एनएसई निफ्टी 575.15 अंक यानी 2.28 प्रतिशत का गोता लगाकर 24,603.50 अंक पर आ गया था। बाद में यह 312.95 अंक यानी 1.24 प्रतिशत की गिरावट के साथ 24,865.70 अंक पर बंद हुआ.

दूसरे हाफ़ में भोजन अवकाश के बाद वित्तीय कार्य होगा. आज ग्रामीण कार्य विभाग, सहकारिता विभाग, पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, गन्ना उद्योग विभाग और डेयरी संसाधन विभाग के अनुदान मांगों पर चर्चा होगी. जिसमें ग्रामीण कार्य विभाग के बजट पर चर्चा के बाद स

News Pratyaksh | Updated : Wed 18th Feb 2026, 12:37 pm
दूसरे हाफ़ में भोजन अवकाश के बाद वित्तीय कार्य होगा. आज ग्रामीण कार्य विभाग, सहकारिता विभाग, पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, गन्ना उद्योग विभाग और डेयरी संसाधन विभाग के अनुदान मांगों पर चर्चा होगी. जिसमें ग्रामीण कार्य विभाग के बजट पर चर्चा के बाद सरकार के तरफ से उत्तर होगा. मंत्री अशोक चौधरी सवाल का जवाब देंगे. विधानसभा से सरकार ग्रामीण कार्य विभाग का बजट पास करायेगी.साथ ही विधानसभा की विभिन्न समितियां की तरफ से सदन पटल पर प्रतिवेदन भी रखा जाएगा.

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा जारी साप्ताहिक आंकड़ों के अनुसार, 6 फरवरी 2026 को समाप्त हुए सप्ताह में भारत के विदेशी मुद्रा भंडार

News Pratyaksh | Updated : Sat 14th Feb 2026, 12:51 pm
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा जारी साप्ताहिक आंकड़ों के अनुसार, 6 फरवरी 2026 को समाप्त हुए सप्ताह में भारत के विदेशी मुद्रा भंडार (Foreign Exchange Reserves) में 6.711 अरब डॉलर की बड़ी गिरावट दर्ज की गई है. इस कमी के बाद देश का कुल विदेशी मुद्रा भंडार घटकर 717.064 अरब डॉलर रह गया है.गौरतलब है कि इससे ठीक पिछले सप्ताह भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 14.361 अरब डॉलर की जबरदस्त बढ़त के साथ 723.774 अरब डॉलर के अपने अब तक के उच्चतम स्तर (All-time high) पर पहुंच गया था. एक ही सप्ताह के भीतर भंडार में आई यह गिरावट बाजार विशेषज्ञों के लिए चर्चा का विषय बनी हुई है.केंद्रीय बैंक द्वारा शुक्रवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक, इस गिरावट का सबसे प्रमुख कारण स्वर्ण भंडार (Gold Reserves) के मूल्य में आई कमी है. समीक्षाधीन सप्ताह के दौरान भारत के स्वर्ण भंडार का मूल्य 14.208 अरब डॉलर घटकर 123.476 अरब डॉलर रह गया. बाजार विश्लेषकों का मानना है कि वैश्विक बाजारों में सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर परिसंपत्तियों के पुनर्मूल्यांकन के कारण यह बड़ा बदलाव देखने को मिला है.आर्थिक विशेषज्ञों के अनुसार, विदेशी मुद्रा भंडार में यह उतार-चढ़ाव मुख्य रूप से वैश्विक स्तर पर सोने की कीमतों में बदलाव और विदेशी मुद्रा बाजार में रुपये की स्थिति को संभालने के लिए केंद्रीय बैंक द्वारा किए गए हस्तक्षेपों के कारण हो सकता है. भारी गिरावट के बावजूद, भारत का विदेशी मुद्रा भंडार अभी भी वैश्विक स्तर पर बेहद मजबूत स्थिति में बना हुआ है, जो देश की अर्थव्यवस्था को बाहरी झटकों से सुरक्षा प्रदान करता है.

भारतीय शेयर बाजार के लिए पिछला हफ्ता काफी उथल-पुथल भरा रहा. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को लेकर वैश्विक स्तर पर बढ़ी चिंताओं और कमजोर विदेशी संकेतों के चलते भारतीय बाजारों ने करीब 1 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की. इस गिरावट का सबसे बड़ा असर IT सेक्टर पर देखने को

News Pratyaksh | Updated : Sat 14th Feb 2026, 12:46 pm
भारतीय शेयर बाजार के लिए पिछला हफ्ता काफी उथल-पुथल भरा रहा. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को लेकर वैश्विक स्तर पर बढ़ी चिंताओं और कमजोर विदेशी संकेतों के चलते भारतीय बाजारों ने करीब 1 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की. इस गिरावट का सबसे बड़ा असर IT सेक्टर पर देखने को मिला, जो AI के बढ़ते प्रभाव के कारण भविष्य की चुनौतियों से डरा हुआ है.शुक्रवार को हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन बाजार में भारी बिकवाली हुई. सेंसेक्स (Sensex) 1,048 अंक या 1.25 प्रतिशत लुढ़ककर 82,626 के स्तर पर बंद हुआ. पूरे सप्ताह के आधार पर इसमें 1.14 प्रतिशत की गिरावट आई. वहीं, निफ्टी (Nifty) शुक्रवार को 1.30 प्रतिशत गिरकर 25,471 पर आ गया, जबकि साप्ताहिक आधार पर इसमें 0.87 प्रतिशत की कमी देखी गई.बाजार में इस गिरावट की मुख्य वजह अमेरिकी शेयर बाजार (वॉल स्ट्रीट) में AI से जुड़ी चिंताओं के कारण आई बिकवाली है. निवेशकों को डर है कि AI की तेजी से होती प्रगति भारतीय IT कंपनियों के पारंपरिक बिजनेस मॉडल को नुकसान पहुँचा सकती है. निफ्टी IT इंडेक्स इस हफ्ते 10 महीने के निचले स्तर तक पहुँच गया. हालांकि, अंत में कुछ खरीदारी से इसमें सुधार हुआ, लेकिन भविष्य में कमाई को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है.

बुधवार, 4 फरवरी 2026 को भारतीय शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव भरा कारोबार रहा, लेकिन अंत में यह मामूली बढ़त के साथ बंद होने में सफल रहा. आईटी शेयरों में भारी बिकवाली के बावजूद ऑटो और तेल एवं गैस शेयरों में आई खरीदारी ने बाजार को संभाला.बीएसई सेंसेक्स (BSE Sens

News Pratyaksh | Updated : Wed 04th Feb 2026, 01:23 pm
बुधवार, 4 फरवरी 2026 को भारतीय शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव भरा कारोबार रहा, लेकिन अंत में यह मामूली बढ़त के साथ बंद होने में सफल रहा. आईटी शेयरों में भारी बिकवाली के बावजूद ऑटो और तेल एवं गैस शेयरों में आई खरीदारी ने बाजार को संभाला.बीएसई सेंसेक्स (BSE Sensex): आज 78.56 अंक (0.09%) की बढ़त के साथ 83,817.69 पर बंद हुआ. एनएसई निफ्टी (NSE Nifty 50): 48.45 अंक (0.19%) की मजबूती के साथ 25,776 के स्तर पर रहा. वहीं, डॉलर के मुकाबले रुपये में आज कमजोरी देखी गई. यह 9 पैसे गिरकर 90.41 प्रति डॉलर पर बंद हुआ          

कोटक महिंद्रा के निलेश शाह ने रखीं 3 बड़ी उम्मीदें; इंफ्रा निवेश और गोल्ड मोनेटाइजेशन पर जोर

News Pratyaksh | Updated : Thu 29th Jan 2026, 11:13 am
कोटक महिंद्रा के निलेश शाह ने रखीं 3 बड़ी उम्मीदें; इंफ्रा निवेश और गोल्ड मोनेटाइजेशन पर जोर नई दिल्ली: कोटक महिंद्रा एसेट मैनेजमेंट कंपनी (AMC) के एमडी निलेश शाह ने आगामी केंद्रीय बजट 2026 को लेकर सरकार के सामने तीन मुख्य प्राथमिकताएं रखी हैं, जिन्हें बाजार भी सकारात्मक रूप से देखेगा.शाह के अनुसार, सरकार को सबसे पहले इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च बढ़ाना चाहिए. इस निवेश को फंड करने के लिए, उन्होंने सुझाव दिया कि सरकार केवल टैक्स पर निर्भर न रहे, बल्कि एसेट मोनेटाइजेशन और रणनीतिक विनिवेश जैसे नए स्रोतों से राजस्व जुटाए. उनकी तीसरी और सबसे अनूठी उम्मीद गोल्ड मोनेटाइजेशन स्कीम है. शाह ने कहा कि लोगों की तिजोरियों में पड़े बेकार सोने-चांदी को बाजार में लाने के लिए 'आउट-ऑफ-द-बॉक्स' सोच अपनानी चाहिए. अगर सरकार इन तीनों बिंदुओं—इंफ्रा निवेश, राजस्व के नए स्रोत और राजकोषीय अनुशासन—पर मजबूती से आगे बढ़ती है, तो बाजार इस बजट का जोरदार स्वागत करेगा.